शिमला: खटाई में पड़ सकता है नगर निगम शिमला की ई-विधान बनने वाली योजना
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शिमला: खटाई में पड़ सकता है नगर निगम शिमला की ई-विधान बनने वाली योजना
देश की पहली ई-विधान प्रणाली लागू करने जा रहे शिमला नगर निगम के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई है.

ई-विधान के लिए शिमला नगर निगम (Municipal Corporation) ऐतिहासिक टाउन हॉल (Town Hall) में ही हाईटेक सदन बनाने जा रहा था, लेकिन हाईकोर्ट ने इस ऐतिहासिक भवन में महापौर और उप-महापौर के कार्यालय के अलावा निगम की कोई भी गतिविधि न चलाने के आदेश जारी किए हैं.

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शिमला. देश की पहली ई-विधान प्रणाली (E-Legislation System) लागू करने जा रहे शिमला नगर निगम के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई है. ई-विधान के लिए नगर निगम (Municipal Corporation) ऐतिहासिक टाउन हॉल (Town Hall) में ही हाईटेक सदन बनाने जा रहा था, लेकिन हाईकोर्ट ने इस ऐतिहासिक भवन में महापौर और उप-महापौर के कार्यालय के अलावा निगम की कोई भी गतिविधि न चलाने के आदेश जारी किए हैं. निगम द्वारा इस भवन में ही सदन के अलावा पार्षद कक्ष बनाने के लिए अनुमति मांगी थी, लेकिन कोर्ट के नए आदेशों के आधार पर निगम किसी भी तरह के ऑफिस टाउनहॉल में नहीं खोल सकेगा. हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए नगर निगम शिमला अब सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा. सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए नगर निगम सभी पार्षदों ने एकजुट होकर अपनी हामी भरी है.

हाईकोर्ट से जमीन नहीं मिलने से अधर में लटकी योजना

कोर्ट के आदेशों के बाद अब नगर निगम के लिए हाईटेक सदन बनाने की मुश्किलें खड़ी हो गई है. अब नगर निगम शिमला का पहला ई-विधान से जुड़ने का सपना खटाई में पड़ता दिखाई दे रहा है. नगर निगम की महापौर सत्या कौंडल ने कहा कि नगर निगम इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा और कोर्ट से यहां पर सदन बनाने की अनुमति मांगी जाएगी.



शिमला नगर निगम देश का पहला ई-विधान होगा



सत्या कौंडल ने कहा कि नगर निगम देश का पहला ई-विधान प्रणाली लागू करने जा रहा है, लेकिन नगर निगम के पास अपना स्थाई सदन नहीं है और निगम टाउन हॉल में ही सदन बनाने जा रहा था, लेकिन कोर्ट ने ऐसा नहीं करने का आदेश दिया है. उन्होंने कहा कि टॉउन हाल नगर निगम शिमला की संपत्ति है और इस ऐतिहासिक भवन पर नगर निगम शिमला का कब्जा है लेकिन हाई कोर्ट के आदेश पर टाउनहॉल में नगर निगम को एक ही मंजिल मिल पाई है. बाकी उपरी और धरातल मंजिल पर म्यूजियम और हाईड एंड आउट कैफे खोलने के आदेश दिए हैं.

बीजेपी पार्षदों की लड़ाई के चलते अटका रोड़ा

उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश पर नगर निगम की ई—विधान वाली योजना खटाई में पड़ती दिख रही है अब इस मसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर नगर निगम अपना पक्ष रखेगा ताकि नगर निगम को अपनी संपत्ति मिल सके. वहीं निगम में विपक्षी पार्षदों ने इस मामले पर भाजपा शासित नगर निगम पर तंज कसते हुए कहा कि निगम अपनी ही सम्पति से बेदखल हो गया है. कांगेस पार्षद इंदरजीत का कहना है कि भाजपा शासित नगर निगम पर्यटन विभाग से टाउनहॉल को पूरी तरह वापिस लेने में नाकाम रहा है. ऐसा भाजपा पार्षदों की आपसी लड़ाई के चलते हुआ है.

मेयर और डिप्टी मेयर टाउनहॉल पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने में रहे नाकाम

उन्होंने कहा कि निगम को इस मामले पर दोबारा कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी बात रखनी चाहिए. वहीं कांग्रेस के ही पार्षद राकेश चौहान ने भाजपा शासित नगर निगम पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि मेयर और डिप्टी मेयर टाउनहॉल मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने में नाकाम रहे हैं जिसके चलते टाउनहाल पूरी तरह से निगम को नहीं मिल पाया है.

मार्च तक निगम को ई-विधान से जोड़ने का रखा गया लक्ष्य

गौरतलब है कि नगर निगम ने ई-विधान प्रणाली लागू करने की कवायद शुरू कर दी है. निगम पार्षदों को इसके लिए बाकायदा प्रशिक्षण भी दे दिया गया है और हाईटेक सदन बनाने के लिए भी निगम कार्य शुरू करने जा रहा था और मार्च तक निगम को ई विधान से जोड़ने का लक्ष्य भी रखा गया था, लेकिन हाई कोर्ट ने नगर निगम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.

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First published: February 1, 2020, 1:37 PM IST
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