हिमाचल में 9वीं से 12वीं तक की रेगुलर कक्षाएं शुरू, पहले दिन नाममात्र बच्चे पहुंचे स्कूल

मंडी में स्कूल में पहुंचे बच्चे.
मंडी में स्कूल में पहुंचे बच्चे.

School opens in Himachal Pradesh: मंडी शहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल में भी 250 बच्चों में से मात्र 70 बच्चे ही स्कूल में आए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 8:58 AM IST
  • Share this:
शिमला. कोरोना संकट के बीच हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में सोमवार से 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं (Class) नियमित तौर पर शुरू हो गई हैं. हालांकि, पहले दिन नाममात्र बच्चे ही स्कूल पहुंचे. शिमला, मंडी (Mandi) सहित प्रदेश के दूसरे जिलों में बच्चों ने स्कूल आने में रूचि नहीं दिखाई.

शिमला में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर की बात की जाए तो वहां नवीं कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक की 12 सौ से अधिक छात्राओं में से मात्र 25 से 30 छात्राएं स्कूल आई. नियमित कक्षाएं लगाने के लिए स्कूल पहुंची इन छात्राओं में 11वीं और 12वीं कक्षा की छात्राओं की संख्या ज्यादा रही.

शिक्षा विभाग की एडवायजरी
स्कूल प्रबंधनों को शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई एडवाइजरी के तहत ही सभी तरह के प्रावधान किए गए थे. स्कूल कैंपस में प्रवेश देने से पहले उनकी थर्मल स्कैनिंग करने के साथ ही उनके हाथ सेनिटाइज करवाए गए हैं. स्कूल आने वाले शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों को भी थर्मल स्कैनिंग ओर हाथ सेनिटाइज करने के बाद ही स्कूल कैंपस में प्रवेश दिया गया. वहीं सभी छात्रों शिक्षकों और शिक्षकों को मास्क पहनना अनिवार्य किया गया था.
ऑनलाइन पढ़ाई मे परेशानी


स्कूल परिसर को भी पूरी तरह से सेनिटाइज किया गया था और कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ छात्रों को बिठाया गया. स्कूल पहुंची छात्राओं का कहना है कि भले ही ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही थी, लेकिन उनके कुछ कॉन्सेप्ट ऐसे थे जो ऑनलाइन पढ़ाई के माध्यम से क्लियर नहीं हो पा रहे थे. यही वजह है कि वह स्कूलों में नियमित कक्षाएं लगने से खुश हैं. हालांकि कोरोना वायरस को लेकर उनके मन में अभी भी डर है, लेकिन स्कूल की जो व्यवस्था है उसे देखकर छात्राएं खुद सुरक्षित महसूस कर रही हैं और उनका कहना है कि वह खुद भी करोना कि नियमों का पालन करेंगे.

परिजनों में अब भी डर: प्रिंसिपल
शिमला के स्कूल के प्रिंसिपल नरेंद्र सूट ने कहा कि आज पहले ही दिन 20 से 30 छात्राएं ही स्कूल पहुंची है.अभी भी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने आश्वासन अभिभावकों को दिलाया है कि स्कूल में विभाग की ओर से जारी एसओपी का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है और अगर अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं तो वह पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे.

मंडी जिला के स्कूलों में बच्चों की हाजरी रही कम
मंडी जिला के अधिकतर स्कूलों में नौवीं से बाहरवीं तक के बहुत कम बच्चे ही स्कूल पहुंचे. मंडी शहर के पुराने स्कूलों में शुमार राजकिय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या व बाल में भी बच्चों की संख्या बहुत कम देखने को मिली. शहर के कन्या स्कूल में नौवीं से बाहरवीं तक लगभग 480 छात्राऐं पढती हैं, लेकिन सोमवार को स्कूल में मात्र 63 छात्राएं ही उपस्थित रहीं.

क्या बोली प्रिंसिपल
स्कूल की प्रधानाचार्य डाक्टर प्रतिभा वैद्य ने बताया कि स्कूल में केवल 11वीं व 12वीं की ही छात्राएं आई हैं, जबकि नौवीं व दसवीं में कोई ही छात्रा उपस्थिित नहीं रही. उन्होंनें बताया कि कन्या स्कूल में कोरोना से बचाव को लेकर सभी प्रकार के दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है. बच्चों के लिए हाथ धोने के साथ कक्षा में सामाजिक दूरी के साथ बैठने की व्यवस्था की गई है. बावजूद इसके बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने में कतरा रहे हैं.

250 में 70 बच्चे पहुंचे
मंडी शहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल में भी 250 बच्चों में से मात्र 70 बच्चे ही स्कूल में आए. स्कूल के वाइस प्रिंसिपल अशोक ठाकुर ने बताया कि स्कूल में नौवीं से बाहरवीं तक की हर कक्षा में थोड़े-थोड़े विद्यार्थी आए हैं. कुछ स्कूलों में बच्चों की स्ट्रेंथ बढ़ी भी है, जिनमें बल्ह का हटगढ़ स्कूल भी शामिल है, जहां पर लगभग 135 के करीब बच्चे स्कूल पहुंचे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज