कृषि कानून: पंजाब में SAD-BJP गठबंधन टूटा, हिमाचल के मंत्री बोले-उनका नेतृत्व बदल गया है

हिमाचल प्रदेश के मंत्री सुरेश भारद्वाज.
हिमाचल प्रदेश के मंत्री सुरेश भारद्वाज.

वीरेंद्र कंवर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बाकी विपक्षी दल बिचौलियों के साथ खड़े हैं, किसानों के साथ नहीं. क्योंकि चुनाव के लिए इन्हें बिचौलियों से पैसा चाहिए. लेकिन बिल को पीएम मोदी लेकर आए, इसलिए विरोध हो रहा है.

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शिमला. आखिरकार पंजाब में अकाली-भाजपा (SAD-BJP) गठबंधन टूट गया है. अकाली दल ने अगल राह अख्तियार कर ली है. दरअसल, कृषि बिल को लेकर अकाली दल एनडीए (NDA) सरकार से नाराज चल रही थी. पंजाब-हरियाणा में कृषि के खिलाफ प्रदर्शन भी चल रहा है. ऐसे में अब अकाली दल ने किसानों का मुद्दा बनाते हुए खुद को एनडीए सरकार से बाहर कर दिया है. वहीं इस गठबंधन टूटने पर हिमाचल (Himachal Pradesh) से भी नेताओं से प्रतिक्रियाएं आई हैं.

क्या बोले मंत्री
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि पंजाब में अकाली-भाजपा गठबंधन पुराना था. सरकार प्रकाश सिंह बादल के साथ पार्टी नेतृत्व के अच्छे संबंध थे. लेकिन, अब यहां नेतृत्व बदल गया है. अकाली दल के लिए पंजाब में कोई फार्म लॉबी मजबूरी रही होगी. शायद उन्होंने बिल को ठीक से देखा भी नहीं है. आधारहीन राजनीतिक कारणों से कृषि बिल का विरोध हो रहा है, जबकि बिल किसान हितैषी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भी 2019 के चुनाव घोषणा पत्र में इस बिल की बात कही थी, लेकिन अब राजनीति की जा रही है. सुरेश भारद्वाज ने कहा कि यह पहला मौका है जब बिल में भी किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की बात की गई है. किसान अपना उत्पाद बेचने के लिए स्वतंत्र है।

चुनाव आ गए हैं, इसलिए विपक्ष को बिचौलियों से धन की जरूरत-कृषि मंत्री
कृषि बिल के विरोध पर हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है. कृषि मंत्री ने कहा कि बिल का विरोध यूपी के कुछ हिस्से में और पंजाब-हरियाणा में हो रहा है. पंजाब में इसलिए विरोध हो रहा है क्योंकि यहां पर चुनाव आने वाले हैं, इसलिए मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है. वीरेंद्र कंवर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बाकी विपक्षी दल बिचौलियों के साथ खड़े हैं, किसानों के साथ नहीं. क्योंकि चुनाव के लिए इन्हें बिचौलियों से पैसा चाहिए. लेकिन बिल को पीएम मोदी लेकर आए इसलिए विरोध हो रहा है.
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