पलंबरों ने दी आंदोलन की धमकी, शिमला में गहरा सकता है पेयजल संकट

Gulwant Thakur | ETV Haryana/HP
Updated: November 15, 2017, 8:09 AM IST
पलंबरों ने दी आंदोलन की धमकी, शिमला में गहरा सकता है पेयजल संकट
पलंबरों को चार माह से नहीं मिला है वेतन.
Gulwant Thakur | ETV Haryana/HP
Updated: November 15, 2017, 8:09 AM IST
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कूड़े के बाद अब पेयजल संकट भी गहरा सकता है. संजौली स्थित नगर निगम के वाटर सप्लाई कार्यालय के प्लंबरों ने वेतन न मिलने पर काम बंद करने की धमकी दी है. शहर के विभिन्न वाटर टेंकों पर तैनात किए 25 प्लंबर को पिछले चार माह से वेतन नहीं मिल पाया है.

पलंबरों के काम पर नहीं आने से संजौली, इंजनघर, सिमिट्री, भट्टाकुफर, चलौंठी, ढींगूमाता मंदिर समेत अन्य कई क्षेत्रों में पेयजल संकट छा जाएगा. निगम के टैंकों में पानी की सप्लाई आने के बावजूद लोगों के घरों में पानी की सप्लाई ठप रहेगी.

ऐसे में लोगों के साथ-साथ नगर निगम की समस्या भी बढ़ने वाली है. नगर निगम ने संजौली स्थित वाटर सप्लाई कार्यालय में डोर-टू-डोर पानी छोड़ने के लिए 25 लोगों को आउट सोर्स पर नियुक्त किया है. इन्हें निगम डेली वेज के आधार पर सैलरी देता है.

संजौली क्षेत्र में यह सभी प्लंबर वाटर सप्लाई, पेयजल पाइपों की लीकेज देखना और अन्य कार्य करते हैं. मगर पांच माह से सैलरी न मिलने से यह अब परेशान हैं. सैलरी को लेकर बीते माह यह निगम कमिश्नर से भी मिले थे. कमिश्नर ने उन्हें आश्वासन दिया था कि जल्द ही वेतन दे दिया जाएगा. मगर नवंबर माह बीत जाने के बाद भी उन्हें सैलरी नहीं मिल पाई है.

कर्मचारियों का आरोप है कि पांच माह से वह पूरे क्षेत्र में पेयजल संबंधी समस्याएं देख रहे हैं. नगर निगम अभियंता विजय गुप्ता ने बताया कि इन कर्मचारियों को ठेकेदार के तहत रखा गया है. निगम ने ठेकेदार को कर्मचारियों की सैलरी देने के निर्देश दिए हैं. यदि कर्मचारी हड़ताल पर चले जाते हैं, तो ठेकेदार से सारा खर्च वसूला जाएगा.
First published: November 15, 2017
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