हिमाचलः कर्मचारियों का ही नहीं, मंत्री-विधायकों का भी कटेगा वेतन, किरकिरी के बाद जयराम सरकार का ऐलान

सीएम जयराम ठाकुर का ऐलान.

सीएम जयराम ठाकुर का ऐलान.

Pay Cut For Covid Fund: दरअसल, बीते एक साल पहले जब कोरोना फैला था तो सरकार ने तय किया था कि मंत्री और विधायकों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती होगी. बजट में मार्च में विधायकों के पूरे वेतन को बहाल कर दिया गया था. अप्रैल में विधायकों को पूरी सैलरी मिलनी है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में बढ़ते जा रहे कोरोना के मामलों को लेकर सरकार के कर्मचारियों की वेतन कटौती संबंधी ऐलान के बाद सरकार की चौतरफा आलोचना शुरू हो गई.. बुधवार को सरकार ने ऐलान किया था कि कि प्रदेश के सरकारी अफसरों, निगमों-बोर्डों के अधिकारियों की दो दिन की पगार कटेगी. इनमें क्लास 1 और क्लास 2 अधिकारी शामिल हैं. वहीं, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की एक दिन की तनख्वाह कोविड फंड में जमा होगी.

बुधवार देर शाम को मामले में सरकार की आलोचना के बाद अब कैबिनेट मंत्री और विधायकों के वेतन में भी कटौती होगी. सीएम जयराम ठाकुर ने ऐलान किया कि मंत्री एक महीने का वेतन भी कोविड फंड में देंगे. वहीं, विधायकों का भी दो दिन का वेतन फंड में जाएगा. इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से आदेश जारी हुए हैं. छोटा शिमला स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक में धनराशि जमा होगी.

क्या बोले सीएम

किरकिरी के बाद घंटों बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बुधवार को कहा कि वह खुद और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य सीएम कोविड फंड में एक महीन का वेतन देंगे. मंत्री गुरुवार को होने जा रही कैबिनेट की बैठक में चेक मुख्यमंत्री को भेंट करेंगे. इसके अलावा, प्रदेश के सभी विधायकों का दो दिन का वेतन काटकर कोविड फंड में जमा किया जाएगा.
सीएम जयराम ठाकुर ने किया ऐलान.


क्यों बैकफुट पर आई सरकार

दरअसल, बीते एक साल पहले जब कोरोना फैला था तो सरकार ने तय किया था कि मंत्री और विधायकों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती होगी. बजट में मार्च में विधायकों के पूरे वेतन को बहाल कर दिया गया था. अप्रैल के महीने की पूरी सैलरी विधायकों को मिलेगी. ऐसे में सरकार के फैसले पर लोगों ने ऐतराज जताया और कहा कि विधायकों को जहां पूरी सैलरी मिल रही है,व हीं कर्मचारियों का वेतन काटा जा रहा है,. लेकिन अब विवाद के बाद सरकार ने सभी के वेतन में कटौती का फैसला किया है.



कांग्रेस ने जताया विरोध, कहा- पुराने फंड का हिसाब दो

इस फैसले पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई है. पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि यह सरकार प्रदेश में अजीब स्थिति पैदा कर रही है. पहले भी कोरोना के नाम पर फंड जमा किया गया. सीएम जयराम ठाकुर उसका हिसाब दें. उन्होंने कहा कि स्वेच्छा जो देना चाहे दे, लेकिन सरकार अपनी फिजूलखर्ची कम करने के मूड में नहीं है. साथ ही कहा कि सीएम खुद के लिए उड़नखटोला ले रहे हैं और जनता पर बोझ डाला जा रहा है.
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