कल से शुरू होगा हिमाचल विधानसभा का मॉनसून सत्र, कोरोना काल में रखा जाएगा विशेष एहतियात
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कल से शुरू होगा हिमाचल विधानसभा का मॉनसून सत्र, कोरोना काल में रखा जाएगा विशेष एहतियात
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र सात सितंबर से शुरू होकर 18 सितंबर तक चलेगा

राज्य के संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने मॉनसून सत्र (Himachal Pradesh Assesmbly Monsoon Session) शुरू होने से पहले कहा कि सदन में सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखा जाएगा जिससे कि कम लोग आ सकें. इसके लिए निर्देश दिए गए हैं. प्रत्येक मंत्री के साथ उनका पीएसओ और स्टाफ का एक व्यक्ति ही होगा. सत्र के दौरान कोई मिलनेवाला भी नहीं आ सकेगा

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  • Last Updated: September 6, 2020, 10:35 PM IST
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शिमला. कोरोना संकट (Corona Virus) के बीच सोमवार से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र (Himachal Pradesh Assesmbly Monsoon Session) शुरू हो रहा है. हालांकि इस बार का सत्र पहले जैसा नहीं होगा. सोशल डिस्टेसिंग (Social Distancing) के चलते विधानसभा में आने-जाने वालों की संख्या पहले की तुलना में कम होगी. सत्र शुरू होने से पहले बीजेपी विधायक दल (BJP CLP) ने रविवार को पीटरहॉफ में बैठक कर विपक्ष के हमलों का जबाव देने की रणनीति बनाई. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (CM Jairam Thkur) की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. यह मॉनसून सत्र (Monsoon Session) सात सितंबर से शुरू होकर 18 सितंबर तक चलेगा.

सीएम जयराम ने कहा कि सत्र के दौरान विपक्ष के हर सवाल का जबाव दिया जाएगा. विशेष परिस्थितियों में यह सत्र हो रहा है. विपक्ष को हर सवाल पूछने का हक है. वहीं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सदन में सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखा जाएगा जिससे कि कम लोग आ सकें. इसके लिए निर्देश दिए गए हैं. प्रत्येक मंत्री के साथ उनका पीएसओ और स्टाफ का एक व्यक्ति ही होगा. सत्र के दौरान कोई मिलनेवाला भी नहीं आ सकेगा. विधानसभा के भीत्तर पोली कार्बोनेट शीटस लगाई गई हैं ताकि एक सदस्य का दूसरे सदस्य के बीच सीधा संपर्क न हो. उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रवेश से पहले हर व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग होगी. साथ ही इमरजेंसी के लिए विधानसभा परिसर में एक अस्थायी अस्पताल भी बनाया गया है.

मॉनसून सत्र के दौरान 400 कर्मचारी और 577 तारांकित सवाल
इस बार विधानसभा में केवल 400 कर्मचारी ही सेवाएं दे पाएंगे. जबकि पहले यह संख्या 1200 से ज्यादा होती थी. जरूरी सेवाएं देने वाले कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट भी हो चुका है. प्रेस गैलरी में भी एक सीट पर एक ही रिपोर्टर बैठेगा. वहीं दर्शकदीर्घा में किसी को भी आने की अनुमति नहीं होगी. इस बार विधानसभा सचिवालय को 577 तारांकित और 228 अतारांकित सवाल मिले हैं. जिनका उत्तर सरकार को देना होगा. 15 से ज्यादा अध्यादेश भी बिल का रूप लेंगे. इन्हें पारित करने के लिए सरकार अध्यादेशों को बिल के रूप में सदन में लाएगी जिसमें लेबर लॉ, कोऑपरेटिव सोसायटी से जुड़ा कानून, कृषि से जुड़ा कानून, टीसीपी से जुड़ा कानून भी शामिल है.
कोरोना संकट, लॉ एंड आर्डर, बेरोजगारी सहित कई मुद्दे



विपक्ष के पास इस बार मुद्दों की भरमार है. कोरोना काल में हुए घोटाले चाहे वो पीपीई किट्स की बात हो या सैनिटाइजर खरीद का मामला. इसके चलते बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा देना पड़ा था. इसके अलावा कोरोना संक्रमण के बढ़ते केस और इससे हो रही मौतें भी लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे में यह पक्का है कि विपक्ष कोरोना के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. इसी तरह कोरोना संकट में हजारों युवाओं की नौकरी चली गई है. ऐसे में प्रदेश सरकार इन बेरोजगारों के लिए क्या कर रही है, यह भी एक मुद्दा रहेगा.

विपक्ष की योजना कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने की होगी. हाल ही में ऊना जिले में एक पटवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसी तरह प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध भी बड़े मुद्दे होंगे. साथ ही बेरोजगारी, जेई भर्ती में बाहरियों की भर्ती, फर्जी डिग्री मामले में क्या कार्रवाई हुई. चीन से जुड़े मामले सहित देश की जीडीपी गिरने पर भी विपक्ष जयराम सरकार से सवाल पूछ सकता है.
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