Unlock-2.0: पटरी पर नहीं लौटी शिमला के व्यापारियों की जिंदगी, 10 फीसदी हो रही सेल
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Unlock-2.0: पटरी पर नहीं लौटी शिमला के व्यापारियों की जिंदगी, 10 फीसदी हो रही सेल
शिमला के स्केंडल प्वाइंट के पास गुजरते लोग. (FILE PHOTO)

लोगों ने सरकार से कोरोना संकट के दौरान किराया, पानी के बिल,बिजली के बिलों में राहत देने की भी मांग की है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश के अलावा, कोरोना वायरस (Corona virus) के चलते देश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है. एक ओर जहां कई व्यवसायिक गतिविधियां अभी शुरु ही नहीं हो पाई हैं, वहीं जो व्यवसायिक गतिविधियां शुरु की गई हैं, उनका कारोबार (Business) भी पटरी पर नहीं लौट पा रहा है. शिमला (Shimla) में जहां पर्यटन से जुड़ा कारोबार बंद है, वहीं सरकार और प्रशासन ने जिन व्यवसायिक गतिविधियों को खोलने के आदेश दिए हैं, वे भी कमाई के लिए तरस रहे हैं. शहर में आवश्यक वस्तुओं और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों पर तो भीड़ भाड़ देखी जा सकती है, लेकिन कपड़े- जूते और ढाबा और रेस्टोरेंट में नाममात्र के ग्राहक ही आ रहे हैं.

ग्राहकों का इंतजार
कोरोना वायरस के चलते अनलॉक -1 में भी दुकानदार ग्राहकों का इन्तज़ार कर रहे हैं. ऐसे में दुकानदार अब असमंजस की स्थिति में है कि दुकानों को खोल कर रखें या फिर बंद रखें. दुकानदारों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक चीजों की खरीददारी के लिए ग्राहक तो आ रहे हैं, लेकिन जो कमाई होती थी, उस कमाई का दस फीसदी भी कारोबार नहीं हो पा रहा है.

कारोबार पटरी पर नहीं लौट रहा



इलेक्ट्रॉनिक शॉप में काम करने वाले राजेश का कहना है कि कोरोना वायरस के चलते दो माह कारोबार पूरी तरह से बन्द रहा, जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है लेकिन अब अनलॉक वन में भी कारोबार पटरी पर नहीं लौट रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि जैसे-जैसे सभी व्यवसायिक गतिविधियां खुलेंगी वैसे-वैसे उनके कारोबार में भी वृद्धि होगी. कपड़े की दुकान में काम करने वाले हेमराज का कहना है कि आम दिनों की अपेक्षा इन दिनों दस फीसदी कारोबार ही हो पा रहा है. जिससे काम करने वाले पर सीधा असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि अनलॉक वन में कर्मचारियों को शिफ्टों के साथ काम पर बुलाया जा रहा है, ताकि लोगों का रोजगार भी बचा रहे.



राहत देने की मांग
उन्होंने कहा कि एक तरफ कोरोना वायरस से बचना जरूरी है तो वहीं अपना और परिवार का पालन पोषण करने के लिए कारोबार करना भी जरुरी हो गया है, लेकिन पूरा दिन बैठने के बाद भी मात्र दस फीसदी कमाई हो रही है जिससे अब वे असमंजस की स्थिति में है कि क्या दुकानों को खुला रखा जाए या फिर बन्द किया जाए. वहीं उन्होंने सरकार से कोरोना संकट के दौरान किराया, पानी के बिल,बिजली के बिलों में राहत देने की भी मांग की है.
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