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MC Elections in Himachal: BJP को केवल मंडी में बहुमत, कांग्रेस ने जीता सोलन-पालमपुर का दुर्ग

 हिमाचल में नगर निगम के चुनाव.

हिमाचल में नगर निगम के चुनाव.

Municipal Corporations elections in Himachal: हिमाचल प्रदेश में चार नगर निगमों में सात अप्रैल को चुनाव हुए हैं और नतीजे घोषित किए गए हैं. यहां पर भाजपा को आशा के अनुरूप परिणाम नहीं मिला है.

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शिमला. हिमाचल में चार नगर निगमों (Municipal Corporations) मंडी, सोलन, धर्मशाला और पालमपुर के चौंकाने वाले नतीजे आए हैं. कांग्रेस ने दो नगर निगमों पर कब्जा कर लिया है, जबकि भाजपा (Bjp) को मात्र मंडी में ही पूर्ण बहुमत मिला है. बुधवार को प्रदेश के चार नगर निगमों धर्मशाला, मंडी (Mandi), पालमपुर और सोलन में हुए मतदान में कांग्रेस ने प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी को चौंका दिया है. कांग्रेस ने सोलन और पालमपुर (Palampur) नगर निगमों पर कब्जा कर लिया है, जबकि भाजपा मंडी (Mandi) में ही पूर्ण बहुमत हासिल कर पाई, जबकि धर्मशाला में सबसे बड़ी पार्टी बनी है. धर्मशाला में भाजपा को आठ सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस को पांच सीटों पर ही संतोष करना पड़ा है। यहां चार आजाद उम्मीदवार विजयी रहे हैं. मंडी में मुख्यमंत्री (CM) ने भाजपा की लाज बचाते हुए पूर्ण बहुमत दिया है. सबसे बड़ी हार भाजपा को पालमपुर में झेलनी पड़ी है.

शांता के घर में हारी भाजपा
पालमपुर में भाजपा को मात्र दो सीटों पर संतोष करना पड़ा है. यहां कांग्रेस ने उसे करारी मात देते हुए 11 सीटों पर कब्जा कर लिया है. इसके बाद सोलन में भी कांग्रेस ने भाजपा को बड़ा झटका देते हुए पूर्ण बहुमत से नगर निगम पर कब्जा कर लिया है. यहां कांग्रेस ने नौ, भाजपा ने सात तथा एक सीट आजाद उम्मीदवार के खाते में गई है. यहां भाजपा के फायर ब्रांड और किंग मेकर राजीव बिंदल की रणनीति को भी झटका लगा है. भाजपा को सबसे बड़ी हार पालमपुर में देखने को मिली है. यहां एक बार फिर भाजपा की आपसी फूट जगजाहिर हुई है. शांता की रणभूमि में भाजपा को दो सीटें मिलना सबको चौंका रहा है. यहां कांग्रेस ने 11 सीटें झटककर भाजपा को चारों खाने चित किया है. यहां दो आजाद उम्मीदवार विजयी हुए हैं और दोनों भाजपा-कांग्रेस के बागी है.

मंडी में सीएम की लाज बची
मंडी में भाजपा और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सबसे बड़ी राहत मिली है. यहां 17 वार्डों में से 11 में भाजपा, जबकि चार में कांग्रेस जीती है. हालांकि, धर्मशाला में भी भाजपा आठ सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है. यहां वह बहुमत से एक सीट पीछे रह गई. यहां पर चार आजाद उम्मीदवार विजयी रहे हैं, जिनमें से दो कांग्रेस के बागी हैं. यहां भाजपा सत्ता संभाल सकती है, उसे सिर्फ एक पार्षद चाहिए. सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे यह चुनाव भाजपा के लिए खतरे की घंटी साबित हुए हैं.



कांग्रेस भी हैरान
चुनाव नतीजों से कांग्रेस भी हैरान है. धर्मशाला में वह अपनी जीत पक्की मान रही थी, लेकिन सिर्फ पांच सीटें मिली. सोलन में शायद उसने इतनी बड़ी जीत की कल्पना नहीं की थी, यहां उसे नौ सीटें मिली हैं. पालमपुर में तो उसने भाजपा को नाकों चने चबा दिए हैं और 11 सीटें हथियाई हैं. मंडी में कांग्रेस की करारी हार हुई है.
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