हिमाचल: पब्बर नदी पर निर्माणाधीन पुल गिरने के मामले में PWD के 3 इंजीनियर सस्पेंड
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हिमाचल: पब्बर नदी पर निर्माणाधीन पुल गिरने के मामले में PWD के 3 इंजीनियर सस्पेंड
13 मई को शिमला के रोहड़ू में पुल गिर गया था. (FILE PHOTO)

निर्माणाधीन पुल गिरने से गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं. इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी सरकार ने बनाई थी. अब उसकी की रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) जिले में रोहडू (Rohru) में पब्बर नदी गिरने निर्माणाधीन पुल (Bridge) मामले पीडब्ल्यूडी के तीन इंजीनिजयर संस्पेंड किए गए हैं. लोक निर्माण विभाग की ओर से यह कार्रवाई की गई है. लोक निर्माण प्रधान सचिव जेसी शर्मा ने सस्पेंशन (Suspension)आर्डर की पुष्टि की है. आरोप है कि रोहड़ू के बखीरणा में पब्बर नदी पर बने डबल लेन पुल के पर्यवेक्षण और निगरानी में लापरवाही बरती गई है.

इन पर गिरी गाज
जानकारी के अनुसार, उस वक्त रोहड़ू में तैनात एक्सईएन रवि भट्टी सस्पेंड किया गया है. रवि भट्टी वर्तमान में ठियोग में तैनात हैं. इसके अलावा, एसडीओ रोहड़ू नरेंद्र सिंह नाइक, जेई सिविल रोहड़ू विजय कुमार भी सस्पेंड किए गए हैं. वहीं, निर्माण से जुड़े अधिकारी और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है. तीन सदस्यीय टीम ने इस मामले की जांच की है और पाया है कि निर्माण में तकनीकी खामी, उचित पर्यवेक्षण और निगरानी में लापरवाही बरती गई है.

रोहड़ू में गिरा पुल.
रोहड़ू में गिरा पुल. (FILE PHOTO)




यह बोले प्रधान सचिव



प्रधान सचिव पीडब्ल्यूडी जेसी शर्मा ने बताया कि सीएम जय राम ठाकुर के निर्देश पर राज्य सरकार ने इस पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया था. जांच रिपोर्ट के अनुसार, इस पुल के निर्माण में तकनीकी खामियों के अलावा, उचित पर्यवेक्षण और निगरानी में लापरवाही की गई है. मामले की विस्तृत जांच की गई है और मुख्यतः इन तीनों अभियन्ताओं को इस चूक के लिए जिम्मेदार पाया है. उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और निर्माण कार्य से जुड़े अन्य अधिकारियों/कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं.

ये है मामला
बीते 13 मई को रोह़ड़ू में पब्बर नदी पर बखीरणा पुल गिर गया था.वर्ष 2018 में पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था और करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से पुल का निर्माण हो रहा था. कुल 96 मीटर लंबा यह पुल था, जिसका 66 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है. रोहड़ू-मेंदली बाइपास को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे इस पुल का पंचकूला की वीकेजी कंपनी बना रही थी.निर्माणाधीन पुल गिरने से गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं. इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी सरकार ने बनाई थी. अब उसकी की रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई है.

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First published: May 22, 2020, 8:53 PM IST
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