‌‌HP Assembly Budget Session: हिमाचल में BJP सरकार ने बढ़ाई कर्ज लेने की सीमा, संशोधन विधेयक पारित

हिमाचल प्रदेश में  विधानसभा का सेशन चल रहा है.

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा का सेशन चल रहा है.

Himachal Assembly Budget Session Live: शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सदन में कहा कि अगर कर्ज से ज्यादा खर्च हो जाता है तो विधानसभा से उसे रेगुलर करना पड़ता है और सरकार पूर्व की कांग्रेस सरकार की गलतियों को सुधार रही है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के भाजपा सरकार (Bjp) ने कर्ज लेने की सीमा बढ़ा दी है. इस संबंध में विधानसभा (Vidhansabha) में संशोधन पारित कर दिया है. अब प्रदेश की सरकार 3 फीसदी के बजाए 5 फीसदी कर्ज ले सकती है. गुरुवार को हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष के हंगामे और वॉकऑउट के बीच हिमाचल प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व और बज प्रबंध विधेयक में जो संशोधन सरकार लाई थी, वो ध्वनिमत से पारित हो गया. अब सरकार की कर्ज की सीमा कुल सकल घरेलू उत्पाद की 3 फीसदी से बढ़कर पांच प्रतिशत हो गई है.

पहले, जीडीपी के 3 फीसदी तक की सीमा तक ही कर्ज लिया जा सकता था, अब कर्ज की बैसाखी का पर अतिरिक्त बोझ डाला जा सकता है. प्रश्नकाल के बाद सदन में सीएम की गैर मौजूदगी में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने संशोधन विधेयक को पेश किया.

विपक्ष ने चर्चा की मांग की थी

सीएम ने सुरेश भारद्वाज को अधिकृत किया था. विधेयक पर विपक्ष की ओर से माकपा विधायक ने इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की. सिंघा ने सदन में कहा कि विधेयक पास होने से हिमाचल कर्ज के बोझ से हमेशा दबा रहेगा, ये संशोधन संघीय ढांचे के खिलाफ है और हिमाचल केंद्र का मुजारा बनकर रह जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार विधेयक को कैबिनेट में लाए और फिर सिलेक्ट कमेटी को भेजे. इसके बाद नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने इस विधेयक पर पुनर्विचार करने की मांग की. उन्होंने कहा कि सरकार ट्रिपल इंजन की बात करती है तो सभी इंजनों का इस्तेमाल किया जाए.
यह काला कानून है

हिमाचल की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए केंद्र के पास जाए, जरूरत हो तो विपक्ष को भी साथ ले जाए. उन्होंने कहा कि ये काला कानून साबित होगा और हिमाचल के अस्तित्व पर खतरा इससे है. स्थिति बिगड़ी तो हिमाचल यूनियन टैरिटरी न बन जाए. इस बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर नोक-झोंक हुई. कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने सदन कहा कि केंद्र के निक्कमेपन पर पर्दा डालने के लिए ये विधेयक लाया गया है, डबल इंजन की सरकार प्रदेश को कर्ज के समंदर में धकेल रही है, उपर वाला इंजन हांफ गया है और यहां का इंजन स्टार्ट ही नहीं हो रहा है. कांग्रेस विधायक हर्षवर्धन सिंह और आशा कुमारी ने इस विधेयक को पारित करने के प्रस्ताव का विरोध किया. विधेयक पर सुरेश भारद्वाज ने जैसे ही बोलना शुरू किया, वैसे ही जमकर हंगामा बरपा, काफी समय तक दोनों पक्षों में नोक-झोंक,बहसबाजी होती रही. इस बीच विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉक ऑउट कर दिया.

कांग्रेस की गलतिया सुधार रहे हैं-भारद्वाज



शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने सदन में कहा कि अगर कर्ज से ज्यादा खर्च हो जाता है तो विधानसभा से उसे रेगुलर करना पड़ता है और सरकार पूर्व की कांग्रेस सरकार की गलतियों को सुधार रही है. कांग्रेस ने ही हिमाचल को कर्ज में डूबोया है. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि यह एक तकनीकी मसला है. केवल 2019-20 के खर्च को नियमित करने के लिए ये संशोधन लाया गया है. उससे आगे के लिए नहीं है.

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