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हिमाचल पुलिस का रिपोर्ट कार्ड: 3 दशक में 2019 में सबसे कम मर्डर, रेप केस बढ़े
Shimla News in Hindi

Ranbir Singh | News18 Himachal Pradesh
Updated: January 2, 2020, 3:10 PM IST
हिमाचल पुलिस का रिपोर्ट कार्ड: 3 दशक में 2019 में सबसे कम मर्डर, रेप केस बढ़े
हिमाचल के डीजीपी सीता राम मरडी.

Crime in Himachal: सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है.सूचना भी दी जा रही है. सभी पुलिस थानों को फेसबुक आईडी बनाने के आदेश दिए गए हैं.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में बीते तीन दशकों में 2019 में मर्डर (Murder in Himachal) के मामलों में कमी आई है. हालांकि, रेप के मामले बढ़े हैं, जबकि अन्य अपराधों में कमी दर्ज हुई है. हिमाचल पुलिस (Himachal Police) के रिपोर्ट कार्ड (Report Card) में यह बातें सामने आई हैं. हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सीताराम मरड़ी ने गुरुवार को हिमाचल पुलिस का 2019 का रिपोट कार्ड पेश किया है.

16 पन्नों की रिपोर्ट जारी
हिमाचल के DGP मरडी ने जानकारी दी कि 2019 में दुष्कर्म के मामलों को छोड़ कर सब तरह के अपराधों में कमी आई है. साल 2019 में 2018 के मुकाबले रेप के मात्र 13 मामले अधिक हैं. 2018 में रेप का आंकड़ा 345 था, जो 2019 में बढ़कर 358 तक पहुंचा. डीजीपी ने 16 पन्नों की रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि 2019 में पिछले 3 दशकों में सबसे कम हत्याएं हुईं. 69 मामले सामने आए.

नशे पर नकेल

नशे पर पुलिस की मेहनत रंग ला रही है. साल 2019 में करोड़ों की हेरोइन बरामद की गई. NDPS के तहत 1439 FIR दर्ज की गई, जिसमें विदेशियों समेत कुल 1925 लोग गिरफ्तार किए गए. ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने के चलते सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है. 2018 में जहां 3118 दुर्घटनाएं हुई थी 2019 में केवल 2897 घटनाएं सामने आई. सड़क हादसों में मरने वालों और घायलों की संख्या में भी काफी कमी आई है. इसके अलावा, हत्या के प्रयास, अपहरण, दंगे, चोरी, सेंधमारी जैसी घटनाओं में भी कमी दर्ज की गई है.

हिमाचल पुलिस का 2019 का रिपोट कार्ड पेश किया है. (सांकेतिक तस्वीर)


ग्रेजुएट कॉन्सटेबलों को जांच की शक्तियां-डीजीडीजी ने बताया कि ग्रेजुएट कॉन्सटेबलों को जांच की शक्तियां सौंपी गई हैं. हिमाचल देश में कॉन्सटेबलों के जरिए जांच करवाने में नंबर एक स्थान पर है. 1399 FIR की जांच कॉन्सटेबल कर रहे हैं. अपराध को रोकने के लिए थानों के अलावा, महत्वपूर्ण स्थानों को सीसीटीवी से लैस किया गया है.100 थानों में 494 सीसीटीवी लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि हिमाचल आने और जाने वाले एंट्री प्वाइंट्स पर सीसीटीवी लगाए गए हैं.

सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का ट्रिपल ई फार्मूला
सड़क दुर्घटनाओं को रोकने, मरने वालों और घायलों की संख्या कम करने के लिए ट्रिपल-ई (EEE) फॉर्मूले से निपटा जाएगा. ट्रिपल-ई का मतलब है, एजुकेट, इंजीनियरिंग और एन्फोर्समेंट. रोड सेफ्टी पर पहले लोगों को जागरूक किया जाएगा, फिर सड़क पर ब्लैक स्पॉट को चिन्हित कर उन्हें ठीक करने के लिए संबंधित विभाग को सौंपा जाएगा. इस सब के बावजूद कमी नहीं आई तो सख्ती से पेश आया जाएगा और जुर्माना किया जाएगा. नशा, साइबर क्राइम और अन्य अपराधों पर लगाम करने के लिए समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर कार्य किया जाएगा, इसमें ट्रिपल ई का इस्तेमाल किया जाएगा.

यह बोले डीजीपी
डीजीपी ने कहा कि नशे पर रोक लगाने के लिए हिमाचल ने ड्रग-फ्री हिमाचल एप्प लॉंच की थी, जिसके अच्छे परिणाम आ रहे हैं. इस ऐप के जरिए कोई भी व्यक्ति नशे से संबधित सूचना सीधे पुलिस को दे सकता है. सूचना देने वाले की मर्जी के बिना उसका नाम आगामी कार्रवाई या तफ्तीश में शामिल नहीं किया जा सकता. देश में इस तरह की एप्प इस्तेमाल करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य है और अन्य राज्य अब हिमाचल का अनुसरण कर रहे हैं. इस एप्प को अब तक 10 हजार लोगों ने डाउनलोड किया है. अब अगला लक्ष्य 1 लाख लोगों से डॉउनलोड करवाना है. सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है.सूचना भी दी जा रही है. सभी पुलिस थानों को फेसबुक आईडी बनाने के आदेश दिए गए हैं.

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First published: January 2, 2020, 2:38 PM IST
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