Himachal Pradesh : विपक्ष ने कहा, अंदरूनी कलह छुपाने की कोशिश है यह मंत्रिमंडल का विस्तार
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Himachal Pradesh : विपक्ष ने कहा, अंदरूनी कलह छुपाने की कोशिश है यह मंत्रिमंडल का विस्तार
विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू (फाइल फोटो) ने सीएम जयराम ठाकुर के फैसले को जनविरोधी बताया.

जयराम मंत्रिमंडल विस्तार पर कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आपसी मतभेद दूर करने के लिए किया गया विस्तार. सरकार ने मंत्रियों की नाकामी छुपाने के लिए उनके विभागों में फेरबदल किया.

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  • Last Updated: August 2, 2020, 4:28 PM IST
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शिमला. जयराम मंत्रिमंडल (Jairam Cabinet) विस्तार के बाद अचानक विपक्ष (Opposition)के सियासी सुर बदल गए हैं. विपक्ष इस मंत्रिमंडल विस्तार को राजकोषीय बोझ (Fiscal burden) बढ़ाने वाला बता रहा है. उसका आरोप है कि यह विस्तार अंदुरूनी कलह (Internal discord) को छिपाने का नाकाम प्रयास है. विपक्ष को मंत्रिमंडल विस्तार रास नहीं आ रहा है. विपक्ष का आरोप है कि मंत्रिमंडल विस्तार राजकोषीय बोझ बढ़ाएगा. प्रदेश पहले ही आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है और सरकार कर्ज लेकर बोझ को और बढ़ा रही है. ऐसे में मंत्रियों का मासिक खर्च 5-5 लाख के करीब होगा, जिससे प्रदेश की आर्थिक हालत और खराब होगी.

आपसी मतभेद खत्म करने के लिए किया गया मंत्रिमंडल विस्तार

प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और नादौन से विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhwinder Singh Sukhu) ने सीएम जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) के फैसले को जनविरोधी करार दिया. सुक्खू ने कहा कि इस वक्त सरकार को कोरोना योद्धाओं की मदद करना चाहिए. पर सरकार अपनी सुख-सुविधाओं की तलाश में लगी है. आपसी मतभेद खत्म करने के लिए मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है और यह जनता के पैसा का दुरुपयोग है.



मंत्रियों की नाकामी छुपाने के लिए बदले गए विभाग
मंत्रियों के विभागों में किए गए फेरबदल को सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजनीतिक खेल करार दिया. उन्होंने कहा कि परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने पहले 50 फीसदी बस किराया बढ़ाया, अब लोगों को बेवकूफ बनाने के उनसे मंत्री पद छीन लिया गया. मंत्रियों और सरकार की नाकामी छिपाने के लिए मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया गया. अधिकतर मंत्री लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम साबित हुए हैं.

2022 में हिसाब लेगी जनता

विपक्ष का आरोप है कि कोरोना से निपटने में सरकार विफल रही. ऐसे में इस तरह के हथकंडे अपनाकर सरकार जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रही है, लेकिन लोग इनके झांसे में आने वाले नहीं, 2022 में एक-एक काम का हिसाब लेगी जनता.
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