हिमाचल सचिवालय में गैर-हिमाचलियों को नौकरी देने पर घमासान

संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने मांग कर डाली है, जो नियुक्तियां हो गई हैं, उन्हें प्रभावित न करते हुए आगे के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए कि हिमाचल में गैर हिमाचलियों को नौकरी न मिले. क्योंकि ऐसा हुआ तो हिमाचलियों को रोजगार मिलना मुश्किल हो जाएगा.

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 2, 2019, 4:37 PM IST
हिमाचल सचिवालय में गैर-हिमाचलियों को नौकरी देने पर घमासान
हिमाचल सचिवालय में बिहार और झारखंड से 16 लोगों को नौकरी मिली है.
Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: August 2, 2019, 4:37 PM IST
हिमाचल राज्य सचिवालय में गैर हिमाचलियों को नौकरी मिलने का मामला सामने आया है. 16 गैर-हिमाचली क्लर्क बन गए हैं. इसके अलावा, सरकार ने ताजा फरमान सुनाते हुए अब सचिवालय और दूसरे विभागों में सेकेंडमेंट पर नियुक्ति को मंजूरी दी है. जिस पर सचिवालय की सियासत गरमा गई है.

बिहार और झारखंड के लोगों को मिली नौकरी
सचिवालय में 16 गैर हिमाचलियों को क्लर्क के रूप में नियुक्ति मिलने का मामला गरमा गया है. कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर की ओर से की गई क्लर्क भर्ती में 156 पदों में से 16 पद पर गैर हिमाचलियों को नियुक्ति मिली है. इसमें बिहार, झारखंड, दिल्ली सहित कई राज्यों के अभ्यर्थी क्लर्क नियुक्त हुए हैं. ऑनलाइन परीक्षा होने के कारण इन्हें नियुक्ति मिली है.

Himachal Secretariat
हिमाचल सचिवालय.


कर्मचारी संघ ने जताया विरोध
राज्य सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संघ ने इस मुद्दे पर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए सरकार को आड़े हाथ लिया है. संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने मांग कर डाली है, जो नियुक्तियां हो गई हैं, उन्हें प्रभावित न करते हुए आगे के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए कि हिमाचल में गैर-हिमाचलियों को नौकरी न मिले. क्योंकि ऐसा हुआ तो हिमाचलियों को रोजगार मिलना मुश्किल हो जाएगा.

हिमाचल सचिवालय संघ ने मामले में अपना विरोध जताया है.

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इस फैसले पर भी बवाल
सचिवालय कर्मचारी संघ ने सरकार के एक ताजा फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज किया है. दरअसल, बीती कैबिनेट बैठक में सरकार ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सचिवालय और विभागों में सेकेंडमेंट नियुक्ति को मंजूरी दी है. सेकेंडमेंट नियुक्ति के तहत किसी भी विभाग का कर्मचारी दूसरे विभागों में जा सकता है. साथ ही सचिवालय में भी यह व्यवस्था लागू रहेगी.

इसलिए हो रहा विवाद
ऐसे में अगर दूसरे विभागों का कर्मचारी सचिवालय में ट्रांसफर होकर आता है तो उससे वहां पहले से ही तैनात निचले स्तर के कर्मचारी की प्रोमोशन नहीं हो पाएगी. ऐसे में पूरा प्रमोशन चैनल प्रभावित होगा. राज्य सचिवालय कर्मचारी सेवाएं संघ ने इस फैसले को रद्द करने की मांग की है. संघ के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि यह फैसला कर्मचारी विरोधी है. सरकार अगर दूसरे विभागों में ऐसी व्यवस्था करनी चाहती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सचिवालय में किसी भी बाहरी विभाग के कर्मचारियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

विपक्ष बना सकता है मुद्दा
गैर हिमाचलियों को नियुक्ति मिलने का मामला लगातार गरमाता जा रहा है. इसी महीने मानसून सत्र शुरू हो रहा है. ऐसे में विपक्ष इस मुद्दे को हवा दे सकता है. पहले ही हिमाचल में रोजगार की कमी है और ऊपर से बाहरी प्रदेशों से लोग रोजगार पा रहे हैं तो ऐसे में सरकार इस मुद्दे पर विपक्ष की ओर से घेरी जा सकती है. हालांकि, यह परीक्षा 2018 में हुई थी. ऐसे में देखना होगा कि सत्तापक्ष और विपक्ष इस मुद्दे को लेकर कैसे एक-दूसरे को घेरती है.

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First published: August 2, 2019, 4:37 PM IST
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