VIDEO: शिमला में निजी स्कूल में 5वीं की बच्ची को प्रताड़ित करने के मामले की 5 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच

शिमला में स्कूल फीस के लिए प्रताड़ना का शिकार हुई बच्ची.

शिमला में स्कूल फीस के लिए प्रताड़ना का शिकार हुई बच्ची.

Shimla School Fee issue: स्कूल के प्रबंधक विशाल चौहान ने कहा कि वह जांच के लिए तैयार हैं और आरोप निराधार हैं. 19 मार्च को गणित की परीक्षा देने के बाद छात्रा के पिता ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेने स्कूल आए तो स्टाफ ने उनसे बकाया फीस जमा करवाने को कहा था. इसके बाद ही यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है.

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  • Last Updated: March 27, 2021, 10:34 AM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों (Private School) की मनमानी और फीस वसूली परिजनों के लिए परेशानी बन गई है. शिमला (Shimla) में निजी स्कूल की मनमानी का मामला सामने आया है.जहां एनुअल फीस न देने पर शिमला के नामी निजी स्कूल ने 10 साल की बच्ची को कमरे में बंद कर दिया. आरोप है कि कमरे में बंद करने के बाद स्कूल प्रशासन (School) ने बच्ची को प्रताड़ित किया गया है.

पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची के पिता किशन कश्यप ने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाए हैं कि एनुअल फीस जमा करने पर स्कूल प्रशासन ने बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है, जबकि कोरोना महामारी के चलते सरकार ने सिर्फ ट्यूशन फीस (Tuition Fee) लेने की बात कही थी. यदि स्कूल को फीस ही चाहिए थी तो बच्ची को परेशान नहीं करना चाहिए था. अभिभावकों को सीधे फोन करना चाहिए था.बच्ची को अकेले कमरे में बंद नहीं करना चाहिए था.

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मामले को लेकर परिजन और आरोपी स्कूल शिक्षा निदेशक से मिले
छात्रा को प्रताड़ित करने के मामले की जांच अब पांच सदस्यीय कमेटी करेगी. शुक्रवार को उपनिदेशक उच्च शिक्षा कार्यालय में बच्ची के अभिभावकों और स्कूल संचालकों को बुलाया था. यहां ढाई घंटे चली चर्चा और दोनों पक्ष सुनने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला. उपनिदेशक अशोक शर्मा ने इसके बाद मामले की छानबीन के लिए पांच सदस्यीय फेक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया. इसमें उपनिदेशक उच्च शिक्षा, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा भाग चंद चौहान और स्टाफ के कुछ सदस्य शामिल किए हैं. कमेटी स्कूल में जाकर आरोपों की जांच करेगी. इसके बाद रिपोर्ट उपायुक्त शिमला को सौंपी जाएगी. इसके लिए कमेटी स्कूल के सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग खंगालने के साथ ही सहपाठियों के बयान भी ले सकती है.

स्कूल टीचर के व्यवहार से डिप्रेशन में गई बेटी: पिता

इस कारण उनकी बेटी डिप्रैशन में चली गई है. छात्रा के पिता ने कहा कि किशन कश्यप डरी-सहमी बेटी रात को नींद में उठती है और जोर-जोर से चिल्लाती है कि मुझे स्कूल नहीं जाना है.बच्ची की ऐसी हालत देख उसे आईजीएमसी शिमला ले जाया गया. वहां पर डाक्टर ने जांच करने पर बोला कि बच्ची काफी डरी हुई है, उसे अकेला मत छोडऩा. डॉक्टरों ने बच्ची को एक सप्ताह तक आराम करने को कहा है तथा दवाइयां दी हैं. बेटी को प्रताड़ित करने का मामला जिलाधीश शिमला के समक्ष भी उठाया गया था.



डीसी ने दिए मामला सुलझाने के आदेश

डीसी शिमला आदित्य नेगी ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत पर स्कूल प्रशासन, डिप्टी डायरैक्टर व बच्ची व अभिभावकों के साथ बैठक की गई तथा मामले को तुरंत सुलझाने को कहा गया था. इसको लेकर डिप्टी डायरेक्टर को स्कूल प्रशासन व अभिभावकों के साथ बैठक करने को कहा गया है. अभिभावक का कहना है कि स्कूल के द्वारा बच्ची को प्रताडि़त करने की शिकायत ढली पुलिस थाना में भी की गई थी. पुलिस थाना में अधिकारियों ने कहा कि जब बच्ची के साथ कोई मारपीट नहीं हुई है तो मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है. दोनों आपस में सुलझा लें. स्कूल प्रशासन कभी व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर कर देता है तो कभी जोड़ देता है.स्कूल प्रशासन पर उचित कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा.

क्या बोले प्रबंधक

आईवी स्कूल के प्रबंधक विशाल चौहान ने कहा कि वह जांच के लिए तैयार हैं और आरोप निराधार हैं. 19 मार्च को गणित की परीक्षा देने के बाद छात्रा के पिता ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेने स्कूल आए तो स्टाफ ने उनसे बकाया फीस जमा करवाने को कहा था. इसके बाद ही यह पूरा विवाद खड़ा हुआ है.
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