कोरोना का कहर: हिमाचल प्रदेश में स्कूल-कॉलेज 21 अप्रैल तक बंद, नाइट कर्फ्यू लगाने पर भी हुई चर्चा

हिमाचल प्रदेश में कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए समस्त शैक्षणिक संस्थान 21 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिए गए हैं.

हिमाचल प्रदेश में कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए समस्त शैक्षणिक संस्थान 21 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिए गए हैं.

हिमाचल प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार ने कोरोना को लेकर बड़ा फैसला करते हुए सभी शैक्षणिक संस्थान 21 अप्रैल तक बंद करने की की घोषणा की है. इससे पहले स्कूल-कॉलेज 15 अप्रैल तक के लिए बंद किए गए थे. कैबिनेट की बैठक में नाइट कर्फ्यू पर भी विचार किया गया है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश की जयराम ठाकुर सरकार ने कोरोना (Corona) को लेकर बड़ा फैसला करते हुए सभी शैक्षणिक संस्थान 21 अप्रैल तक बंद करने की की घोषणा की है. CM जयराम ठाकुर ने कैबिनेट की बैठक ( Jairam Thakur Cabinet Meeting) में फैसला किया. इससे पहले शैक्षणिक संस्थान 15 अप्रैल तक बंद किए थे, फिलहाल कोई नई बंदिश नहीं लगाई गई है. नाइट कर्फ्यू को लेकर भी चर्चा हुई है. हालांकि नाइट कर्फ्यू लगाने पर कोई फैसला नहीं हो पाया है.  कैबिनेट की बैठक सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई है.

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक ने राज्य में कोविद -19 स्थिति की समीक्षा की. राज्य में कोविड -19 मामलों में तेज वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए, मंत्रिमंडल ने इस महीने की 21 तारीख तक परीक्षा कर्तव्यों के लिए आवश्यक शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का निर्णय लिया.

बहुमंजिला पार्किंग सह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का विकास होगा 

U- ब्लॉक मंडी में बहुमंजिला पार्किंग-सह-शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के विकास के लिए परियोजना को रुपये के वार्षिक रियायती शुल्क पर उच्चतम बोली लगाने वाले को पीपीपी मोड के तहत सम्मानित किया जा सकता है. आरएफपी के नियमों और शर्तों के अनुसार 63,63,000 से अधिक जीएसटी और अन्य सभी लागू कर चयनित बोलीदाता रुपये का अग्रिम प्रीमियम भी अदा करेगा. रुपये की पांच समान किस्तों के माध्यम से प्राधिकरण को 2 करोड़ अनुपालन तिथि से शुरू होने वाले 24 महीनों की अवधि में प्रत्येक 40 लाख देने होंगे.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करेंगे 

इसने कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुंडियान को 50 बेड वाले सिविल अस्पताल में अपग्रेड करने के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकें। इसके अलावा, इसने कांगड़ा जिले के इंदौरा विधानसभा क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगथ को 50 बेडेड सिविल अस्पताल में अपग्रेड करने का भी निर्णय लिया।

कैबिनेट ने कांगड़ा जिले में कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तियारा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने और विभिन्न श्रेणियों के 13 नए पदों को भरने के लिए इस संस्था को बनाने के लिए अपनी मंजूरी दी।



जयराम कैबिनेट के बड़े फैसले 



  • सीधी भर्ती के माध्यम से अनुबंध के आधार पर वन विभाग में वन गार्ड के 311 पदों को भरने का भी निर्णय लिया गया। इस वर्ष की 9 मार्च को आयोजित बैठक के दौरान राज्य मंत्रिमंडल द्वारा फॉरेस्ट गार्ड के 113 पद पहले से ही स्वीकृत हैं.


  • मंत्रिमंडल ने सीधी भर्ती कोटे के खिलाफ एचपी लोक सेवा आयोग के माध्यम से कृषि विभाग में अनुबंध के आधार पर कृषि विकास अधिकारियों के 25 पदों को भरने का निर्णय लिया.


  • इसने ड्रोन तकनीक का उपयोग कर ग्रामीण बसे हुए क्षेत्रों में भूमि पार्सल के सर्वेक्षण के लिए राज्य में केंद्रीय क्षेत्र की योजना SVAMITVA को लागू करने का निर्णय लिया. इसके लिए, पंचायती राज विभाग के सहयोग से योजना के कार्यान्वयन के लिए राजस्व विभाग को नोडल विभाग के रूप में नामित किया जाएगा.


  • कैबिनेट ने वर्ग-III और वर्ग- III के उपलब्ध रिक्त पदों के विरूद्ध 5 प्रतिशत कोटे की छूट के साथ वर्ग- III और वर्ग- IV के उपलब्ध रिक्त पदों के विरुद्ध मृतक कर्मचारियों के पात्र अनुकंपा के आधार पर रोजगार देने के लिए अपनी अनुमति दी. -शिमला, किन्नौर, सोलन और कांगड़ा के डीसी कार्यालयों में और निपटान अधिकारी कांगड़ा डिवीजन का कार्यालय.


  • कैबिनेट ने इन नई बनाई गई नगर पंचायतों के सुचारू कामकाज के लिए प्रत्येक नवगठित नगर पंचायतों अर्थात शाहपुर, चिरगाँव, नेरवा, निर्मंड, अन्ननी, कंडाघाट और अंब के लिए विभिन्न श्रेणियों के पाँच पदों के सृजन के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की.


  • मंत्रिमंडल ने चंबा जिले के भटियात विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समोट के उन्नयन के लिए 50 बेडेड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को मंजूरी दी.


  • राज्य में मौजूदा सूखे की स्थिति पर जल शक्ति विभाग द्वारा मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुतियां भी दी गईं. आगे के निर्णयों के लिए सभी हितधारकों विभागों सहित मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया.


  • मंत्रिमंडल ने यह भी तय किया कि इस वर्ष 25 अप्रैल को अगला जन मंच होगा.



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