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हिमाचल में जुर्म पर कैसे लगेगी लगाम! 17 हजार पुलिस कर्मियों पर 70 लाख लोगों की सुरक्षा

Ranbir Singh | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 4, 2019, 4:35 PM IST
हिमाचल में जुर्म पर कैसे लगेगी लगाम! 17 हजार पुलिस कर्मियों पर 70 लाख लोगों की सुरक्षा
हिमाचल पुलिस में केवल 17 हजार जवान है.

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि समय-समय पर इन मुद्दों पर चर्चा की जाती रही है. जो संभव होगा, वह जल्द किया जाएगा. वहीं, सीएम जयराम ठाकुर ने ऐलान किया है कि सूबे में 1000 कॉन्सटेबलों के पद भर जाएंगे.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) को अपराध (Crime Free) मुक्त बनाने का दावा हर सरकार करती है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है. हिमाचल प्रदेश की आबादी 70 लाख को पार गई है और पुलिस (Himachal Police) के जवानों की संख्या लगभग 17 हजार है. अंदाजा लगाएं तो एक जवान पर 40 लोगों की सुरक्षा की जिम्मेवारी है. थानों (Police Station) की बात करें तो अधिकतर थानों में स्टाफ की भारी कमी है.

हिमाचल में सभी तरह के अपराधों की बात करें तो हर साल औसतन 15 हजार से ज्यादा मामले दर्ज होते हैं. इन मामलों की जांच करने के लिए इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर की कमी पड़ जाती है. इस कमी को दूर करने के लिए हाल ही में कुछ बदलाव किए गए हैं. 3 साल तक की सजा की धाराओं में दर्ज मामलों में जांच की शक्तियां ग्रेजुएट कॉन्सटेबल को सौंपी गई है, लेकिन इससे भी काम नहीं चल पा रहा है.

एक जवान पर 40 लोगों की सुरक्षा की जिम्मेवारी है. (सांकेतिक तस्वीर)
एक जवान पर 40 लोगों की सुरक्षा की जिम्मेवारी है. (सांकेतिक तस्वीर)


ये है अपराध का ग्राफ

साल2019 को छोड़ दें तो प्रदेश में जुर्म की हर तरह की वारदात में बढ़ौतरी हो रही है, लेकिन बीते 15 साल में पुलिस के संख्याबल में वृद्धि नहीं की गई है. साल 2018 में 19 हजार 594 मामले दर्ज हुए तो 2017 में इनकी संख्या 17 हजार से ज्यादा थी. हाल ही में सरकार ने 1063 पदों पर भर्ती की है. मुख्यमंत्री ने पुलिस स्थापना पर एक हजार पद भरने का एलान भी किया है.

पुलिसकर्मियों का मनोबल गिरा
वहीं, दूसरी ओर, पुलिसकर्मियों के मनोबल की बात करें तो सरकार के उदासीन रवैए के चलते पुलिस का मनोबल गिरा है. अधिकारियों से लेकर कर्मचारी कई तरह की कमियों से जूझ रहे हैं. सबसे खराब हालत पुलिस कॉन्सटेबल की है. पुरूष और महिला कॉन्सटेबल मानसिक प्रताड़ना का शिकार हैं. ड्यूटी टाइम का पता नहीं है. कई बार 24 से 48 घंटे तक की ड्यूटी करनी पड़ती है. इसके लिए अतिरिक्त वेतन की व्यवस्था थी, लेकिन साल 2012 से अतिरिक्त वेतन भी आधा ही दिया जा रहा है.सीएम जयराम ठाकुर ने ऐलान किया
पे-स्केल साल 2012 में रिवाइज हुआ है, लेकिन कॉन्सटेबलों को 2006 के पे-स्केल के हिसाब से ही डबल पे दी जा रही है. राशन मनी के नाम पर 210 रुपये थमाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का कहना है कि समय-समय पर इन मुद्दों पर चर्चा की जाती रही है. जो संभव होगा, वह जल्द किया जाएगा. वहीं, सीएम जयराम ठाकुर ने ऐलान किया है कि सूबे में 1000 कॉन्सटेबलों के पद भर जाएंगे.

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First published: December 4, 2019, 4:22 PM IST
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