HRTC चालक सीमा ने रचा इतिहास, इंटर-स्टेट बस चलाने वाली पहली महिला चालक बनी

सीमा शिमला में एचआरटीसी की टैक्सी भी चला चुकी हैं.

सीमा शिमला में एचआरटीसी की टैक्सी भी चला चुकी हैं.

HRTC Women Driver Seema: सीमा ने 5 मई 2016 में एचआरटीसी ज्वाईन की थी. कोरोना काल के दौरान भी उन्होंने राज्य में सेवा की. सूबे के मुख्यमंत्री ने भी उन्हें सम्मानित किया है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी (HRTC) महिला चालक ने इतिहास रचा है. वह प्रदेश की पहली ऐसी महिला बस चालक बन गई हैं, जिसने एक राज्य से दूसरे राज्य के लिए बतौर महिला चालक बस (Bus) चलाई है. बुधवार सुबह सीमा ने शिमला- चंडीगढ़ रूट पर बस चलाकर महिला सशक्‍तीकरण की नई मिसाल पेश की है.



सोलन से है सीमा

31 वर्षीय सीमा सोलन के अर्की से है और उन्होंने अपने शौक को जुनून में बदल दिया. निगम में महिला बस चालक सीमा ठाकुर बुधवार को पहली बार शिमला से चंडीगढ़ बस चलाई. यह बस शिमला से 7 बजकर 55 मिनट पर रवाना हुई. चंडीगढ़ से 12:30 बजे सीमा शिमला के लिए रवाना हुई हैं. बता दें कि अभी तक सीमा ठाकुर शिमला-सोलन से इलेक्ट्रिकल बस चलाती रही हैं. वहीं, शिमला में भी वह एचआरटीसी की टैक्सी सर्विस में सेवा देती रही हैं.
सीमा ने शिमला-चंडीगढ़ रूट पर बस चलाकर महिला सशक्‍तीकरण की नई मिसाल पेश की है.


कौन हैं सीमा

सीमा ने शिमला के कोटशेरा कॉलेज ने बीए की पढ़ाई की है. इसके बाद हिमाटचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला से एमए की. अंग्रेजी में एमए भी करने के बाद उन्होंने बस चालक बनने का फैसला किया. सीमा के पिता बलि राम भी एचआरटीसी में चालक थे. हालांकि, उनका निधन हो चुका है. सीमा ने 5 मई 2016 में एचआरटीसी ज्वाईन की थी. कोरोना काल के दौरान भी उन्होंने राज्य में सेवा की. सूबे के मुख्यमंत्री ने भी उन्हें सम्मानित किया है. बता दें कि हिमाचल में हेवी व्हीकल चलाने वाली नाममात्र महिलाएं हैं. ऐसे में सीमा का भारी वाहन चलाना लोगों के लिए मिसाल है.
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