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सड़क पर नहीं है क्रैश बैरियर, बना रहता है हादसे का खतरा

Pradeep Thakur | News18 Himachal Pradesh
Updated: December 6, 2019, 4:15 PM IST
सड़क पर नहीं है क्रैश बैरियर, बना रहता है हादसे का खतरा
सड़के के तीन किलोमीटर के दायरे में क्रैश बैरियर लगाने की मांग.

झील बनने के बाद सुन्नी से सलापड़ के लिए सड़क निकाली जा रही है. जहां तक सड़क निकली है वहां पर आवाजाही शुरू हो चुकी है, लेकिन सड़क के किनारे क्रैश बैरियर (Crash Barrier) लगाना विभाग भूल गया है. 2017 में यहां पर एक सड़क हादसा (Accident) भी हुआ, जिसमें एक व्यक्ति वाहन समेत झील में समा गया और एक सप्ताह बाद उसका शव मिला.

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शिमला. हिमाचल में सड़कें तो बना दी जाती हैं, लेकिन सुरक्षा का खयाल नहीं रखा जाता है. ऐसी ही स्थिति प्रसिद्ध तीर्थस्तान तत्तापानी (Pilgrim place Tattapani) के नजदीक सुन्नी-सलापड़ के पास सड़क की है. झील बनने के बाद सुन्नी से सलापड़ के लिए सड़क निकाली जा रही है. जहां तक सड़क निकली है वहां पर आवाजाही शुरू हो चुकी है, लेकिन सड़क के किनारे क्रैश बैरियर (Crash Barrier) लगाना विभाग भूल गया है. ऐसे में यहां पर सड़क हादसे का खतरा (Road accident risk) बना रहता है. 2017 में यहां पर एक सड़क हादसा भी हुआ, जिसमें एक व्यक्ति वाहन समेत झील में समा गया और एक सप्ताह बाद उसका शव मिला.

क्रैश बैरियर लगाने की मांग उठी

पीड़ित परिवार दो सालों से विभाग और सरकार से गुहार लगा रहा है कि उस स्थान पर क्रैश बैरियर लगाया जाए, लेकिन अभी तक विभाग ने उस ओर ध्यान नहीं दिया है. ऐसे में इस सड़क से आवाजाही करने वाले लोगों में निरंतर दुर्घटना का भय बना रहता है. लोगों के पास कोई विकल्प भी नहीं है.

हादसे के बाद वाहन सीधे झील में समा जाएगा

हादसे में अपने सगे संबंधी को खो चुके भूपेंद्र ने बताया कि सुन्नी-सलापड़ मार्ग के बीच सरौर से कलंगार तक करीब तीन किलोमीटर दायरे में सड़क बहुत ही ज्यादा खतरनाक है. यहां पर कभी भी हादसा हो सकता है. हादसा होने पर वाहन सीधे झील में समा जाएगा. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का दौरा कर क्रैश बैरियर लगाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए.



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First published: December 6, 2019, 4:15 PM IST
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