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दिल्ली सरकार को खूब कोसा, लेकिन हिमाचल में 9850 मेधावियों को अब भी लैपटॉप का इंतजार
Shimla News in Hindi

Ranbir Singh | News18 Madhya Pradesh
Updated: February 10, 2020, 12:38 PM IST
दिल्ली सरकार को खूब कोसा, लेकिन हिमाचल में 9850 मेधावियों को अब भी लैपटॉप का इंतजार
हिमाचल में मैधावी बच्चों को दो साल से लैपटॉप नहीं बांटे गए हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

Laptop Distribution issue in Himachal Pradesh: उच्चतर शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा का कहना है कि लैपटॉप खरीद लिए गए हैं. सभी जिलों के उप निदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह वितरण का शैड्यूल तैयार कर लें. यानी जब तक एक बड़ा कार्यक्रम तय नहीं होगा, तब तक किसी को लैपटॉप नहीं दिए जा सकते थे.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में हर काम को ऐतिहासिक बनाते वाली भाजपा सरकार (BJP) की लेट लतीफी भी शायद इतिहास में दर्ज होगी. क्योंकि सूबे में सरकार की ओर से दो साल पहले की गई घोषणा को अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है. सूबे के 9850 मेधावियों को अब भी लैपटॉप (Laptop) मिलने का इंतजार है.

खरीद को लेकर विवाद भी
2018-19 सत्र में हुई परीक्षाओं में 10वीं 12वीं और कॉलेज के 9 हजार 850 टॉपर्स को लैपटॉप दिए जाने हैं. लैपटॉप खरीद को लेकर कंपनी तक अन्य कई मुद्दों पर विवाद रहा. हाईकोर्ट तक मामला पहुंचा है और मामला अब भी लंबित है. इसमें सरकार को जबाव देना है. मौजूदा हालात को देखें तो वार्षिक परीक्षाएं सिर पर हैं और शिक्षा विभाग सफाई दे रहा है कि विभाग और सरकार की ओर से कोई देरी नहीं है. मार्च-अप्रैल में परीक्षाएं हैं और मार्च में मुख्यमंत्री बजट पेश करेंगे. इससे पहले, सरकार ने स्कूली बच्चों को वर्दी देने में देरी की थी.

यह बोले अधिकारी

उच्चतर शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा का कहना है कि लैपटॉप खरीद लिए गए हैं. सभी जिलों के उप निदेशकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह वितरण का शैड्यूल तैयार कर लें. यानी जब तक एक बड़ा कार्यक्रम तय नहीं होगा, तब तक किसी को लैपटॉप नहीं दिए जा सकते थे.

दिल्ली को कोसा, अपने प्रदेश के हाल खराब
मुख्यमंत्री समेत लगभग पूरी सरकार दिल्ली में चुनाव प्रचार में व्यस्त रही. 7 फरवरी को हिमाचल लौटी. सरकार ने चुनाव के लिए समय निकाल लिया, लेकिन कई महीनों से लैपटॉप का इंतजार कर रहे मेधावी छात्रों के लिए सरकार के पास वक्त नहीं है. इस दौरान दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल सरकार को शिक्षा के क्षेत्र में खूब खरीखोटी सुनाई गई. हिमाचल से संबंध रखने वाले केंद्रीय मंत्री तो एक स्कूल में स्टिंग करने तक पहुंच गए थे, पर अपने प्रदेश में क्या हाल है. इसपर आंखे बंद है. साल खत्म होने को है और सरकारी लैपटॉप के दर्शन छात्रों को सपनों में ही हो रहे हैं.ये भी पढ़ें: हिमाचल की दवा इंडस्ट्री पर कोरोना वायरस का असर, उत्पादन पर संकट

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First published: February 10, 2020, 12:38 PM IST
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