सीएम का कृषि बिल पर बड़ा बयान, बोले- नए कानून से बदलेगी किसानों की किस्‍मत, लोगों को गुमराह कर रहे हैं विपक्षी दल

कृषि बिल को लेकर सीएम जय राम ठाकुर ने विपक्ष को निशाने पर लिया है.
कृषि बिल को लेकर सीएम जय राम ठाकुर ने विपक्ष को निशाने पर लिया है.

इस समय देश में कृषि बिल (Agriculture Bill) को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. इसी बीच, हिमाचल के सीएम जय राम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) ने कांग्रेस नेताओं पर इस पूरे मामले में लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है.

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शिमला. कृषि बिल (Agriculture Bill)पर मचे सियासी घमासान के बीच अब बीजेपी शासित राज्य के मुख्यमंत्रियों ने भी मोर्चा संभाल लिया है और इस बिल को लेकर कही जा रही बातों पर पलटवार किया जा रहा है. इसी कड़ी में हिमाचल के सीएम जय राम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) ने कहा कि कृषि बिल किसानों के अहित में नहीं बल्कि हित में है. राज्य सचिवालय में मीडिया के साथ बातचीत में सीएम ने कहा कि कृषकों को अपने उत्पाद बेचने के लिए न केवल बेहतर विपणन सुविधाएं मिलेंगी बल्कि केंद्र सरकार के किसानों की आय दोगुना करने के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि एपीएमसी और मार्केटिंग बोर्ड पहले की तरह कार्य करते रहेंगे और सब्जी मंडियों के विकास के लिए अनुदान मिलना भी जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि विधेयक एपीएमसी सब्जी मंडियों से बाहर भी किसानों के लिए अतिरिक्त व्यापार की सुविधाएं सृजित करेगा और उन्हें बेहतर आमदनी प्राप्त होगी. इस विधेयक से राज्य में निजी मंडियों की अधोसंरचना विकसित करने में सहायता मिलेगी और साथ ही मंडियों तक उनकी पहुंच और आसान बनेगी.

कृषि क्षेत्र में निजी निवेश की संभावना बढ़ेगी
इसके अलावा सीएम ने कहा कि भारत के राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इस विधेयक से कृषि क्षेत्र में निजी निवेश के माध्यम से नयी तकनीकों को शुरू करने में सहायता मिलेगी. किसानों से उनके उत्पाद सीधे खेतों से खरीदने वालों और निवेशकों को कोई मार्केट शुल्क या उपकर नहीं देना पड़ेगा. इससे कृषि क्षेत्र से जुड़ी नामी कंपनियां किसानों से उनके खेतों से ही उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित करेंगी. हिमाचल का लाभ बताते हुए सीएम ने कहा कि इसके अंतर्गत इलैक्ट्रॉनिक लेन-देन पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक राष्ट्र-एक मंडी’ को साकार करने में सहायता मिलेगी. उन्होंने कहा कि इससे राज्य में कोल्ड चेन अधोसंरचना का विकास होगा, क्‍योंकि लाइसेंसिंग नियन्त्रणमुक्त की जाएगी, जिससे व्यापार में सुगमता के साथ-साथ कृषि प्रसंस्करण में निवेश बढे़गा.

लोगों को गुमराह कर रहा है विपक्ष
सीएम जय राम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेता इस पूरे मामले में राज्य के लोगों को गुमराह कर रहे हैं. यह विधेयक किसानों को उनके उत्पादों के लिए कीमतों का आश्वासन देता है, जिससे आय के बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे. उन्होंने कहा कि किसान बाजार की मांग के अनुरूप फसल उगाने के लिए प्रेरित होंगे. ठाकुर ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार किसान वर्ग के सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है और उनके कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की है. जबकि आज तक किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत 92 हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में सीधे हस्तांतरित किए गए हैं।.





अकाली दल ने जल्दबाजी में लिया फैसला
कृषि बिल पर अकाली दल से संबंधित कैबिनेट मंत्री रहीं हरसिमरत कौर बादल के इस्तीफे को लेकर सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि यह दल बीजेपी का पुराना साथी है. हर राजनीतिक दल अपने विचार के साथ काम करता है. कृषि बिल किसानों के हित में लिया गया निर्णय है. इस निर्णय के संदर्भ में उन्होंने जो भी कदम उठाया वो जल्दबादी में उठाया. इस स्थिति में वो अध्ययन करते तो शायद इस कदम की आवश्यकता न होती और फिर भी पूरे मामले पर पार्टी नेतृत्व काम कर रहा है.
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