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बारिश और धुंध के बीच ऐतिहासिक रिज मैदान पर फहराया तिरंगा, शानदार परेड का आयोजन

बारिश और धुंध के बीच ऐतिहासिक रिज मैदान पर फहराया तिरंगा, शानदार परेड का आयोजन

शिमला में बारिश और धुंध के बीच आजादी के अमृत महोत्सव का आयोजन किया गया.

शिमला में बारिश और धुंध के बीच आजादी के अमृत महोत्सव का आयोजन किया गया.

हिमाचल प्रदेश में आजादी का अमृत महोत्सव धूमधाम से मनाया गया. इस दौरान राजभवन और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में भी झंडारोहण किया गया. स्वतंत्रता सेनानियों की शहादत को याद कर श्रद्धांजलि दी गई.

शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भी स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया. ऐतिहासिक रिज मैदान पर बारिश और धुंध के बीच शहरी विकास मंत्री ने ध्वाजारोहण किया और परेड का आयोजन किया गया. राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने तिरंगा फहराया. इसके अलावा एचपीयू समेत कई जगहों पर आजादी का अमृतमहोत्सव मनाया गया.
रिज मैदान पर आयोजित जिला स्तरीय समारोह की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री सुरेश भारद्वाज ने की. पुलिस और होम गार्ड के जवानों के अलावा एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस और स्काउट एंड गाइड की टुकड़ियां परेड में शामिल हुईं. पुलिस बैंड की धुन पर बारिश के बीच मार्च पास्ट किया गया.
इस मौके पर शहरी विकास मंत्री ने आजादी की लड़ाई में सर्वोच्च बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धाजंलि दी. उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी आजादी के संघर्ष और मूल्यों को समझे इसलिए प्रदेशभऱ में हर घर तिरंगा समेत अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. इसके बाद गेयटी थिएटर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया.

उधर राजभवन में राज्पाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने 76वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया. इस मौके पर राज्यपाल ने राजभवन कर्मियों और स्कूली बच्चों को लड्डू बांटकर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं. आजादी के पर्व पर देशभक्ति पर आधारित सांस्कृति कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया.
ये पहला मौका था, जब राजभवन में विशेष बच्चों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपनी प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया था. बच्चों ने ‘इंसाफ की डगर’, फैंसी ड्रैस, नृत्य और ‘हर घर तिरंगा’ जैसे विषयों पर अपनी दमदार प्रस्तुति से समां बांधा. ऑरकिड प्रेप स्कूल, न्यू शिमला के तहत चलाए जा रहे ‘आरूषि स्कूल ऑफ होप’ के विशेष बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए.

राज्यपाल ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि असंख्य स्वतंत्रता सेनानी अपनी जान की परवाह न करते हुए मातृभूमि के खातिर शहीद हो गए. आज भी पूरा देश इन वीर सपूतों को याद करता है और उनके देशभक्ति के जज़्बे को नमन करता है. उन्होंने कहा कि आगामी 25 वर्षों में हमें किसी न किसी रूप में अपना योगदान देना है और स्वदेशी को अपनाकर देश के विकास में योगदान देना है.

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रो. सत्त प्रकाश बंसल ने ध्वजारोहण किया. इस अवसर पर एचपीयू प्रशासन ने अमर शहीद ग्रेनेडियर नरेश कुमार को सम्मानित किया. यह सम्मान कुलपति ने उनकी मां सत्या देवी जी को प्रदान किया.

अमर शहीद ग्रेनेडियर नरेश कुमार का जन्म 2 मार्च, 1978 को मंडी जिला के कलौहड़ क्षेत्र के गांव धनेश्वरी में हुआ था. शहीद नरेश कुमार मात्र 18 वर्ष की आयु में ग्रेनेडियर रेजिमेंट में भर्ती हुए थे. अपनी सेवाओं के छोटे से अंतराल में ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रर्दशन करते हुए एस.एम. सेना मेडल प्राप्त किया. कारगिल युद्ध के उन्होंने अपनी वीरता और अदम्य साहस का परिचय देते हुए कोलानिल टॉप में 16000 फीट की उंचाई पर दुशमनों के छक्के छुड़ा दिए. 13 जून, 1999 को कारगिल के कोलानिल टॉप में पहाड़ी पर कब्जा कर आगे बढ़ते हुए दुशमन देश के सैनिकों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए. नरेश कुमार अंतिम सांस तक बहादुरी से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए. ऑपरेशन रक्षक के दौरान मात्र 21 वर्ष की आयु में ग्रेनेडियर नरेश कुमार ने इस ऑपरेशन में मातृभूमि के लिए अपना बलिदान दिया.

Tags: Azadi Ka Amrit Mahotsav, Shimla News

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