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बीड़-बिलिंग में हादसाः मौत से पहले 12 साल के आदविक के आखिरी शब्द-पापा, मैं काफी खुश हूं, मैंने बर्फ भी देखी

बीड़-बिलिंग में हादसाः मौत से पहले 12 साल के आदविक के आखिरी शब्द-पापा, मैं काफी खुश हूं, मैंने बर्फ भी देखी

पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर बीड़ बिलिंग घाटी में 12 साल के आदविक की जीप हादसे में मौत हो गई.  ( File photos)

पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर बीड़ बिलिंग घाटी में 12 साल के आदविक की जीप हादसे में मौत हो गई. ( File photos)

Paraglading in Bir Billing: दरअसल, कांगड़ा की बीड़ बिलिंग घाटी पैराग्लाइडिंग के लिए काफी मशहूर है. यहां पर बड़ी संख्या में सैलानी आते रहते हैं. लेकिन सुरक्षा मानक पूरे ना होने की वजह से लगातार यहां हादसे हो रहे हैं. 12 साल के आदविक के साथ भी कुछ एसा ही हुआ. 22 दिसंबर को मूल रूप से यूपी के रहने वाला रिषभ त्रिपाठी अपनी पत्नी शारदा, बेटे आदविक और 7 साल साल की बेटी के साथ हिमाचल के पालमपुर आए थे. वह बैंगलोर में एमएनसी में नौकरी करते हैं.

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शिमला. पापा मैं काफी खुश हूं, मैंने बर्फ देखी और खाई भी. अब मैं पैराग्लाइडिंग करने के लिए जा रहा हूं और काफी रोमांचित हूं. हादसे से कुछ समय पहले आदविक ने पिता से यही कहा. लेकिन उसे नहीं मालूम का था, जिस सफर पर वह अपने परिवार के साथ जा रहा है, वह उसका आखिरी सफर होगा. मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से जुड़ा है. पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर बीड़ बिलिंग घाटी में 12 साल के आदिव की जीप हादसे में मौत हो गई. 22 दिसंबर को यह हादसा हुआ था. आदविक के पिता ने अब हिमाचल सरकार से सवाल पूछे हैं? साथ ही कहा कि हम चाहते हैं कि हिमाचल सरकार मामले पर नोटिस ले और किसी और का बेटा यहां हादसे का शिकार ना हो.

दरअसल, कांगड़ा की बीड़ बिलिंग घाटी पैराग्लाइडिंग के लिए काफी मशहूर है. यहां पर बड़ी संख्या में सैलानी आते रहते हैं. लेकिन सुरक्षा मानक पूरे ना होने की वजह से लगातार यहां हादसे हो रहे हैं. 12 साल के आदविक के साथ भी कुछ एसा ही हुआ. 22 दिसंबर को मूल रूप से यूपी के रहने वाला रिषभ त्रिपाठी अपनी पत्नी शारदा, बेटे आदविक और 7 साल साल की बेटी के साथ हिमाचल के पालमपुर आए थे. वह बैंगलोर में एमएनसी में नौकरी करते हैं.

पालमपुर में घुग्घर टांडा के रहने वाले डॉ. बीके सूद के घर पर ठहरे थे. बाद में बेटे विपल के साथ पैराग्लाइडिंग करने के लिए बिलिंग जा रहे थे. पैराग्लाइडिंग एजेंसियों की ओर से उपलब्ध करवाई गई पिकअप में जब वह जा रहे थे तो रास्ते में तेज रफ्तार जीत स्कूटी से टकराने के बाद सड़क से नीचे लुढ़क गई. हादसे में आदविक की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हुए थे. आदविक की बहन क्योंकि 8 साल से कम थी तो उसे पैराग्लाइडिंग के लिए नहीं ले जाया गया था.

दोस्तों ने कैसे आदविक को किया याद.

दोस्तों ने कैसे आदविक को किया याद
आदविक की मौत के बाद उसके दोस्तों ने उसे याद किया और उसके साथ बिताए लम्हों का जिक्र किया. आदविक के क्लासमेट सोहम ने लिखा कि तुम एक शानदार सहपाठी थे. हालांकि, हम बीते कुछ साल में साथ में ज्यादा नहीं लेकिन हमारी क्लास में तुम्हारी कमी महसूस होगी. कुछ इसी तरह अक्षिता ने आदविक को याद किया और लिखा कि हम ज्यादा बात नहीं करते थे. लेकिन जब भी करते थे, यह काफी खुशनुमा पल होते थे. जो पूरी उम्र मुझे चैरिस करते रहेंगे. तुम हमेशा चेहरे पर मुस्कान लिए घूमते थे. हमेशा तुम्हार नाम स्कूल में लिया जाता था. फिर चाहे कोई इनाम जीतना हो या कोई काम, हमेशा टीचर तुम्हारी तारीफ करते थे. लंच ब्रैक में हमेशा स्कूल के कॉरिडोर में तुम्हारी हंसी गूंजती थी. हम उस हंसी को मिस करेंगे और मेरी तुम्हारे परिवार के साथ सवेंदनाएं हैं. मैं हमेशा तुम्हारे बारे में सोचती हूं और तुम्हें मिस करती हूं. बहुत से लोगों ने कुछ एसे ही संदेश सांझा किए हैं.

पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर बीड़ बिलिंग घाटी में 12 साल के आदविक की जीप हादसे में मौत हो गई. 22 दिसंबर को यह हादसा हुआ था.

अब हाईकोर्ट ने लिया सु मोटो
न्यूज18 ने इस संबंध में और बीड़ में लगातार हो रहे हादसों को लेकर खबर लगाई थी. इस पर हिमाचल हाईकोर्ट ने सु-मोटो लिया है. सरकार, पुलिस, डीसी से जवाब मांगा गया है. हाईकोर्ट ने नोटिस में एडवेंचर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं और सरकार,DGP, मनाली स्थित मॉउंटनियरिंग एंड एलायड स्पोर्ट्स संस्थान, पर्यटन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, होम गार्ड, एयरो स्पोर्ट्स कमेटी के अध्यक्ष, सभी जिलों के डीसी और एसपी को नोटिस देकर 5 हफ्ते में जबाव दाखिल करने को कहा है.
लगातार घाटी में हो रहे हादसे
बीड़ बिलिंग में आदविक के साथ हादसा कोई पहला हादसा नहीं है. यहां पर लगातार हादसे हो रहे हैं. 21 नवंबर 2021 को यहां पर उड़ान के दौरान कांगड़ा का युवक ऊंचाई से एक घर की छत पर गिर गया था. 32 साल के युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी. नवंबर में पठानकोट के बच्चे से यहां पैराग्लाडिंग करवाई गई थी, जबकि बच्चा आठ साल से कम उम्र का था. फरवरी 2020 में यहां पर बरोट के 24 साल के अक्षय की प्रशिक्षण उड़ान के दौरान ऊंचाई से गिरने से मौत हो गई थी. लगातार यहां हादसे हो रहे हैं. लेकिन टूरिज्म विभाग के साथ-साथ सरकार की नींद नहीं जागी. बता दें कि 2013 में यहां पर पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप का आयोजन किया गया था, तब से यह घाटी काफी मशहूर हो गई थी और दुनिया की दूसरी सबसे बेहतरीन पैराग्लाइडिंग साइट के रूप में इसे जाना जाता है.

Tags: High court, Himachal Police, Himachal pradesh, Kangra News

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