शिमला के हैरिटेज संस्थान में खिलवाड़: मान्यता रद्द, भटक रहे छात्र, नहीं दे रहा डिग्री
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शिमला के हैरिटेज संस्थान में खिलवाड़: मान्यता रद्द, भटक रहे छात्र, नहीं दे रहा डिग्री
शिमला का हेरिटेज संस्थान.

Heritage institute in Shimla: छात्रों ने 3 लाख की फ़ीस दी है. 500 बच्चे हैं, जिन्हें संस्थान की ओर से रिजल्ट और डिग्री ओर सर्टिफिकेट की जानकारी नहीं दी जा रही है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के शिमला (Shimla) शहर में स्थित हैरिटेज इंस्टिट्यूट (Heritage Institute Shimla) ऑफ होटल एंड टूरिज्म ने सैकड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है. इस संस्था से 2017 में पास आउट हुए छात्र आज भी अपने अंतिम समेस्टर के परिणाम ओर अपनी डिग्री (Degree) के लिए भटकने को मजबूर हैं. साल 2017 में बहुत से छात्रों का कोर्स पूरा हो गया था, लेकिन अभी तक छात्रों को अपनी डिग्री ही संस्थान से नहीं मिल पाई है. अब हालात ये हो गए है कि स्टूडेंट्स (Students) के पास डिग्री, सर्टिफिकेट न होने के कारण उन्हें अपनी जॉब में दिक्कतें आ रही हैं. ना तो नौकरी (Jobs) में प्रमोशन मिल पा रही है और सर्टिफिकेट ना मिलने से इन्हें नौकरियों (Jobs) से भी बाहर निकाला जा रहा है.

प्रबंधन की ओर से बहानेबाजी, आयोग भी बेपरवाह

जब स्टूडेंट्स ने संस्थान में डिग्री के लिए आवेदन किया तो पहले प्रबंधन की ओर से बहानेबाजी की गई और फिर बाद में डिग्री देने से ही इनकार कर दिया गया. तंग आ कर जब छात्रों ने डिग्री न होने के कारण पैदा हो रही समस्याओं के बारे में संस्थान को बताया तो वहां से जबाव आया कि जो करना है कर लो, डिग्री नहीं मिलेगी. मज़बूरी में करीब 500 छात्रों ने पहले निजी शिक्षण संस्थान विनियामक आयोग में शिकायत दर्ज की, लेकिन दो हफ्ते गुज़र जाने के बाद भी वहां किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं कि गई, इसलिए आज छात्र अपनी समस्याओं को लेकर जिला उपायुक्त और एसपी कार्यालय पहुंचे. पूरे मामले को लेकर संस्थान की ओर से कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है.



पुलिस पर कार्रवाई ना करने के आरोप
छात्रों ने एसपी कार्यालय में संस्थान के खिलाफ कार्यवाही के लिए एक एप्लीकेशन लिखी और ये भी बताया कि संजौली थाना में पुलिस ने छात्रों की एफआईआर लिखने से ही मन कर दिया था. एएसपी शिमला प्रवीर ठाकुर ने बताया कि छात्रों की कंप्लेंट आने के बाद शिकायत की ढली थाना भेज दिया गया है. मामले में आगे कार्रवाही की जा रही है.

शिमला में एसपी दफ्तर पहुंचे छात्र.


तीन साल पहले हुए थे पासआउट

हैरिटेज इंस्टिट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म से पासआउट छात्र अजय ने बताया कि 2017 के पास आउट छात्र अंतिम समेस्टर का रिजल्ट नहीं जान पाए हैं. ना ही उन्हें संस्थान से कोर्स पूरा होने के एवज में डिग्री,मार्कशीट या सर्टिफिकेट दिया गया है. हालांकि, प्लेसमेंट संस्थान की ओर से कोर्स पूरा करने से पहले दे दी गई थी, लेकिन कोर्स करने का कोई प्रूफ ही छात्रों के पास नहीं है. सरकारी नौकरी के अवसर भी छात्रों से इस वजह से छीन रहे हैं, क्योंकि डिग्री नहीं है. डिग्री के लिए उन्होंने 3 लाख की फ़ीस दी है. 500 के करीब बच्चे ऐसे हैं, जिन्हें संस्थान की ओर से ना तो उनके रिजल्ट और ना ही डिग्री ओर सर्टिफिकेट दिए गए हैं.

इस वजह से लटकी डिग्री

हैरिटेज संस्थान को होटल मैनेजमेंट का कोर्स करवाने के लिए मान्यता मदुरई कामराज यूनिवर्सिटी से प्राप्त थी, लेकिन इस यूनिवर्सिटी ने 2017 में संस्थान से अपनी मान्यता वापिस ले ली थी. जब यूनिवर्सिटी ने अपनी मान्यता ही वापिस ले ली तो डिग्रियां कहां और कैसे छात्रों को प्रदान की जा सकती थ. संस्थान ने इसके बावजूद भी छात्रों को गुमराह किया और नए बैच संस्थान में बैठाए, जिससे छात्रों करोडों रुपये तो संस्थान ने ऐंठ लिए, लेकिन छात्रों को उनके रिजल्ट ओर डिग्रियां ना दे कर उनके भविष्य को अंधकार में डाल दिया है. हालांकि, अब संस्थान ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से मान्यता ले ली है.
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