VIDEO: खुद के पास रहने को घर नहीं, फिर भी 26 साल से कमला को सहारा दे रहे किशन

किशन का कहना है कि जब तक वह जिन्दा है, तब तक कमला का पूरा ध्यान रखेंगे, उसे वहां से कहीं नहीं जाने देंगे.

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 10, 2018, 2:05 PM IST
Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: September 10, 2018, 2:05 PM IST
रहने के लिए खुद के पास अपना घर नहीं है. लेकिन 70 साल का किशन 60 साल की कमला को बीते 26 साल से सहारा दे रहा है. मामला है हिमाचल के शिमला का. किशन बहादुर अपनी पत्नी विमला के साथ पिछले 40 साल से किराये के घर में रहते हैं. ना जगह है न जमीन, लेकिन फिर भी कमला का सहारा बना है. बता दें कि कमला ना तो बोल सकती है ना ही सुन सकती है.

कमला के पति की हो गई थी मौत
शिमला से करीब 25 किलो मीटर दूर डमेची क्यार में किशन 40 साल से रहता है. करीब 26 साल पहले किशन और विमला ने कमला और उसके तीन महीने के बेटे को गोद लिया. कमला के पति की किसी वजह से मौत हो गई थी. कमला न तो बोल सकती है और न ही सुन सकती है. पति की मौत के बाद किशन और उसकी पत्नी ने उसे गोद लेने का फैसला लिया. तब से कमला इसी परिवार का सदस्य बनकर रहती है.

कमला के बेटे सूरज को भी किशन ने ही पाला. उन्हें उम्मीद थी, वह बड़ा होकर उनका सहारा बनेगा. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. सूरज जब 19 साल का था, तो उसकी मौत हो गई. किशन की अपनी एक ही बेटी है, जिसकी शादी हो चुकी है.

खेतीबाड़ी करते हैं किशन
किशन पिछले 40 साल से खेतीबाड़ी करते हैं. घर चलाने के लिए वह ठेके पर खेतीबाड़ी करते हैं. खेत के मालिक ने रहने के लिए एक छोटा सा घर बनवा कर दिया है, लेकिन वह नाकाफी है. जैसे जैसे उम्र बढ़ रही है, वैसे-वैसे किशन की काम करने की ताकत कम भी रही है. ऐसे में उसे अब प्रदेश सरकार से उम्मीद है. किशन का कहना है कि उसे घर बनाने के लिए जमीन और पत्नी और कमला को वृद्धा पेंशन मिल जाए, तो उन्हें आने वाले समय में परेशानी नहीं होगी.

अधिकारी आए थे कमला को लेने
कुछ दिन पहले कमला को वृद्धाश्रम ले जाने के लिए अधिकारी आए थे, लेकिन किशन ने उसे जाने नहीं दिया. किशन का कहना है कि जब तक वह जिन्दा है, तब तक कमला का पूरा ध्यान रखेंगे, उसे वहां से कहीं नहीं जाने देंगे.
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