Shimla: भारत का इतिहास समेटे है पहाड़ों की रानी और समर कैपिटल शिमला
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Shimla: भारत का इतिहास समेटे है पहाड़ों की रानी और समर कैपिटल शिमला
हिमाचल का शिमला शहर.

Shimla: मान्यता है कि साल 1845 में शिमला के पास काली बाड़ी मंदिर देवी श्यामला बनाया है. बाद में इसी के नाम पर शिमला नाम प्रचलित हुआ. हालांकि, इसका आधिकारिक उल्लेख कहीं नहीं है. श्यामला मां को देवी काली का ही अवतार माना जाता है. मंदिर में देवी की लकड़ी की एक मूर्ति प्रतिस्थापित है.

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  • Last Updated: August 28, 2020, 9:11 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की राजधानी शिमला है. यह ब्रिटिश काल में देश की समर कैपिटल (Sumer Capital) भी थी. गर्मियों में अंग्रेज यहीं से भारत का शासन करते थे. शिमला जिले की ऊंचाई 300 से 6000 मीटर तक है. अग्रेजों को पहाड़ों की रानी शिमला (Shimla) में अपने देश की झलक दिखती थी. उन्हें यह जगह इतनी पसंद आई की उन्होंने इसे हू-ब-हू इंग्लैंड के शहर की शक्ल देने की कोशिश की. खास बात है कि वे साल के ज्यादातर समय शिमला (Shimla) में ही बिताते थे. आज भी ऐतिहासिक भवन पर्यटकों के लिए आकर्षण हैं.

सन 1947 में आजादी मिलने तक शिमला को समर कैपिटल का दर्जा था. इसे बसाने का श्रेय प्रसिद्धि चॉरीस प्रैट कैनेडी को जाता है. कैनेडी को अंग्रेजों ने पहाड़ी रियासतों का राजनीतिक अधिकारी नियुक्त किया था. सन 1822 में उन्होंने यहां पहला घर बनाया, जिसे कैनेडी हाउस के नाम से जाना गया. साल 1830 में शिमला को शहर की तरह बसाने की कवायद शुरू हुई. 1832 में ब्रिटिश सरकार के गवर्नर जनरल लॉर्ड पीटर ऑरोनसन ने महाराजा रणजीत सिंह से जमीन ली. 1864 में अंग्रेजों ने इसे अधिकारिक तौर पर समर कैपिटल घोषित किया. इस क्षेत्र की ज्यादातर जमीनें या तो पटियाला रियासत या फिर स्थानीय क्योंथल रियासत के पास थी. आजादी के बाद, शिमला पंजाब की राजधानी बन गई और बाद में हिमाचल प्रदेश की राजधानी का नाम रखा गया.

शिमला का प्रसिद्ध एडवांस स्टडी भवन.
शिमला का प्रसिद्ध एडवांस स्टडी भवन.




ऐतिहासिक रेललाइन कालका-शिमला
साल 1903 में कालका और शिमला के बीच एक रेल लाइन का निर्माण हुआ था. इस रेललाइन को अब हेरिटेज रेलवे ट्रैक का दर्जा यूनेस्को की ओर से दिया गया है. साल 1903 में बिछाई गई इस 96 किलोमीटर कालका-शिमला रेललाइन में 102 सुरंगें, 800 पुल और 18 रेलवे स्टेशन हैं. समुद्र तल से ट्रैक की ऊंचाई 2800 फीट से लेकर 7 हजार फीट है. साल 2008 में यूनेस्को ने इस रेललाइन को विश्व धरोहर का दर्जा दिया था. इस रेललाइन पर 1906 में अंग्रेजों ने भाप इंजन दौड़ाया था. जो आज भी इसकी शान है. 1971 तक यह इंजन सुचारु रूप से चलाया जाता रहा, लेकिन बांद में बंद कर दिया गया. साल 2001 में फिर से इसका संचालन हुआ. अब केवल बुकिंग पर इस इंजन को चलाया जाता है.

शिमला में बर्फ. (FILE PHOTO)


कैसा पड़ा नाम

दरअसल, अंग्रेज शिमला को ‘सिमला’ कहते थे. 80 के दशक में हिमाचल सरकार ने हिंदी में इसके बोलने के हिसाब से अंग्रेजी में भी शिमला लिखे जाने की अधिसूचना जारी की. वहीं, मान्यता है कि साल 1845 में शिमला के पास काली बाड़ी मंदिर देवी श्यामला बनाया है. बाद में इसी के नाम पर शिमला नाम प्रचलित हुआ. हालांकि, इसका आधिकारिक उल्लेख कहीं नहीं है. श्यामला मां को देवी काली का ही अवतार माना जाता है. मंदिर में देवी की लकड़ी की एक मूर्ति प्रतिस्थापित है.

शिमला की प्रमुख चोटियां

ज़िला की प्रमुख चोटियों में: जाखू (शिमला शहर में), सियाह(चायल के नज़दीक), चूड़धार (चौपाल), चांसल(रोहडू), हाटू पीक (कुम्हारसे) तथा शाली टिब्बा (सुन्नी) शामिल है. ये काफी प्रचलित टूरिस्ट स्पॉट हैं. शिमला जिला अपने वर्तमान रूप में राज्य के जिलों के पुनर्गठन पर 1 सितंबर, 1972 से अस्तित्व में आया.

हिमाचल का शिमला शहर.
हिमाचल का शिमला शहर.


शिमला में बनी मैकमोहन लाइन

चीन और भारत की सीमा को निर्धारित करने वाली मैकमोहन लाइन का खाका भी शिमला में ही तैयार किया गया. भारत और पाकिस्तान की सीमाओं का मूल्य करने के लिए बने कमीशन रैड क्लिफ कमीशन की अधिकांश बैठकें शिमला के यूएस क्लब में हुई. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के मामले की सुनवाई भी शिमला में ही हुई थी. इसके अलावा भारत-पाकिस्तान के बीच 1971 में शिमला समझौता भी यहीं हुआ.

शिमला का प्रसिद्ध जाखू मंदिर.
शिमला का प्रसिद्ध जाखू मंदिर.


इतिहास को समेटे हुए शिमला

शिमला अपनी औपनिवेशिक विरासत एवं भव्य पुरानी इमारतों के लिए जाना जाता है. उनमें से कुछ सुप्रसिद्ध नाम वाइसरागल लॉज, आकर्षक आयरन लैंप पोस्ट और एंग्लो-सैक्सन हैं. मॉल रोड पर विभिन्न प्रकार की दुकानें ,भोजनालय शहर के आकर्षण का केंद्र है. यहाँ का स्कैंडल प्वाइंट पटियाला के पूर्व महाराजा की एतिहासिक घटना से जुड़ा हुआ है. यहाँ से दूरदराज़ की बर्फ से ढकी चोटियों का दृश्य नज़र आता है.

हिमाचल की राजधानी शिमला.
हिमाचल की राजधानी शिमला का संजौली इलाका.


कैसे पहुंचे शिमला

शिमला के लिए एयर कैनिक्टीविटी भी है. इसके अलावा, दिल्ली से चंडीगढ़ होते हुए सड़क मार्ग से भी शिमला पहुंचा जा सकता है. वहीं, कालका से ट्रैन के जरिये भी शिमला आया जा सकता है. चंडीगढ़ से शिमला की दूरी करीब 115 किमी है.
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