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हिमाचल के 11 शहरों का हाल: दीवाली पर शिमला, धर्मशाला सहित इन शहरों में बढ़ा पॉल्यूशन

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: October 31, 2019, 12:29 PM IST
हिमाचल के 11 शहरों का हाल: दीवाली पर शिमला, धर्मशाला सहित इन शहरों में बढ़ा पॉल्यूशन
हिमाचल के शिमला में दिवाली पर प्रदूषण का स्तर बढ़ा है.

हिमाचल में दिवाली के अगले दिन आरएसपीएम का स्तर एक तरह से आधा हो गया है. शिमला में दिवाली के अगले दिन यानी 28 अक्तूबर को आरएसपीएम 90.3 से गिरकर 48.1 पहुंच गया था.

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शिमला. दिवाली के बाद देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है. यहां पर प्रदूषण (Pollution) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. वहीं, दीपावली (Diwali) पर हिमाचल में आम दिनों के मुकाबले प्रदूषण के स्तर में इजाफा हुआ है.

सूबे के 11 शहरों में दिवाली के दिन और बाद प्रदूषण के स्तर को लेकर हिमाचल प्रदेश पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से आंकड़े पेश किए गए हैं. हिमाचल में ग्रीन दीवाली मनाने की अपील का लोगों पर 60 फीसदी असर देखने को मिला है. सूबे के 11 शहरों में से छह में पॉल्यूशन लेवल (आरएसपीएम) आम दिन के मुकाबला बढ़ा है. इन छह शहरों में आरएसपीएम का स्तर 100 से अधिक रहा है. इसके अलावा, एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का स्तर गिरा है.

11 शहरों का आंकलन
दरअसल, हिमाचल प्रदेश पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से दिवाली और दिवाली अगले दिन का प्रदूषण स्तर का डाटा जुटाया गया है. इसमें 11 शहर शिमला, परवाणु, धर्मशाला, डमटाल (कांगड़ा), कालाअंब (सिरमौर), ऊना, सुंदरनगर(मंडी), बद्दी (सोलन), नालागढ़(सोलन) और मनाली के आंकड़े जुटाए गए हैं. शिमला में दीवाली की रात को 90.3 रेस्पिरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर (आरएसपीएम) दर्ज किया गया. यह बीते दो साल के मुकाबले सबसे ज्यादा था. साल 2017 में शिमला में आरएसपीएम लेवल (ओल्ड बस स्टैंड) 78.9 था. साल 2018 में 76.0 था. लेकिन इस बार यह बढ़कर 90.3 आरएसपीएम तक पहुच गया है.

बद्दी, नालागढ़ व मनाली में रेस्पिरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा पिछले साल की अपेक्षा कम हुई है.
बद्दी, नालागढ़ व मनाली में रेस्पिरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा पिछले साल की अपेक्षा कम हुई है.


रिपोर्ट के अनुसार, शिमला सहित छह शहरों की हालत ज्यादा खराब है. दिवाली में परवाणु के सेक्टर-1में 192.3 आरएसपीएम था. इस दिवाली पर शिमला में 90.3 आरएसपीएम, परवाणू का 191.3, धर्मशाला में 113.7, डमटाल में 77.7, पावंटा में 156.3 और सुंदरनगर 112.7 और कालाअंब में 96.2 आरएसपीएम दर्ज किया गया है.

आदित्य नेगी, सदस्य सचिव. हिमाचल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड.
आदित्य नेगी, सदस्य सचिव. हिमाचल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड.

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इन शहरों में हुआ कम
जिन पांच शहरों में यह स्तर कम हुआ है, उसमें ऊना में 78.8, सोलन का बद्दी 110.0, सोलन के नालागढ़ में 92 आरएसपीएम और मनाली 120.8 आरएसपीएम दर्ज किया गया है. साल 2018 के मुकाबले इस बार पावंटा साहिब में आरएसपीएम ने 52 अंकों की छलांग लगाई है. इसके अलावा, परवाणु में 20 आरएसपीएम प्वाइंट का उछाल दर्ज किया गया है.

इन शहरों में गिरा आरएसपीएम
हिमाचल के पांच प्रमुख औद्योगिक और टूरिस्ट स्पॉट ऊना, सुंदरनगर, बद्दी, नालागढ़ व मनाली में रेस्पिरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर की मात्रा पिछले साल की अपेक्षा कम हुई है. यानी यहां प्रदूषण का लेवल कम हुआ है.

यह बोला राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
हिमाचल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव आदित्य नेगी ने बताया कि दिवाली पर आरएसपीएम कुछ जगह बढ़ा है और कुछ क्षेत्रों में कम भी हुआ है.ऐसे में अब विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है कि दिवाली के दिन और रात में किस-किस तत्व की वृद्धि हुई है जो सबके लिए घातक है। इसके आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे.

क्या होता है आरएसपीएम बढ़ने पर
आरएसपीएम के अधिक बढ़ने पर एयर क्वालिटी इंडेक्स गिर जाता है. इस कारण सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन, खांसी के अलावा दमा की शिकायत होती है. बीपी, दिल का दौरा, स्ट्रोक और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इन कणों का हवा में स्तर बढ़ने का सबसे बुरा असर बच्चों व बुजुर्गों पर पड़ता है.

दिवाली के अगले दिन बेहतर हुई हवा
हिमाचल में दिवाली के अगले दिन आरएसपीएम का स्तर एक तरह से आधा हो गया है. शिमला में दिवाली के अगले दिन यानी 28 अक्तूबर को आरएसपीएम 90.3 से गिरकर 48.1 पहुंच गया था. परवाणू सेक्टर-1 में आरएसपीएम 192.3 से 90.3 पर पहुंच गया. इसके अलावा, ऊना में 78.4 से 69.5, बद्दी में 110 से 76.7 आरएसपीएम हुए है. हालांकि, नालागढ़ में दो प्वाइंट का इजाफा हुआ है. वहीं, टूरिस्ट सिटी मनाली में 120.8 आरएसपीएम से 93.6 तक पहुंचा गया है. धर्मशाला में आरएसपीएम का स्तर आधा हुआ है.113.7 से 57.7 आरएसपीएम स्तर लुढ़का है. मंडी के सुंदर नगर में 112.7 से 79 आरएसपीएम स्तर लुढ़का है.पांवटा साहिब में 156.3 से 132, कालाअंब में 96.2 से 69 आरएसपीएम पहुंचा है.

यह है प्रदूषण का पैमाना
जीरो से 50 आरएसपीएम होने पर प्रदूषण का कम असर होता है. इसे गुड एयर क्वालिटी माना जाता है. 51 से 100 आरएसपीएम के स्तर को संतोषजनक माना गया है. इसमें सांस लेने में हल्की परेशानी आती है. 101 से 200 के बीच मॉडरेट माना गया है. इसमें लंग्स, दिल की बीमारी और छोटे बच्चों को सांस लेने में दिक्कत होती है. 201 से 300 तक आरएसपीएम स्तर को खराब माना गया है. इसमें लोगों को सांस लेने में परेशानी आती है. 301 से 400 के बीच आरएसपीएम को काफी खराब कहा जाता है. 401 या इससे आरएसपीएम के बहुत ज्यादा खराब कहा जाता है. इसमें आम लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है.

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First published: October 31, 2019, 11:56 AM IST
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