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हिमाचल में जल्द बजेगा पंचायत चुनाव का बिगुल, जारी होगा आरक्षण रोस्टर

हिमाचल में जल्द बजेगा पंचायत चुनाव का बिगुल, जारी होगा आरक्षण रोस्टर

2021 में पूर्ण राज्यत्व जयंती मनाएगा हिमाचल.

2021 में पूर्ण राज्यत्व जयंती मनाएगा हिमाचल.

Panchayat Election in Himachal: हिमाचल में पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव की तरह गर्मजोशी के साथ लड़ा जाता है. राजनैतिक दल भी कोशिश करते हैं कि उनके विचारधारा के ज्यादा से ज्यादा प्रत्याशी जीतकर आएं. खासकर जिला परिषद चुनाव और बीडीसी चुनाव में स्थानीय विधायकों की साख दांव पर होती है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मिनी विधानसभा चुनाव (Election) कहे जाने वाले पंचायत एवं नगर निकाय चुनाव का जल्द बिगुल बज सकता है. दिसंबर के अंतिम सप्ताह या जनवरी के पहले सप्ताह में चुनाव हो सकते हैं. इसकी तैयारियां जोरों पर हैं. वहीं पंचायत चुनावों (Panchayat Elections) के लिए आरक्षण का रोस्टर भी इसी महीने 30 नवंबर तक जारी होगा. पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने इसकी पुष्टि की है.

विधानसभा चुनाव की तरह गर्मजोशी
हिमाचल में पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव की तरह गर्मजोशी के साथ लड़ा जाता है. राजनैतिक दल भी कोशिश करते हैं कि उनके विचारधारा के ज्यादा से ज्यादा प्रत्याशी जीतकर आएं. खासकर जिला परिषद चुनाव और बीडीसी चुनाव में स्थानीय विधायकों की साख दांव पर होती है, जितने ज्यादा जिला परिषद सदस्य और बीडीसी सदस्य जीतकर आएंगे तो उनके मतों से ही जिला परिषद अध्यक्ष और बीडीसी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव होता है. बेशक जिला परिषद के चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं होते हैं लेकिन भाजपा-कांग्रेस और सीपीआईएम अपने-अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारती है.

न्यूनतम क्वालिफिकेशन की जरूरत नहीं- वीरेंद्र कंवर
पंचायत चुनाव के वक्त उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम योग्यता निर्धारित करने की मांग भी उठती है, जिसमें मांग की जाती है कि पंचायत प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी और जिला परिषद सदस्य के लिए कोई न्यूनतम क्वालिफिकेशन होनी चाहिए, लेकिन पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर की माने तो ऐसी मांग जायज नहीं है. उन्होंने कहा कि हिमाचल पहले ही शतप्रतिशत साक्षर प्रदेश है. लोकतंत्र में सबको चुनाव लड़ने का हक है. लोग अपने विवेक से उस व्यक्ति को वोट करते हैं जो काम करने वाला हो और लोगों को समय देने वाला है. ऐसे में न्यूनतम योग्यता निर्धारित करने का कोई औचित्य नहीं है.

निर्विरोध चुने जाने पर सम्मान राशि बढ़ाने का प्रपोजल
निर्विरोध चुनी जाने वाली पंचायतों, बीडीसी और जिला परिषद को मिलने वाली सम्मान राशि बढ़ाने का भी राज्य सरकार विचार कर रही है. कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर ने इसकी पुष्टि की है. दरअसल, हिमाचल में बिना वोटिंग के अगर पूरी पंचायत चुनी जाती है. इसी तरह बीडीसी और जिला परिषद को भी चुनाव जाता है तो राज्य सरकार पंचायतों को 10 लाख, बीडीसी को 5 लाख और जिला परिषद को 15 लाख रूपये सम्मान राशि विकास कार्य के लिए बजट के अतिरिक्त देती है. इस बार राज्य सरकार इस राशि को बढ़ाने जा रही है. कितनी राशि होगी, इस विचार चल रहा है.

Tags: Himachal Government, Himachal Model

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