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अब चपरासी से लेकर अफसर तक को देना होगा संपत्ति का ब्यौरा

हिमाचल में हर कर्मचारी को देना होगा संपत्ति का ब्‍यौरा. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

हिमाचल में हर कर्मचारी को देना होगा संपत्ति का ब्‍यौरा. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

नए आदेश के तहत अब सरकारी विभागों के प्रमुख को नए कर्मचारियों की तैनाती से लेकर तबादले तक की सूचना भी लोकायुक्त (Lokayuk ...अधिक पढ़ें

शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में अब हर कर्मचारी (Government Employees) को अपनी संपत्ति का ब्यौरा लोकायुक्त को देना होगा. हिमाचल सरकार ने इसके लिए लोकायुक्त कानून (Lokayukta Act) में संशोधन किया है. इसके तहत अब चपरासी से लेकर अफसर तक को अपनी प्रॉपर्टी की डिटेल्स साझा करनी होगी. गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है.

जानकारी के अनुसार, इसके लिए हिमाचल सरकार ने वर्ष 1983 के बाद पहली बार अधिनियम की धारा-54 में संशोधन कर किया है. सोमवार से लोकायुक्त के नए नियम लागू कर दिए गए हैं. गृह विभाग ने सोमवार देर शाम इसकी अधिसूचना जारी कर दी. संपत्ति का ब्‍यौरा हर साल 31 जुलाई तक कार्यालय में देना जरूरी किया गया है.

ट्रांसफर की जानकारी भी देनी होगी
नए आदेश के तहत अब विभागों के मुखिया नए कर्मचारियों की तैनाती से लेकर तबादले तक की सूचना भी लोकायुक्त को देनी होगी. विभाग को ट्रांसफर के आदेशों की कॉपी देनी होगी. ऐसा न करने वाले अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी.

हिमाचल सरकार की ओर से जारी की गई नोटिफिकेशन.
हिमाचल सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना.


ड्यूटी आवर पर भी नजर
भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त कड़ी कार्रवाई करेगा. साथ ही कर्मचारियों को प्रताड़ि‍त करने, निर्धारित से ज्यादा समय तक काम लेने वाले अफसर पर भी कार्रवाई होगी. सरकारी कर्मचारियों को आठ घंटे ड्यूटी देना अनिवार्य किया गया है. कम घंटे सेवाएं देने पर कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि हिमाचल प्रदेश में फिलहाल लोकायुक्त के मुखिया का पद खाली चल रहा है.

हिमाचल में वर्ष 2014 में लोकायुक्त का गठन
हिमाचल में वर्ष 2014 में लोकायुक्त का गठन किया गया था, लेकिन नियम वर्ष 1983 के ही चलाए जा रहे थे. इसमें किसी भी तरह का संशोधन नहीं किया था. नए आदेशों में कहा गया है कि कर्मचारी और अधिकारी लोकायुक्त को अपनी शिकायत डाक, स्पीड पोस्ट और ई-मेल से भी कर सकेंगे. गलत शिकायत पर नियमों में कार्रवाई का प्रावधान किया गया है. इसके लिए कर्मचारी और अधिकारी को शपथ पत्र देना होगा.

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Tags: Property value, Shimla

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