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Scrub Typhus in Himachal: स्क्रब टाइफस से अब तक 6 मौतें, 648 केस सामने आए

अभी तक प्रदेश में 648 से अधिक स्क्रब के मामले सामने आ चुके है.

अभी तक प्रदेश में 648 से अधिक स्क्रब के मामले सामने आ चुके है.

Scrub Typhus in Himachal: संक्रमित होने के पश्चात् मरीज बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस करता है और कुछ लोगों में जी-मिचलाने की भी शिकायत देखी जाती है. स्क्रब टाइफस बुखार 7 से लेकर 12 दिनों तक रहता है. बुखार बिगड़ने की स्थिति में कमजोरी और अधिक बढ़ती है और मरीज को बेहोशी और हृदय संबंधी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है.

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    शिमला. हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के गिरते मामलों के बीच स्क्रब टाइफस के मामलों में खासी बढ़ोतरी हुई है. अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है, 648 केस रिपोर्ट हुए हैं. मृतकों में महिलाएँ ज्यादा हैं. जनवरी-2021 से 12 अक्तूबर, 2021 तक राज्य में स्क्रब टाइफस के लिए लगभग 4382 टेस्ट किए गए, जिनमें 648 लोग स्क्रब टाइफस पॉजिटिव पाए गए. इसी दौरान जिला बिलासपुर में 132, चंबा में 45, हमीरपुर में 56, कांगड़ा में 63, किन्नौर में 3, कुल्लू में 17, मंडी में 97, शिमला में 153, सिरमौर में 25, सोलन में 37, ऊना में 19 केस सामने आए हैं.

    इसके अलावा आईजीएमसी शिमला व मेडिकल कॉलेज टांडा में एक-एक मामला स्क्रब टाइफस का पॉजिटिव पाया गया है, जबकि इसी अवधि के दौरान स्क्रब टाइफस से 6 लोगों की मौत दर्ज की गई हैं.

    क्या कहता है विभाग
    दरअसल, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि स्क्रब टाइफस से बचाव के दृष्टिगत अपने घरों और आसपास के क्षेत्र में झाडि़यां और घास फूस न उगने दें. झाडि़यों और घास फूस में पाए जाने वाले कीड़ों के माध्यम से यह रोग फैलता है. विभाग ने लोगों को स्क्रब टाइफस से सतर्क रहने की सलाह दी है. स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया के मामले जहां शहरी क्षेत्रों में पाए जाते हैं, वही स्क्रब टाइफस के मामले अधिकतर गांवों में सामने आते हैं. स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरिया का संक्रमण है और इसके लक्षण चिकनगुनिया जैसे ही होते हैं.

    क्या होते हैं लक्षण
    बीमारी में सिर दर्द, सर्दी लगना, बुखार, शरीर में दर्द तथा तीसरे से पांचवें दिन के बीच शरीर पर लाल दाने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. मरीज में रोग के सभी या कुछ लक्षण सामने आ सकते हैं. इस रोग की अवधि दो से तीन सप्ताह की होती है. संक्रमित होने के पश्चात् मरीज बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस करता है और कुछ लोगों में जी-मिचलाने की भी शिकायत देखी जाती है. स्क्रब टाइफस बुखार 7 से लेकर 12 दिनों तक रहता है. बुखार बिगड़ने की स्थिति में कमजोरी और अधिक बढ़ती है और मरीज को बेहोशी और हृदय संबंधी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है.

    बुखार के चौथे से छठे दिन के भीतर शरीर पर दाने निगल आते हैं. यह रोग कम आयु के लोगों के खतरनाक नहीं होता है, लेकिन 40 वर्ष से अधिक आयु के 50 प्रतिशत मरीजों और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के मरीजों के लिए स्क्रब टाइफस जानलेवा भी हो सकता है. इस रोग के उपचार के लिए सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाएं उपलब्ध करवाई गई है.

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