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शिमला नगर निगम का ऑफर- 'आवारा कुत्तों को गोद लें, फ्री पार्किंग की सुविधा पाएं'

Gulwant Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: November 18, 2019, 8:53 PM IST
शिमला नगर निगम का ऑफर- 'आवारा कुत्तों को गोद लें, फ्री पार्किंग की सुविधा पाएं'
आवारा कुत्तों को गोद लेने वालों को नगर निगम शिमला करेगा सम्मानित

नगर निगम मेयर कुसुम सदरेट ने बताया कि शिमला शहर में आवारा कुत्तों के आतंक को कम करने के लिए निगम ने नया फार्मूला ढूंढ निकाला है. इसके तहत शहरवासी निगम की कई सेवाओं का मुफ्त में लाभ ले सकते हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आवारा कुत्तों (Stray Dogs) के आतंक को कम करने के लिए नगर निगम (Municipal Corporation Shimla) ने एक बड़ा ऑफर दिया है. शहर में आवारा घूम रहे कुत्ते को गोद लीजिए और कूड़ा शुल्क में छूट (No bill for Garbage) के साथ एक गाड़ी की पार्किंग भी फ्री (Free Vehicle Parking) में पाइए. आवारा कुत्तों को गोद लेने वाले लोगों को नगर निगम शिमला सम्मानित भी करेगा. निगम के इस फैसले के बाद अब तक 10 लोगों ने आवारा कुत्तों को पालने के लिए हामी भर दी है. उन्होंने इसके लिए आवेदन भी कर दिया है. नगर निगम शिमला इन सभी को इस माह होने वाली मासिक बैठक में सम्मानित भी करेगा.

दस लोगों ने आवेदन किया
नगर निगम मेयर कुसुम सदरेट ने बताया कि शिमला शहर में आवारा कुत्तों के आतंक को कम करने के लिए निगम ने नया फार्मूला ढूंढ निकाला है. इसके तहत शहरवासी निगम की कई सेवाओं का मुफ्त में लाभ ले सकते हैं. उन्होंने कहा कि नए फार्मूले के तहत एक तरफ जहां शहर में कुत्तों का आतंक कम होगा, वहीं आवारा कुत्तों को एक ठिकाना भी मिल पाएगा. उन्होंने बताया कि अब तक आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए दस लोगों ने आवेदन किया है, जिन्हें जल्द कुत्ते दिए जाएंगे. इन लोगों को कूड़े के बिल और शहर में एक गाड़ी की पार्किंग फ्री में दी जाएगी.

मेयर ने बताया कि डोनेट करने से पहले कुत्तों के कान और गले में टैगिंग और पट्टा लगाया जाएगा.


कुत्तों के गले में लगाया जाएगा पट्टा
मेयर ने बताया कि डोनेट करने से पहले कुत्तों के कान और गले में टैगिंग और पट्टा लगाया जाएगा. इस पर रजिस्ट्रेशन नम्बर अंकित किया जाएगा, ताकि डोनेट करने के बाद कुत्ते के मालिक की जानकारी भी निगम में रह सके. उन्होंने बताया कि निगम इस माह की मासिक बैठक में कुत्तों को गोद लेने वालों को सम्मानित करने जा रहा है. यदि योजना कामयाब रहती है तो इससे शहर में न सिर्फ लावारिस कुत्तों की संख्या कम होगी बल्कि इनके काटने के मामले भी कम हो जाएंगे.

उन्होंने बताया कि अभी शहर में 2000 से ज्यादा लावारिस कुत्ते हैं. हर साल एक हजार से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं. गोद लेने के बाद वार्डों में कुत्तों की संख्या कम होगी और लोगों को इनका खौफ नहीं सताएगा. नगर निगम प्रशासन के अनुसार, अब व्यक्ति के अलावा सामाजिक संस्थाएं भी लावारिस कुत्तों को गोद ले सकेंगी.
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First published: November 18, 2019, 7:31 PM IST
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