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शिमला के मशहूर बुक कैफे में अब नहीं दिखेंगे कैदी, नगर निगम ने निजी हाथों में सौंपी चाबी

शिमला के बुक कैफे में जेल सुधार गृह में सजा काट रहे कैदी अब यहां नजर नहीं आएंगे.

शिमला के बुक कैफे में जेल सुधार गृह में सजा काट रहे कैदी अब यहां नजर नहीं आएंगे.

राजधानी शिमला के बुक कैफे (Book Cafe) में जेल सुधार गृह में सजा काट रहे कैदी (Prisoner) अब यहां नजर नहीं आएंगे. नगर निगम शिमला (Shimla Municipal Corporation) ने बुक कैफे को जेल विभाग से लीज समाप्त होने के बाद ताला जड़ दिया गया है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला (Shimla) के बुक कैफे (Book Cafe) में जेल सुधार गृह में सजा काट रहे कैदी अब यहां नजर नहीं आएंगे. नगर निगम शिमला ने बुक कैफे को जेल विभाग (Jail Department) से लीज समाप्त होने के बाद ताला जड़ दिया गया है. जेल विभाग ने सोमवार को नगर निगम शिमला को बुक कैफे की कमान सौंप दी है. अब नगर निगम इसी सप्ताह बुक कैफे को निजी हाथों में सौंपेगा. गौरतलब है कि नगर निगम शिमला ने बुक कैफे से अपनी आय बढ़ाने के लिए निजी हाथों में सौंपने का निर्णय लिया है. निगम ने जिसके लिए सितंबर माह में टेंडर निकाले थे. टेंडर प्रक्रिया के दौरान यह कैफे फ़ूड चैन चलाने वाले एक कारोबारी के हाथों लग गया है. कारोबारी अब जल्द ही नए सिरे से बुक कैफे की कमान अगले दस साल तक संभालेगा. बुक कैफे चलाने की एवज में कारोबारी को एक साल का करीब 14 लाख रूपये निगम को चुकाना होगा.

शिमला नगर निगम को 14 लाख की आमदनी होगी

नगर निगम की महापौर कुसुम सदरेट ने बताया कि साल 2017 में स्थापित किए पहले बुक कैफे को नगर निगम ने जेल विभाग को चलाने के लिए दिया था. बुक कैफे में खाने पीने से लेकर मनोरंजन और पढ़ाई से सम्बंधित चीजें बेची जाती थी. इसका लाभ जेल विभाग को होता था, लेकिन नगर निगम शिमला को कोई आय नहीं हो रही थी. अब निगम ने अपनी आय को बढ़ाने के लिए इसे लीज पर दिया है, जिससे निगम को सालाना करीब 14 लाख की आय होगी. जाहिर है निगम इस आय को शहर के विकासकार्यों पर खर्च करेगा.

Kusum Sadret
नगर निगम की महापौर कुसुम सदरेट ने बताया कि पहले बुक कैफे को नगर निगम ने जेल विभाग को चलाने के लिए दिया था. अब इसे निजी हाथों में दी जाएगी.


यहां जेल विभाग द्वारा तैयार खाद्य पदार्थ बेचे जाएंगे

उन्होंने बताया कि भले ही निगम की आय बढ़ाने के लिए निगम ने बुक कैफे को निजी हाथों में सौंपा है लेकिन बुक कैफे में जेल विभाग द्वारा तैयार खाद्य पदार्थों को भी बेचा जाएगा.

गौरतलब है कि नगर निगम शिमला जल्द ही टक्का बैंच बुक कैफे की तर्ज़ पर स्मार्ट सिटी के तहत शहर के संजौली, छोटा शिमला तथा टूटीकंडी में बुक कैफे खोलने जा रहा है, ताकि शहरवासियों को जगह जगह बैठने के लिए उपयुक्त स्थान मिले और मनोरंजन के साथ साथ पढ़ाई और खाने पीने की चीजें भी एक जगह पर उपलब्ध हो सके.

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