हिमाचल में मौसम: बारिश से तापमान में भारी गिरावट, 18 साल का रिकॉर्ड टूटा

शिमला में बारिश के बाद रिज मैदान.

शिमला में बारिश के बाद रिज मैदान.

Rain in Himachal: हिमाचल में ऊपरी शिमला में बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों का काफी नुकसान किया है, यहां पर ओलावृष्टि से एंटी हेलनेट व सेब के पौधों की टहनियां टूट गर्ई. कुल्लू, शिमला के ठियोग उपमंडल और जुब्बल व कोटखाई की कई पंचायतों में ओलावृष्टि से सेब और सब्जियों को नुकसान पहुंचा है

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी (Rain and Snow) के चलते मई महीने में नंवबर जैसा एहसास हो रहा है. बीते दो दिन से लगातार बारिश के चलते तापमान में भारी गिरावट देखी गई है और ठंड का एहसास सूबे में हुआ है. बारिश की वजह से 18 वर्ष में मई में गुरुवार को सबसे कम तापमान दर्ज किया गया. मौसम विभाग (Weather Department) के आकड़ों के अनुसार, 2004 से लेकर अभी तक मई में सबसे कम तापमान 12 मई को दर्ज किया गया. तापमान में लगातार गिरावट और फिर गर्मी बढ़ने से मानव के स्वास्थ्य पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. साथ ही फसलों और फलों के लिए यह नुकसानदायक है.

तापमान में यह कमी प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और निचले इलाकों में ओलावृष्टि व बारिश की वजह से आई है. मौसम विभाग ने 24 घटे के दौरान ऊंचाई वाले एक-दो स्थानों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई है. शुक्रवार के लिए भी प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है.

हिमाचल में मौसम का हाल.

तीन जिलों में 13 मई का तापमान
साल 2004 में शिमला में पारा 26.1 डिग्री दर्ज हुआ था. वहीं, 13 मई को शिमला में अधिकतम पारा 15.7 डिग्री दर्ज हुआ है. मई में शिमला में आम तौर पर पारा 25 डिग्री के करीब रहता है. लेकिन अब शिमला में तापमान गिरने से मई में दिसंबर जैसा एहसास हो रहा है. इसके अलावा, मंडी जिले के सुंदरनगर में 18.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ है. जबकि आम तौर पर यहां मई में 35 डिग्री के आसपास पारा रहता है. वहीं, प्रदेश के सबसे गर्मा जिले ऊना में भी पारा गुरुवार को 28.2 डिग्री दर्ज हुआ. यहां आम तौर पर मई में 40 डिग्री के करीब तापमान देखा जाता है.

ओलावृष्टि व बारिश के बाद प्रदेश में 12 सड़कें बंद

प्रदेश में बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक चोटियों पर हिमपात जारी रहा. वहीं, कुछ मैदानी इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. इस कारण कई स्थानों पर भूस्खलन भी हुआ है. शिमला, कुल्लू और मंडी जिला में 12 सड़कें बंद रही. मौसम विभाग ने 16 मई तक चोटियों पर हिमपात और कुछ निचले क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है, प्रदेश में अप्रैल और मई में अधिक बारिश दर्ज की गई है.



फसलों को नुकसान

हिमाचल में ऊपरी शिमला में बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों का काफी नुकसान किया है, यहां पर ओलावृष्टि से एंटी हेलनेट व सेब के पौधों की टहनियां टूट गर्ई. कुल्लू, शिमला के ठियोग उपमंडल और जुब्बल व कोटखाई की कई पंचायतों में ओलावृष्टि से सेब और सब्जियों को नुकसान पहुंचा है. वहीं, मौसम के करवट लेने से प्रदेश में बुखार और वायरल फैल रहा है और लोग बीमार हो रहे हैं.

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