Shimla : कई शर्तों के साथ कल से खुलेंगे धार्मिक स्थल, अनलॉक-4 के निर्देशों का करना होगा पालन

Unlock-4 की गाइडलाइन का पालन करते हुए खोले जाएंगे धार्मिक स्थल. (सांकेतिक तस्वीर)

65 वर्ष से अधिक आयु, किसी बीमारी से ग्रस्त लोग, गर्भवती महिला और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे धार्मिक क्षेत्र में न जाएं. धार्मिक स्थलों पर भेंट सामग्री चढ़ाना, प्रसाद व चरणामृत बांटना, पवित्र जल का छिड़काव प्रतिबंधित है.

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शिमला. सरकार के दिशा-निर्देश पर अनलॉक-4 (Unlock-4) में खुलने जा रहे धार्मिक स्थलों (Religious places) को लेकर प्रशासन (Administration) ने विशेष मानक संचालन (SOP) जारी कर दी है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते करीब छह माह बाद खुलने जा रहे धार्मिक स्थलों पर विभिन्न शर्तों का पालन करना होगा. बुधवार को शिमला (Shimla) के डीसी अमित कश्यप ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (video conferencing) से जिला के सभी धार्मिक गुरुओं और अध्यक्षों के साथ बैठक की और सरकार के दिशा-निर्देश पर धार्मिक स्थलों को खोलने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि उपमंडलाधिकारी अपने अधीन क्षेत्रों में स्थापित पूजा एवं धार्मिक स्थलों के प्रतिनिधियों से बैठक कर एसओपी का सख्ती से पालन करना सुनिश्चित करें. उन्होंने कहा कि एसओपी की अनुपालना के संबंध में उपमंडलाधिकारी समय-समय पर धार्मिक क्षेत्रों व पूजा स्थलों की जांच अथवा निगरानी का कार्य भी करना सुनिश्चित करें.

धार्मिक स्थलों पर करनी होगी थर्मल स्क्रीनिंग

धार्मिक स्थलों के लिए एसओपी के तहत प्रवेश द्वार की सफाई और बार-बार छूने वाली जगहों अथवा वस्तुओं को निरंतर सोडियम हाइपोक्लोराईड सोल्युशन से सैनेटाइज किया जाना व श्रद्धालुओं की थर्मल स्क्रिनिंग की जानी आवश्यक है. इसके लिए धार्मिक स्थलों में विभिन्न स्क्रिनिंग काउंटर आवश्यकता अनुरूप स्थापित किए जाएं. इसके अलावा मुंह ढंकने के लिए मास्क का प्रयोग अनिवार्य होगा और मंदिरों में परस्पर दो गज की दूरी की सलाह की अनुपालना भी सुनिश्चित की जाए. यदि संभव हो तो मंदिरों से घंटियां हटा दी जाएं अथवा उन्हें कपड़ों से ढक कर रखें ताकि श्रद्धालु उन्हें छू न सकें. इसके साथ-साथ धार्मिक ग्रंथ, रेलिंग, दरवाजे या अन्य किसी वस्तु को स्पर्श न करें. श्रद्धालुओं का धार्मिक स्थलों के अंदर पवित्र स्थान अथवा गर्भगृह पर प्रवेश वर्जित होगा. कोई भी श्रद्धालु मूर्ति के समक्ष एक मिनट से अधिक नहीं रुक सकता और पुजारी अथवा श्रद्धालुओं द्वारा मूर्तियों को न छुआ जाए.

बुजुर्गों और बच्चों के प्रवेश पर पाबंदी

उन्होंने बताया कि 65 वर्ष से अधिक आयु अथवा किसी बीमारी से ग्रस्त लोग, गर्भवती महिला और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे धार्मिक क्षेत्र में न जाएं. धार्मिक स्थलों के परिसरों में भेंट सामग्री चढ़ाना, प्रसाद व चरणामृत बांटना, पवित्र जल का छिड़काव प्रतिबंधित है. इसके अलावा परिसर में व्यर्थ इधर-उधर न घूमें अथवा बैठें. साथ ही श्रद्धालु को मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना भी आवश्यक होगा. वहीं एसडीएम शिमला ने भी सभी धार्मिक अध्यक्षों और संचालकों को भी सरकार के दिशा-निर्देश के तहत काम करने के निर्देश दिए हैं.

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