PM मोदी अगले महीने करेंगे अटल टनल रोहतांग का उद्घाटन, जानें क्‍या है खासियत
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PM मोदी अगले महीने करेंगे अटल टनल रोहतांग का उद्घाटन, जानें क्‍या है खासियत
कारगिल युद्ध के समय रोहतांग दर्रा सेना के लिए कारगिल पहुंचने को मददगार बना था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 27 सितंबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बनकर तैयार हो चुकी रोहतांग टनल (Atal Tunnel Rohtang) का उद्घाटन करेंगे.

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शिमला. भारत का कालापानी कहे जाने वाला लाहौल स्पीति (Lahaul Spiti) अब जल्द ही 12 महीने शेष दुनिया से जुड़ा रहेगा. जी हां, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) अगले महीने अटल टनल रोहतांग के उद्घाटन के लिए आ रहे हैं जिसकी प्रस्तावित तारीखें जारी हो गई हैं. आपको बता दें कि दुनिया की लंबी रोड टनलों में शुमार होने वाली अटल टनल रोहतांग (Atal Tunnel Rohtang) की कुल लंबाई 9.2 किलोमीटर हो गई है.

29 सितंबर को पीएम का प्रस्तावित दौरा
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बनकर तैयार हो चुकी रोहतांग टनल का अगले महीने उद्घाटन होने जा रहा है. पीएम मोदी का 29 सितंबर को प्रस्तावित दौरा है. इस दिन पीएम मोदी हिमाचल में आकर अटल टनल रोहतांग को देश के नाम समर्पित करेंगे. जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से सूचना मिली है कि अगले महीने की 29 तारीख को पीएम का प्रस्तावित दौरा है. अटल टनल रोहतांग जनजातीय जिला लाहौल स्पीति के लिए ऐसी भाग्यरेखा बनने जा रही है जिसकी कल्पना यहां के बुजुर्ग लोगों ने बहुत पहले की थी. आज वो सपना पूरा होने के करीब है.

12 महीने शेष दुनिया से जुड़ा रहेगा लाहौल स्पीति
कारगिल युद्ध के समय रोहतांग दर्रा सेना के लिए कारगिल पहुंचने को मददगार बना था, तब देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे. लेकिन यह दर्रा सर्दियों में छह महीने के लिए बंद हो जाता है. 15 नवंबर को दर्रा अधिकारिक तौर बंद हो जाता है और अप्रैल माह में खुलता है. ऐसे में लाहौल स्पीति के लोगों को केवल हेलिकॉप्टर के जरिए शेष दुनिया से जुड़े रहना पड़ता है जो मौसम पर निर्भर करता है. जनजातीय विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि टनल हर मौसम में खुली रहेगी, इसलिए लोगों की आवाजाही आसानी से हो सकेगी और लोग टनल के जरिए सीधे मनाली पहुंच सकेंगे.



9.2 किलोमीटर है टनल
दुनिया की लंबी रोड़ टनलों में शुमार होने वाली अटल टनल रोहतांग की कुल लंबाई 9.2 किलोमीटर हो गई है. इसकी घोषणा 2001 में तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी और शिलान्यास सोनिया गांधी ने 2010 में किया था. टनल को बीआरओ ने बनाया है जो घोड़े की नाल की तरह है. सामरिक दूष्टि से टनल काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से 12 महीने सेना और रसद कारगिल सीमा के अलावा चीन बॉर्डर पहुंच सकती है. बीआरओ रोहतांग से आगे तीन और टनल बनाने जा रहा है.

विंटर स्पोर्टस को लगेंगे पंख
अटल टनल से लाहौल स्पीति भी पर्यटन की दृष्टि से दुनिया के मानचित्र पर आ जाएगा. इसकी वजह यह है कि यहां पर सर्दियों में बर्फबारी के बाद विंटर स्पोर्टस हो सकेंगे, जो पहले गुलमर्ग और विदेशों में हुआ करते थे. इसके अलावा गर्मियों में भी यहां पर पर्यटन के लिए कई स्थान हैं जहां लोग जा सकेंगे. रोहतांग दर्रा पर पड़ने वाला बेवजह बोझ भी कम होगा. जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बताया कि सरकार आने वाले समय में लाहौल स्पीति में पर्यटन को विकसित भी करेगी और नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी ढूंढे जाएंगे.
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