हिमाचल में EPF ना काटने वालों की खैर नहीं, दायरे में आएंगी सभी सरकारी संस्थाएं

ईपीएफओ अपने साथ पंजीकृत कामगारों को तीन प्रकार की सुविधाएं देता है. इसमें पीएफ, पैंशन और 6 लाख तक बीमा की सुविधा है.

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 4, 2019, 1:04 PM IST
हिमाचल में EPF ना काटने वालों की खैर नहीं, दायरे में आएंगी सभी सरकारी संस्थाएं
सांकेतिक तस्वीर.
Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: June 4, 2019, 1:04 PM IST
सरकारी संस्थाओं में काम करने वाले अस्थायी और दिहाड़ीदार या आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. अपने कर्मचारियों का ईपीएफ जमा करने से बचने वाली सरकारी संस्थाएं ईपीएफओ के राडार पर आ गई हैं.

पटना हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद ईपीएफओ ने सभी राज्य सरकारों को सर्कुलर जारी किया है, जिसमें उन्हें अपने दिहाड़ीदार और अस्थायी कर्मचारियों का ईपीएफ जमा करवाना सुनिश्चित करना होगा. ईपीएफओ ने सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर अपने यहां कार्यरत ऐसे तमाम कर्मचारियों की सूची ईपीएफओ में देने के निर्देश दिए हैं, जिनका अभी तक ईपीएफ नहीं काटा जा रहा था.

हाईकोर्ट के फैसला
पटना हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद ईपीएफओ ने यह कदम उठाया है. सरकारी विभाग के अलावा, जो सरकारी संस्थाएं हैं, उनमें आउटसोर्स, दिहाड़ीदार और अस्थाई कर्मचारियों का ईपीएफ नहीं काटा जा रहा था. इस पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन गंभीर हो गया है. क्षेत्रीय आयुक्त ईपीएफओ शिमला सुदर्शन कुमार ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को भी इस बाबत पत्र भेजा जा रहा है और राज्य सरकार के अधिकारियों से बैठक कर व्यापक चर्चा भी होगी.

इन्हें मिलेगा फायदा
ईपीएफओ के मुताबिक, सभी यूनिवर्सिटी, गृह विभाग में होमगार्ड, जेल विभाग, दिहाड़ीदार मजदूर, मिड-डे मिल, मनरेगा मजदूर, वन कर्मी, फायर कर्मी, एमसी में तैनात सभी प्रकार के कर्मी, जो कांट्रेक्टर के माध्यम से नियुक्त किए गए हैं, उनका ईपीएफ में पंजीकरण आश्वयक किया गया है. इतना ही नहीं, कांट्रेक्टर को ईपीएफ कोड लेना होगा, अन्यथा कांट्रेक्टर पर भी कार्रवाई हो सकती है. उसका लाइसेंस मान्य नहीं होगा. किसी भी कंपनी या सरकारी संस्था में अगर कर्मचारियों की संख्या 20 से अधिक है तो उस स्थिति में ईपीएफ काटना अनिवार्य रहता है.

तीन प्रकार की सुविधाएं
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ईपीएफओ अपने साथ पंजीकृत कामगारों को तीन प्रकार की सुविधाएं देता है. इसमें पीएफ, पैंशन और 6 लाख तक बीमा की सुविधा है. बहरहाल, अब उम्मीद की जा सकती है कि जो सरकारी संस्थाएं पहले अपने कर्मचारियों का पीएफ नहीं काटती थी और ईपीएफओ कोड नहीं था, उन्हें ताजा सर्कुलर के बाद अपने कर्मियों का पीएफ जमा करना होगा.

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First published: June 4, 2019, 12:24 PM IST
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