हिमाचल में एंट्री के लिए फिर सख्ती, अब सभी को नहीं मिलेगा ‘E-Pass’
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हिमाचल में एंट्री के लिए फिर सख्ती, अब सभी को नहीं मिलेगा ‘E-Pass’
हिमाचल में कोरोना वायरस के मामले.

बता दें कि हिमाचल में कोरोना वायरस के कुल मामले 754 हो गए हैं. सोमवार को 24 घंटे में 81 केस रिपोर्ट हुए हैं. वहीं, तीन दिन में 100 से ज्यादा केस सामने आए हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में एंट्री पर अब सख्ती की गई है. कोरोना के बढ़ते मामलों चलते अब ई-पास नियमों में बदवाल किया गया है. अब केवल डेथ (Death) या मेडिकल इमरजैंसी (Medical Emergency) पर ही ई-पास दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने शिमला में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि देश के विभिन्न भागों में फंसे तथा हिमाचल आने के इच्छुक लोगों को संबंधित उपायुक्तों के समक्ष ऑनलाइन आवेदन करने के उपरांत पूरी जांच के बाद ही प्रदेश में आने दिया जाएगा.

तीन दिन में 100 केस
जय राम ठाकुर ने कहा कि उपायुक्तों को अपने क्षेत्राधिकार में किसी भी संस्थान को कोविड केयर केंद्र घोषित करने का अधिकार दिया गया है, ताकि संबंधित जिलों में कोविड-19 मरीजों को सुविधा प्रदान की जा सके. उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले तीन दिनों में कोरोना के 100 नए मामले आए हैं, जो चिंता का विषय है. राज्य सरकार द्वारा देश के विभिन्न भागों में फंसे दो लाख लोगों को वापिस लाया गया है. राज्य में केवल मृत्यु या बीमारी की स्थिति में ही लोगों को ई-पास प्रदान किए जाने चाहिए.
जानकारी छुपाने पर सख्त कार्रवाई
जय राम ठाकुर ने कहा कि होम क्वांरटीन तंत्र को अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए तथा ऐसे लोगों पर लगातार निगरानी रखकर उनका घर पर ही रहना सुनिश्चित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि संस्थागत क्वांरटीन की अधिक सुविधाएं सृजित की जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्तों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य में आने वाले लोग अपने ई-पास में न केवल अपने गंतव्य स्थान, बल्कि अपने प्रारम्भिक स्थान का नाम भी दर्ज करवाएं. उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हो तो संस्थागत क्वांरटीन के लिए स्कूलों का भी उपयोग होना चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए, जो क्वारन्टीन नियमों का उल्लंघन करते हैं तथा अपने प्रारम्भिक स्थान को छुपाते हैं.



रेड जोन से आने वालों के सैंपल
उन्होंने कहा कि जो लोग रेड जोन शहरों से आ रहे हंै, उन्हें संस्थागत क्वारन्टीन में रखना चाहिए तथा इसके चार-पांच दिन के बाद उनकी कोविड जांच की जानी चाहिए तथा जांच रिपोर्ट नकारात्मक आने के बाद ही उन्हें होम क्वांरटीन के लिए घर जाने की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए. बता दें कि हिमाचल में कोरोना वायरस के कुल मामले 754 हो गए हैं. सोमवार को 24 घंटे में 81 केस रिपोर्ट हुए हैं.
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