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हिमाचल: एएनएम फीमेल हेल्थ वर्कर्स का फूटा गुस्सा, शिमला में किया प्रदर्शन

एएनएम फीमेल हेल्थ वर्कर्स ने आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए शिमला के डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई हैं.

एएनएम फीमेल हेल्थ वर्कर्स ने आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए शिमला के डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई हैं.

Shimla ANM workers Protest: जब तक सरकार अभी हाल ही में हुई भर्तियों को रद्द न नहीं करती और डिप्लोमा प्राप्त एएनएम को नौकरी में तरजीह नहीं दी जाती तब तक उनका आंदोलन चलता रहेगा.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश फीमेल हेल्थ वर्कर्स ने प्रदेश सरकार के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.एएनएम फीमेल हेल्थ वर्कर्स ने आंदोलन का रास्ता अपनाते हुए शिमला के डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गई हैं. बुधवार को एएनएम फीमेल हेल्थ वर्कर्स ने अपनी मांगों को लेकर डीसी ऑफिस से लेकर नाज चौक तक विरोध रैली निकाली और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.एएनएम फीमेल हेल्थ वर्कर्स ने सरकार पर आर एंड पी नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है.

वर्कर्स संघ की उपाध्यक्ष सुदर्शना कुमारी ने कहा कि सरकार ने नियमों को दरकिनार कर भर्तियों में जीएनएम और बीएससी नर्सिंग को भर्ती में तरजीह दी जा रही है, जिसका वे कड़ा विरोध करती हैं. उन्होंने कहा कि पिछले चार सालों से प्रदेश सरकार ने नियमों की अनदेखी कर जीएनएम और बीएससी नर्सिंग की छात्राओं को नौकरी में तरजीह दी है, जबकि फील्ड से लेकर कार्यालय के काम मे एएनएम वर्कर्स से कार्य करवाया जाता है.

उन्होंने कहा कि एएनएम वर्कर्स ने कोरोना काल मे घर-घर जाकर वैक्सीनेशन करने में अहम भूमिका निभाई है. जिसके चलते प्रदेश आज कोरोना वैक्सीनेशन में नम्बर वन बन पाया है, लेकिन एएनएम वर्कर्स को न तो उतना वेतन मिल पा रहा है और न ही नौकरी में तरजीह दी जा रही है. जबकि नौकरी के लिए भी अब सरकार द्वारा आर एंड पी नियमों में भी नियमों को दरकिनार किया जा रहा है.जिसके विरोध में अब एएनएम वर्कर्स ने आंदोलन करने का निर्णय लिया है.

जब तक नौकरी में नहीं मिलती तरजीह तब तक चलेगा आंदोलन
साल 2017 से अब तक जितनी भी भर्तियां प्रदेश सरकार ने की हैं, उनमें ज्यादातर जीएनएम और बीएससी नर्सिंग छात्राओं को तरजीह दी है.जिसका वे कड़ा विरोध करती हैं. उन्होंने कहा जिस तरह से अन्य विभागों में 50 फीसदी बैचवाइज भर्तियां कर रही है उसी तर्ज पर स्वास्थय विभाग में भी बैच वाइज भर्तियां की जाए, ताकि डिप्लोमा धारक 45 साल की उम्र पर कर चुकी महिलाओं को भी नौकरी मिल सके.उन्होंने कहा कि सरकार की हर स्वास्थ्य योजनाओं के लिए एएनएम वर्कर्स कार्य करती हैं, लेकिन उन्हें वे सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं जो अन्य कैटेगरी को मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा है, लेकिन अब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हुई हैं अब वे सड़कों पर आंदोलन कर अपनी मांगों को पूरा करने की मांग करेंगी. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार अभी हाल ही में हुई भर्तियों को रद्द न नहीं करती और डिप्लोमा प्राप्त एएनएम को नौकरी में तरजीह नहीं दी जाती तब तक उनका आंदोलन चलता रहेगा.

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