हिमाचल: कोरोना-आर्थिक संकट के बीच शिक्षा विभाग ने मंत्री के लिए खरीदी 18 लाख की SUV

हिमाचल शिक्षा विभाग ने मंत्री के लिए नई गाड़ी खरीदी है.
हिमाचल शिक्षा विभाग ने मंत्री के लिए नई गाड़ी खरीदी है.

उच्च शिक्षा निदेशालय ने मंत्री के सुगम सफर के लिए अपने बजट से टाटा हैरियर गाड़ी खरीदी है. शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के पास पहले से ही एक सरकारी फॉर्चूनर और एक इनोवा गाड़ी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 10:13 AM IST
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शिमला. पचास हजार करोड़ रुपये के कर्ज (Loan) तल दबे हिमाचल प्रदेश के नेताओं और अफसरों पर सरकार और पब्लिक के पैसे पर महंगी गाड़ियों में सफर करने का क्रेज है. ताजा मामला शिक्षा विभाग (Education Department) से जुड़ा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षा विभाग मंत्री के लिए कोरोना (Corona Virus) संकट के बीच लाख की नई गाड़ी खरीदी है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना संकट के बीच आर्थिक संकट से गुजर रही प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के लिए 18 लाख रुपये की नई एसयूवी खरीदी है. उच्च शिक्षा निदेशालय ने मंत्री के सुगम सफर के लिए अपने बजट से टाटा हैरियर गाड़ी खरीदी है. शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर के पास पहले से ही एक सरकारी फॉर्चूनर और एक इनोवा गाड़ी है.

जब सुरेश भारद्वाज थे शिक्षा मंत्री



सुरेश भारद्वाज के शिक्षा मंत्री रहते हुए कैबिनेट से नई गाड़ी की खरीद की मंजूरी ली गई थी, लेकिन कोरोना के कारण सुरेश भारद्वाज ने गाड़ी की खरीद नहीं की. अब विभाग बदलने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने नई गाड़ी खरीद ली है. इसी बीच एसयूवी खरीद सवालों के घेरे में है. विभागीय अधिकारियों का तर्क है कि इनोवा गाड़ी पुरानी हो गई है। राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष इसको लेकर प्रस्ताव भेजा गया थी. सरकार ने इनोवा क्रिसटा को खरीदने के लिए मंजूरी दी थी. विभागीय अधिकारियों का यह भी कहना है कि टाटा हैरियर की कीमत इनोवा क्रिसटा से कम है.
1000 हजार का कर्ज

आर्थिक तंगी के चलते प्रदेश सरकार को हर माह करोड़ों रुपये का कर्ज लेना पड़ रहा है. बीते सप्ताह ही सरकार ने एक हजार करोड़ का कर्ज लिया है. जो इसी माह के अंत में सरकार को मिलेगा. हिमाचल प्रदेश पर 50 हजार रुपये से ज्यादा का कर्ज है. ऐसे में सरकार और नेताओं की फिजूलखर्ची पर कोई लगाम नहीं है. वहीं, सरकार आम आदमी पर बोझ बढ़ा रही है. वैसे भी महंगाई चरम पर है.

पहले भी हुआ था विवाद

हाल ही में जलशक्ति मंत्रालय में भी महंगी गाड़ी की खरीद को लेकर विवाद हो चुका है. सरकार ने 25 लाख रुपये की कीमत वाली इनोवो क्रिस्टा की खरीद सब डिवीजन लेवल के अधिकारी के लिए की थी. इस पर काफी हंगामा हुआ था. लक्जरी गाड़ी खरीदने के बाद अफसरों ने करीब एक लाख रुपये खर्च कर वीआईपी नंबर भी लिया था.
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