अभिभावक मंच का विधानसभा घेराव, निजी स्कूलों के लिए रेगुलेटरी कमीशन बनाने की मांग

विधानसभा के पास प्रदर्शन किया गया.
विधानसभा के पास प्रदर्शन किया गया.

अभिभावक मंच का कहना है कि निजी स्कूलों के संचालन के लिए उच्च शिक्षा की तर्ज़ पर रेगुलेटरी कमीशन (Regulatory Commission) बनाया जाना चाहिए.

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शिमला. निजी स्कूलों (Private School) के संचालन और मनमानी को रोकने के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर गुरुवार को छात्र और अभिभावक मंच (Parent forum) ने विधानसभा का घेराव किया. मंच के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए विक्ट्री टनल से लेकर विधानसभा चौक तक रैली निकाली. इसके बाद विधानसभा (Assembly) के बाहर मुख्य सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में अभिभावक और छात्र शामिल हुए. मंच के सदस्यों का कहना है कि निजी स्कूलों की मनमानी लूट, भारी फीस और समय-समय पर की जाने वाली फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने की जरूरत है.

अभिभावक मंच मांग की है कि टयूशन फीस कुल फीस का 50 प्रतिशत से अधिक न हो. मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि सरकार से मुख्य मांग है कि निजी स्कूलों में फीस, पाठ्यक्रम और विषयवस्तु को संचालित करने के इसी विधानसभा सत्र में कानून पारित किया जाना चाहिए.

 संयोजक ने कही ये बात



मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा कि सरकार निजी स्कूलों की मनमानी और भारी लूट के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश सरकार को निजी स्कूलों की मनमानी व लूट रोकने के लिए लगभग एक साल पूर्व कानून का प्रस्ताव सौंप दिया था, लेकिन प्रदेश सरकार जान बूझ कर इस प्रस्ताव को विधानसभा में प्रस्तुत नहीं कर रही है.


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कई लोग हो रहे प्रभावित

विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि अगर सरकार निजी स्कूलों के 6 लाख छात्रों और 9 लाख अभिभावकों के प्रति गम्भीर है तो फिर इसी विधानसभा सत्र में इस प्रस्ताव को पेश किया जाए व निजी स्कूलों के संचालन के लिए कानून पारित किया जाए. साथ ही कहा कि 1997 के कानून व वर्ष 2003 के नियमों में निजी स्कूलों को संचालित करने का कोई प्रावधान नहीं है. इसलिए शीघ्र ही यह कानून बनना बेहद आवश्यक है. उन्होंने निजी स्कूलों के संचालन के लिए उच्च शिक्षा की तर्ज़ पर रेगुलेटरी कमीशन बनाने की मांग की है. साथ ही स्कूलों की लूट रोकने के लिए राज्य सलाहकार परिषद का गठन करने की भी मांग की.
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