हिमाचल आने पर अब न रजिस्ट्रेशन और न COVID-19 टेस्ट, टूरिस्ट बोले- अच्छा फैसला
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हिमाचल आने पर अब न रजिस्ट्रेशन और न COVID-19 टेस्ट, टूरिस्ट बोले- अच्छा फैसला
सीएम जयराम ठाकुर ने बड़ा फैसला लिया है. (फाइल फोटो)

हिमाचल सरकार (Himachal Government) के फैसले के मुताबिक, अब पर्यटकों को पंजीकरण नहीं करवाना होगा. कोविड टेस्ट (COVID-19 Test) करवाना भी अनिवार्य नहीं होगा.

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शिमला. हिमाचल में आने के लिए अब किसी तरह की रजिस्ट्रेशन (Registration) नहीं करवानी होगी. सरकार की ओर से प्रदेश के बॉर्डर सभी के लिए खोल दिए गए हैं. मंगलवार को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. सरकार के इस फैसले के बाद अभी तक जो पर्यटक या हिमाचल से प्रदेश में आ रहे थे अब उन्हें पंजीकरण नहीं करवाना होगा. प्रदेश की जनता सरकार के इस फैसले से कुछ मुखर नज़र आई. लोगों का कहना है कि प्रदेश में अब जब कोविड (COVID-19) के मामले बढ़ रहे है तो ऐसे में प्रदेश के अंदर प्रवेश करने वाले लोगों ओर पर्यटकों को पंजीकरण करना जरूरी रखना चाहिए. इसके साथ ही पर्यटकों के लिए कोविड रिपोर्ट को लाना भी अनिवार्य रखना चाहिए था. अगर बिना रिपोर्ट के पर्यटक शिमला या प्रदेश की अन्य जगहों पर घूमने के लिए आ जाते है और अगर वह कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) होते है तो इससे प्रदेश में कोरोना के फैलने का खरता और बढ़ जाएगा.

वहीं पर्यटकों का कहना है कि सरकार की ओर से लिया गया यह फैसला काफी सराहनीय है. इस फैसले से अब पर्यटकों को हिमाचल में आने के लिए किसी भी तरह की रजिस्ट्रेशन और महंगे कोविड टेस्ट कराने में होने वाले झंझट से छुटकारा मिलेगा. वहीं कुछ पर्यटकों का यह कहना है कि रजिस्ट्रेशन की आड़ में परमाणु बॉर्डर पर बैठे कुछ लोग उनसे पैसे लूटने का काम कर रहे थे. यदि कोई पर्यटक रजिस्ट्रेशन के बिना हिमाचल बॉर्डर तक आ जाता है तो उसकी मदद के नाम पर वहां कुछ लोग पर्यटकों को बेवकूफ बना कर हर व्यक्ति से पास बनाने के नाम पर 300 रुपये लूटे रहे है. जल्दी जाने के चक्कर में पर्यटक बेवकूफ भी बन रहे हैं. फिर हिमाचल में आने के बाद जब उन्हें ये मालूम होता है कि पंजीकरण तो फ्री में होता है.

लोगों ने दी ये सलाह





लोगों ने ये भी कहा कि सरकार को इस तरह का कोई प्रावधान यहां रखना चाहिए था कि जो भी लोग यहां आ रहे है उनके लिए कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य हो. सरकार के इस फ़ैसले से भले ही पर्यटकों की आमद प्रदेश में बढ़ जाएगी, लेकिन उससे कोरोना का खतरा भी उतना हो जाएगा. बाहर से आने वाले लोगों को ट्रेस करना मुश्किल हो जाएगा. इस स्थिति में आम लोगों को ही कोरोना से बचाव के लिए एहतियात बरतनी होगी. वहीं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग भले ही सरकार के इस फैसले से राहत महसूस कर रहे है लेकिन उनका भी कहना है कि अभी के समय में प्रदेश में कोविड के हालातों को देखते हुए यह फैसला सही नहीं है.
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सरकार के इस फैसले पर होटल व्यवसायियों का कहना है कि सरकार की यह पहल बेहतर है. मात्र हिमाचल ही एक ऐसा राज्य है जहां बॉडर बंद थे और पंजीकरण आवश्यक था. लेकिन अब हिमाचल के बॉडर खोल दिए गए हैं. होटल एंड रेस्टोरेंट असोसिएशन के अध्यक्ष संजय सूद ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना के मामले अभी बढ़ रहे हैं. ऐसे में होटलियर्स को व्यवस्था बना कर रखना होगा. होटल में ठहरने वाले हर एक पर्यटक का रिकॉर्ड मेंटन करना होगा जिससे कि अगर कोई कोरोना पॉजिटिव मामला आता है तो उसके कॉन्टेक्ट को ट्रेस करने में आसानी होगी.  बता दे की सरकार जब प्रदेश के बॉर्डर नहीं खोले गए थे तो उस समय रेड जोन से जो हिमाचली प्रदेश में आ रहे थे और पर्यटक प्रदेश में 48 घंटे से ज्यादा समय के लिए रुकने आ रहे थे उन्हें कोरोना की नेगिटिव रिपोर्ट लाना आवश्यक किया गया था.
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