सावधान! जेब में भी सुरक्षित नहीं ATM, इस नई मशीन से शातिर खाते से उड़ा सकते हैं पैसे

जब आप ATM में जाएं तो एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट को ध्यान से देखें. अगर आपको लगे की ATM कार्ड स्लॉट में कोई छेड़छाड़ की गई है या यदि स्लॉट ढीला है या कोई और गड़बड़ है तो उसका यूज न करें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
जब आप ATM में जाएं तो एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट को ध्यान से देखें. अगर आपको लगे की ATM कार्ड स्लॉट में कोई छेड़छाड़ की गई है या यदि स्लॉट ढीला है या कोई और गड़बड़ है तो उसका यूज न करें (प्रतीकात्मक तस्वीर)

शातिरों के हाथ एक ऐसी मशीन लगी है जो 100 मीटर दूर से ही आपके हाथ या जेब में रखे एटीएम कार्ड को स्कैन कर, सारा डाटा चुरा लेगा और पलक झपकते ही आपके बैंक खाते से रकम उड़ा ली जाएगी. इस मशीन का नाम है वाई-फाई Scammer है

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 4:59 PM IST
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शिमला. साइबर क्राइम के बढ़ते ग्राफ के बीच एक चौंकाने वाली खबर आ रही है. शातिरों ने तकनीक का ऐसा इस्तेमाल किया है कि अब आपकी जेब में भी एटीएम कार्ड सुरक्षित नहीं है. शातिरों के हाथ एक ऐसी मशीन लगी है जो 100 मीटर दूर से ही आपके हाथ या जेब में रखे एटीएम कार्ड को स्कैन कर, सारा डाटा चुरा लेगा और पलक झपकते ही आपके बैंक खाते से रकम उड़ा ली जाएगी. इस मशीन का नाम है वाई-फाई Scammer है. हिमाचल प्रदेश में इस तरह का कोई मामला नहीं आया है लेकिन आशंका है कि पिछले दिनों जो एटीएम क्लोनिंग के मामले सामने आए हैं, उनमें वाई-फाई Scammer का इस्तेमाल किया गया हो. साइबर थाने की टीम इस एंगल से जांच कर रही है.

साइबर थाने के एडिश्नल एसपी नरवीर सिंह राठौर ने बताया कि शातिरों की नजर उन लोगों पर होती है, जो एटीएम मशीन से पैसे निकालते हैं या अन्य किसी भी स्थान पर भुगतान के लिए एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करते हैं. शातिर वहां से कुछ दूर बैठकर वाई-फाई स्कैमर नाम की इस मशीन का इस्तेमाल करते हैं. इस मशीन में वाई-फाई लगा होता है जो जीएसएम माड्यूल रिसीवर है. इसका सॉफ्टवेयर किसी भी टर्मिनल या पीओएस मशीन से जुड़ा होता है. शातिर एटीएम से दूर खड़े रहकर इस मशीन का इस्तेमाल एक एक्स-रे मशीन की तरह करता है और एटीएम को स्कैन कर लेता है, जिससे उसके लैपटॉप या अन्य डिवाइस पर उस एटीएम का पिन नंबर सहित अन्य जानकारी फ्लैश हो जाता है. इस गोपनीय जानकारी की मदद से शातिर एटीएम बनाकर बैंक खाते से पैसे उड़ा लेता है.

हिमाचल में एटीएम क्लोनिंग के पांच मामले
राठौर ने बताया कि इस वर्ष अभी तक प्रदेश भर में एटीएम क्लोनिंग के पांच मामले सामने आए हैं. अंतरराज्यीय बस अड्डा, शिमला, सोलन और कांगड़ा में ऐसे मामले हुए हैं जिसमें पीड़ितों से करीब 80 हजार रुपए की ठगी की गई. पुलिस का कहना है कि हो सकता है कि इस तरह की मशीन का इस्तेमाल किया गया हो, जिसकी जांच की जा रही है. हालांकि एडिश्नल एसपी ने लोगों से भी सावधानी बरतनी की बात कही.
साइबर फ्रॉड से ऐसे बचें


पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि इस तरह की ठगी से बचने के लिए एटीएम को रखने के लिए खास तरह का वॉलेट मिलता है, उस वॉलेट से स्कैनिंग नहीं की जा सकती. साथ ही अतिरिक्त सुरक्षित तरीके से एटीएम और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने के अलावा समय-समय पर अपना पिन नंबर बदलें. अगर संभव हो तो ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन पेमेंट का इस्तेमाल करें. ऐसा करने से डाटा चोरी होने का खतरा नहीं रहेगा.
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