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हिमाचल पंचायत चुनाव 2021: दूसरे फेज की वोटिंग खत्म, 21 जनवरी को होगा तीसरे चरण का मतदान

हिमाचल पंचायत चुनाव के दूसरे फेज की वोटिंग खत्म.व
हिमाचल पंचायत चुनाव के दूसरे फेज की वोटिंग खत्म.व

Panchayat Elections in Himachal: पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन (Voting) के तृतीय चरण में 21 जनवरी को 1137 पंचायतों में सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश की 1208 ग्राम पंचायतों में मंगलवार को पंचायती राज संस्थाओं के द्वितीय चरण का निर्वाचन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ. राज्य मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 80 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया. इस निर्वाचन में 75 कोविड-19 रोगियों और क्वारंटाइन हुए मतदाताओं ने सरकार द्वारा जारी कोरोना गाइडलाइन के मद्देनजर मतदान किया. सबसे ज्यादा मतदान सोलन जिले के नालागढ़ विकासखंड के  ग्राम पंचायत नंदपुर में  96 प्रतिशत रहा. प्रधान, उप-प्रधान और सदस्यों के मतों की गणना के परिणाम देर शाम तक आ जाएंगे. जिला परिषद और पंचायत समिति के मतों की गणना 22 जनवरी को खण्ड मुख्यालय पर की जाएगी.

इस चुनाव में आयोग द्वारा पहली बार चुनाव संबंधी सभी प्रक्रियाओं तथा परिणामों को आम जनता के लिए वैब पोर्टल sechimachal.nic.in पर भी अपलोड़ किया गया है. राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के सभी पंचायती राज संस्थाओं के मतदाताओं तथा समस्त अधिकारियाों, कर्मचारियों, कानून और व्यवस्था से सम्बन्धित अधिकारियों व समस्त प्रत्याशियों का प्रदेश में शान्तिप्रिय व सुचारू निर्वाचन कराने के लिए आभार व्यक्त किया है. पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचन के तृतीय चरण में 21 जनवरी को 1137 पंचायतों में सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा.

चुनाव हारने के बाद प्रत्याशी की मौत



हिमाचल में पंचायती राज चुनाव का पहला चरण काफी रोमांचक रहा. कई युवा जीते, कई पुराने प्रधान को हार का मुंह देखना पड़ा. कई जगह लोगों ने अपने जीतने की खुशी मनाई तो कई जगह लोगों को मायूसी हाथ लगी. वहीं, जिला कांगड़ा के पालमपुर  क्षेत्र में एक पंचायत के प्रत्याशी की चुनाव में हारने के बाद सदमे से मौत हो गई. उपमंडल भवारना के अंतर्गत आने वाली सुलह की बारी पंचायत की यह घटना है. प्रत्याशी को परिणाम के बाद हर्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई. मृतक व्यक्ति की पहचान राजेश कुमार (35 साल) के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि राजेश कुमार ने बारी से वार्ड मेंबर का चुनाव लड़ा था और इलेक्‍शन में उन्‍हें हार का मुंह देखना पड़ा था. इसके बाद वह वापस घर लौट आए और बाद में उनकी मौत हो गई.
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राजेश हारने का दुःख सहन नहीं कर सके थे. जैसे ही वह घर पहुंचे तो उनके सीन में तेज़ दर्द होने लगा और देखते-ही-देखते उनकी मौत हो गई. राजेश का एक निम्‍न-मध्‍य वर्ग के परिवार से संबंध था और उनकी दो मासूम छोटी बेटियां हैं. उनके निधन से परिवार में शोक की लहर है. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है.
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