लाइव टीवी

डॉक्टरों ने मृत घोषित कर 11 घंटे अलमारी में रखा, परिजन शव लेने पहुंचे तो जिंदा निकली मासूम
Shimla News in Hindi

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: March 20, 2020, 10:20 AM IST
डॉक्टरों ने मृत घोषित कर 11 घंटे अलमारी में रखा, परिजन शव लेने पहुंचे तो जिंदा निकली मासूम
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े एक मात्र मातृ-शिशु अस्पताल कमला नेहरू अस्पताल में डॉक्टरों का हैरानी भरा मामला सामने आया है. (file photo)

कमला नेहरू अस्पताल का कारनामा देर शाम तक सीएम के पास भी पहुंच गया. सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि मामला दुर्भाग्यपूर्ण है. जांच के आदेश दिए गए हैं. सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

  • Share this:
शिमला. जरा सोचिए, अगर किसी मां (Mother) को डिलीवरी (Delivery) के 11 घंटे बाद बताया जाए कि आपका नवजात बच्चा मर चुका है और उसका शव ले जाइए और जब शव लेने परिजन पहुंचे और नवजात (Newly Born Baby) डेड ट्रे पर जिंदा मिले तो उन पर क्या बीतेगी. जी हां ऐसा ही एक मामला शिमला के कमला नेहरू अस्पताल (Kamla Nehru Hospital Shimla) में सामने आया है.
बच्ची रो रही थी. हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े एक मात्र मातृ-शिशु अस्पताल कमला नेहरू अस्पताल में डॉक्टरों का हैरानी भरा मामला सामने आया है. यहां डॉक्टर्स ने जिंदा नवजात बच्ची को मृत घोषित कर दिया. 11 घण्टे बाद नवजात के जिंदा होने का पता चला. जब माता पिता बच्ची का शव लेने आए. इस दौरान बच्ची रो रही थी.

फार्म पर साइन करवाए
दरअसल, बीते मंगलवार को कुल्लू के मौहल की राजकुमारी को सातवें माह में प्रसूति दर्द शुरू हुआ. राजकुमारी को उसके पति विजय कुमार कुल्लू नेरचौक अस्पताल ले गए, यहाँ से उसे प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल केएनएच रेफर किया गया. दो दिन पहले राजकुमारी को केएनएच में दाख़िल किया गया. गुरुवार सुबह तड़के करीब 3 बजे राजकुमारी की डिलीवरी की गई, लेकिन डिलीवरी से पहले पति विजय से अस्पताल प्रबंधन ने फार्म पर ये बोल कर साइन करवाए कि उनके बच्चे की पल्स रेट 110 है जबकि यह 140 होनी चाहिए, ऐसे में बच्चे का बचना बहुत मुश्किल है.



पहले कुछ नहीं बताया, बाद में कहा-डेड
विजय ने दिल पर पत्थर रखते हुए और डॉक्टरों पर विश्वास करते हुए कि वो बच्चे को बचा लेंगे, इसलिए बिना कुछ पढ़े ही साइन कर दिया. 3 बजे जब राजकुमारी को लेबर रूम ले जाया गया तो उसके बाद डाक्टर्स ने बच्ची को लेकर परिजनों को कुछ नहीं कहा. 11 घंटे बाद दिन को करीब 1 बजकर 40 मिनट पर बच्ची के पिता को कहा कि उनकी बच्ची को मौत हो चुकी है और वह आ कर उसका शव लेकर जाएं.



शिमला का केएनएच अस्पताल.
शिमला का केएनएच अस्पताल.


मृत घोषित कर डेड ट्रे में रखा-पिता
विजय कुमार बताते है को गुरुवार सुबह उनके बच्ची पैदा हुई. डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची की पल्स रेट बहुत कम है, उसका बचना मुश्किल है इसलिए फॉर्म पर हस्ताक्षर कर दो. डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर डेड ट्रे में रख दिया. 11 घंटे बाद जब डॉक्टरों ने डेड बॉडी को ले जाने के लिए बैग लेकर बुलाया तो बच्ची रोने लग गई. इतनी बड़ी लापरवाही के बाद बच्ची के पिता विजय कुमार परेशान हो गए और सीधा शिकायत लेकर अस्पताल में दौरे पर पहुंचे. शिक्षा मंत्री के सामने ही एमएस के पास पहुंच गए. विजय कुमार ने इतनी बड़ी लापरवाही की जांच के बाद दोषी डॉक्टरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग उठाई है.

यह बोली केएनएच की एमएस
केएनएच की एमएस डॉक्टर अंबिका चौहान ने बताया कि बच्ची 800 ग्राम की पैदा हुई थी, जिसके बचने की बहुत कम संभावना थी. इसके बावजूद यदि मामले में डॉक्टरों की लापरवाही पाई जाती है तो जाँच के बाद दोषी डॉक्टरों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

सीएम तक पहुंचा मामला
कमला नेहरू अस्पताल का कारनामा देर शाम तक सीएम के पास भी पहुंच गया. सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि मामला दुर्भाग्यपूर्ण है. जांच के आदेश दिए गए हैं. सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

ये भी पढ़ें: Coronavirus: हरियाणा से भागा संदिग्‍ध युवक, हिमाचल में तलाश

Coronavirus: मनाली शटडाउन! सभी होटल-पर्यटन गतिविधियां बंद करने का फैसला

बस सवार युवक-युवती चरस संग गिरफ्तार, युवती पर पहले से दर्ज है चिट्टे का केस
First published: March 20, 2020, 9:49 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading