VIDEO : पदमा रिटर्न्स होम : भाषा की वजह से 2 साल पागलों संग रहीं, अब हुई ‘घर वापसी’
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हिमाचल और कर्नाटक के सीएम तक मामला पहुंचा, जिसके बाद पदमा अपने घर लौटने में कामयाब हो गई.

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दो साल तक पागलों के बीच रही पदमा को अब अपनों का आंचल नसीब होगा. भाषा उसके सामने ऐसे दीवार बनी कि वह पागल ना होकर भी कई दिन तक पागलों के बीच रही. लेकिन एक बार फिर न्यूज-18 की मुहिम रंग लाई है. कर्नाटक की रहने वाली पदमा मैंटल रिहेबिलिटेशन सेंटर शिमला में रहने के बाद दो साल बाद बुधवार को अपने घर लौट गई.

शिमला में ओकओवर में सीएम जयराम ठाकुर ने पदमा को शॉल और टोपी पहनाकर कर्नाटक के लिए रशुभकामनाओं सहित विदा किया.शिमला के मैंटल रिहेबिलिटेशन सेंटर में गुमनामी की जिंदगी जीने वाली पदमा को परिवार को खोज लिया गया है.

सीएम के सरकारी आवास ओक ओवर में सीएम जयराम ठाकुर और उनकी पत्नी साधना ठाकुर ने उसे शॉल और टोपी पहनाई. पदमा को लेने के लिए कर्नाटक से अधिकारियों, डॉक्टरों की टीम के साथ उसके परिजन भी आए थे. सीएम जयराम ठाकुर ने बताया कि जब यह मामला सामने आया तो उसके बाद कर्नाटक सरकार और हिमाचल सरकार में लगातार संवाद होता रहा.



पदमा को केवल कन्नड़ भाषा आती थी
पदमा को घर तक पहुंचाने में शिमला के लोकल एनजीओ का योगदान काफी अहम रहा. साथ ही सीएम की पत्नी साधना ठाकुर ने भी कड़ी का काम किया. जब मामला सामने आया तो सीएम की पत्नी ने भी पदमा से बात की, क्योंकि उन्हें भी कन्नड़ आती हैं. साधना ठाकुर मूल रूप से कर्नाटक से ताल्लुक रखती हैं, इसलिए उन्होंने कन्नड़ में पदमा से बात की.

हमेशा कहतीं थी, मुझे मां के पास जाना है
बातचीत में वह लगातार एक ही बात कह रही थी कि मुझे अपनी मां के पास जाना है.कर्नाटक से पदमा को लेने शिमला पहुंची अधिकारियों की टीम सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे कर्नाटक ले गए. जिला कार्यक्रम अधिकारी मेंटल हेल्थ डा संजू प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी, हासिन, कर्नाटक ने कहा कि सरकार के आदेशों के बाद वह शिमला पहुंचे हैं और अब पदमा को उसके घर पहुंचाया जाएगा. सरकार पदमा की आगे की जिंदगी जीने के लिए मदद भी करेगी.

स्थानीय संस्था और न्यूज18 के प्रयास
पदमा को घर पहुंचाने में परफारमेंस ग्रुप ऑफ आर्ट्स संस्था के प्रयास उल्लेखनीय रहे हैं. जब संस्था को पदमा की असली कहानी का पता चला तो शुरू हुई उसके घर को ढूंढने की मुहिम. इसमें न्यूज 18 हिमाचल ने भी अहम भूमिका निभाई.

संस्था की अध्यक्ष डॉ सुनीला शर्मा ने अपनी कर्नाटक में रहने वाली सहेली स्वाथी से पदमा की बात की तो पता चला कि वह कर्नाटक के हासिन जिले की रहने वाली है. इसके बाद यह हिमाचल के सीएम और कर्नाटक के सीएम तक मामला पहुंचा, जिसके बाद आज पदमा अपने घर लौटने में कामयाब हो गई.

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