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Pulwama Attack: जब बेटे के जन्म की खुशी में साथी से बोले शहीद तिलक राज-ड्यूटी के बाद पार्टी दूंगा

कांगड़ा के जवाली स्थित धारकलां गांव के जवान तिलक राज का जन्म दो मई 1988 को हुआ था. उन्होंने 27 अप्रैल 2007 को सीपीआरएफ में सेवाएं देनी शुरू की थी. (FILE PHOTO)

कांगड़ा के जवाली स्थित धारकलां गांव के जवान तिलक राज का जन्म दो मई 1988 को हुआ था. उन्होंने 27 अप्रैल 2007 को सीपीआरएफ में सेवाएं देनी शुरू की थी. (FILE PHOTO)

Pulwama Terror Attack: पुलवामा आतंकी हमले में शहादत पाने वाले तिलक राज कबड्डी खिलाड़ी के अलावा लोकगायक भी थे. उन्होंने ‘सिड्डू शराबी’, नीलमा गद्दण व मेरी मोनिका जैसे हिट गाने गाए हैं.

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शिमला. पूरे देश आज पुलवामा हमले (Pulwama Attack) की दूसरी बरसी पर सीआरपीएफ के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दे रहा है. क्या नेता, क्या आम नागरिक सभी इन शहीदों को याद कर रहे हैं. हिमाचल के 32 साल के जवान तिलक राज भी इस आतंकी हमले में शहीद (Martyred) हो गए थे. वह कांगड़ा जिले से थे. शहीद तिलक राज (Martyre Tilak Raj) ज्वाली के उपमंडल के गांव धेवा जंन्दरोह से थे.

शनिवार को जम्मू में सीआरपीएफ की 76वीं बटालियन ने अपनी अपनी यूनिट के पांच जवानों को श्रद्धंजलि दी. तिलक राज के साथी हवलदार सुभाष चंद ने बताया कि तिलक राज उनके काफी करीब थे. तिलक राज को यादकर रोते हुए वह बोले कि वह (तिलक राज) कुछ दिन पहले ही घर से लौटा था और उसका 21 दिन का बेटा था. बेटा होने की खुशी में जब हमने तिलक राज से पार्टी मांगी तो उसने कहा कि अभी वह ड्यूटी पर जा रहा है और बाद में लौटने के बाद पार्टी दूंगा. लेकिन तिलक राज फिर कभी नहीं लौटे.

हमले से दो दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे
कांगड़ा के जवाली स्थित धारकलां गांव के जवान तिलक राज का जन्म दो मई 1988 को हुआ था. उन्होंने 27 अप्रैल 2007 को सीपीआरएफ में सेवाएं देनी शुरू की थी. हमले से ठीक 22 दिन पहले ही वह पिता बने थे और दो दिन पहले ही घर से ड्यूटी पर लौटे थे.

लोकगायक भी थे तिलकराज
पुलवामा आतंकी हमले में शहादत पाने वाले तिलक राज कबड्डी खिलाड़ी के अलावा लोकगायक भी थे. उन्होंने ‘सिड्डू शराबी’, नीलमा गद्दण व मेरी मोनिका जैसे हिट गाने गाए हैं. छुट्टी आने के बाद घर में घरेलू कबड्डी प्रतियोगिता में स्थानीय टीम की ओर से खेलते थे. शहीद के दो बेटे हैं. उनकी पत्नी को राज्य सरकार की ओर से सरकारी नौकरी दी गई है.

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