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शिमला अग्निकांड: जिस शेड में पैदा हुआ था दो साल का निखिल, वहीं जिंदा जला
Shimla News in Hindi

Ranbir Singh | News18Hindi
Updated: May 23, 2020, 6:01 PM IST
शिमला अग्निकांड: जिस शेड में पैदा हुआ था दो साल का निखिल, वहीं जिंदा जला
शिमला में शेड में लगी आग.

मासूम के माता-पिता भाई-बहन और अन्य लोगों के बयान लिए. घटना 21 मई की है. दोपहर बाद की इस घटना में खेत बनाए गए शेड में आग लग गई, जिसमें 2 वर्षीय मासूम जिंदा जल गया.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) में 21 मई को आगजनी (Fire) की घटना में दो साल का मासूम जिंदा जल (‌Burn) गया था. मामले की पड़ताल में अब दर्द भरी कहानी सामने आई है. कुफरी पंचायत के स्वां पंचायत दो वर्षीय मासूम के जिंदा जलने के मामले पर अब पुलिस (Police) जांच में जुटी है. शनिवार को एडिश्नल एसपी प्रवीर ठाकुर ने अपनी टीम के साथ घटना स्थल का दौरा किया. घटना स्थल से सैंपल लिए गए.

परिवार के बयान लिए
मासूम के माता-पिता भाई-बहन और अन्य लोगों के बयान लिए. घटना 21 मई की है. दोपहर बाद की इस घटना में खेत बनाए गए शेड में आग लग गई, जिसमें 2 वर्षीय मासूम जिंदा जल गया. लकड़ी बने शेड में एक ही कमरे में यह परिवार रहता था. राशन के अलावा ओढ़ने और तन ढकने के कपड़ों समेत बच्चों की स्कूल की वर्दी, कॉपी किताबें समेत सबकुछ जलकर राख हो गया. मटर बेचकर कुछ पैसे बचाए थे, वो भी आग की भेंट चढ़ गए. परिवार के 8 सदस्य इसी एक कमरे में रहते थे. दो साल के निखिल के जाने से अब 7 रह गए हैं.

तीन साल से यहीं रहता था परिवार



नेपाली मूल का ये परिवार स्वां गांव में धर्म चंद वर्मा के पास 3 साल से काम कर रहा है. एक खेत में शेड बनाया गया था और इसी में यह परिवार रहता था. निखिल इसी ढारे में पैदा हुआ था और यहीं पर खाक हो गया.



शिमला में शे़ड में लगी आग के बाद बैठा शख्स.
शिमला में शे़ड में लगी आग के बाद बैठा शख्स.


चार बच्चे घर पर थे
परिजनों और धर्मचंद वर्मा ने बताया कि घटना वाले दिन इनके चार बच्चे घर में अकेले थे. मां मजदूरी के लिए निकली थी और पिता दवाई लाने बाजार गया था. मां हर रोज निखिल को अपने साथ लेकर जाती थी, लेकिन उस दिन यह सोचा कि पति जल्दी लौट आएगा तो बच्चों को खाना खिला देगा, लेकिन नियति ने कुछ और खेल खेला. जब आग लगी उस वक्त निखिल अंदर था और उसके भाई बहन बाहर निकल गए थे. थोड़ी दूरी पर रहने वाले पड़ोसी ने जब धुआं उठते देखा तो तुरंत दौड़ पड़े. थोड़ी देर में सैकड़ों लोग इक्ठ्ठा हो गए और आग बुझाने का प्रयास किया. शेड पूरी तरह से लकड़ी का बना था और पलभर राख हो गया.

शरीर जल गया था
निखिल को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उसके शरीर का आधा हिस्सा जल चुका था और सांसे थम चुकी थी. निखिल के माता-पिता का हाल बुरा है.रह-रह कर उसकी याद आ रही है. मां बार बार उस स्थान पर आती है और रो-रो कर आंसू सूख चुके हैं.पथराई नजरें अब राख के ढेर में अपने जिगर के टुकड़े को तलाशती रहती हैं. बच्चे तो इनके 6 हैं लेकिन निखिल सबसे छोटा था और लाडला भी. अब 5 बच्चे रह गए. एडिश्नल एसपी प्रवीर ठाकुर का कहना है कि जांच जल्द पूरी कर ली जाएगी.

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First published: May 23, 2020, 6:00 PM IST
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