Shimla News: कूड़ा बिलों को लेकर शिमला की मेयर और सैहब सोसाइटी आमने-सामने

शिमला में बड़ी संख्या में गर्मियों में टूरिस्ट आते हैं. (FILE PHOTO)

शिमला में बड़ी संख्या में गर्मियों में टूरिस्ट आते हैं. (FILE PHOTO)

Shimla News: सैहब सोसायटी ने लंबित गारबेज बिलों को लेकर दो दिन पूर्व मेयर पर सवाल उठाए थे.जिसमें सैहब सोसायटी के प्रधान जसवंत सिंह ने आरोप लगाया था कि मेयर ने खुद का गारबेज बिल ही नहीं दिया है, जो करीब एक लाख रुपए का है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में लंबित गारबेज बिलों (Garbage Bills) की वसूली का मामला अभी पूरी तरह से शांत ही नहीं हुआ, लेकिन इस बीच नगर निगम मेयर (Shimla Mayor) ने विवाद को हवा दे दी. सैहब कर्मचारियों द्वारा मेयर सत्या कौंडल पर लंबित गारबेज बिल के बकाए को लेकर लगाए आरोप को मेयर ने निराधार बताया है और आरोपों पर सैहब कर्मचारियों पर मानहानि करने की चेतावनी दी है.

क्या बोली मेयर सत्या कौंडल

मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि दो दिन पूर्व सैहब कर्मचारियों द्वारा उनके खिलाफ़ लगाए आरोप निराधार हैं, जिस पर वे मानहानि का मामला दर्ज करेंगे. इस सम्बंध में वे निगमायुक्त से विचार-विमर्श करेंगे और उसके बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि साल 2011 में उन्होंने शहर के सौ जागरुक लोगों के साथ मिलकर शहर की सफाई व्यवस्था के लिए सैहब सोसायटी के गठन किया था, जिसमें शहरी मंत्री को चेयरमैन नियुक्त किया गया था, लेकिन आज वही सैहब सोसायटी उन पर झूठे आरोप लगाकर गारबेज बिल न देने का आरोप लगा रहे हैं.

जिस भवन का बिल किया जारी, उसमें 8 फर्जी आईडी
उन्होंने कहा कि जिस भवन के गारबेज बिल सैहब कर्मचारी उन पर आरोप लगा रहे हैं, वह उनका पंथाघाटी स्थित भवन है, जहां पर अधिकतर किराएदार रहते हैं. इनमें 19 किराएदारों का गारबेज बिल जारी किया है. हालांकि, यह भवन अभी व्यवसायिक है, इसलिए गारबेज बिल भी व्यवसायिक दर पर जारी किया है, लेकिन जिसमें 8 कमरों में कोई भी नहीं रहता है, जिसका बिल भी सैहब सोसायटी ने जारी किया है और हर खाली कमरे का किराया 1848 रुपए जारी किया है. इसके अलावा, किसी का 5048 रुपए जारी किया है. जो सही नहीं है.उन्होंने कहा कि सभी किरायेदारों की अलग से गारबेज आईडी जारी की है. फिर भी सैहब कर्मचारी उन पर ही आरोप लगा रहे हैं, जो बिल्कुल निराधार हैं. इसके लिए वे मानहानि का दर्जा करेंगी. मेयर ने कहा कि ऐसे न जाने शहर में कितनी फर्जी आईडी जारी कर भवन मालिकों को सैहब कर्मचारियों ने बिल थमाए हैं, जिसकी जांच की जाएगी और इस सम्बंध में निगमायुक्त को जांच करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि सैहब कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों से उनकी पद और प्रतिष्ठा व आत्म संम्मान को ठेस पहुंची है जिस पर वे कड़ी कार्रवाई करेगी.

दो दिन पूर्व सैहब सोसायटी ने मेयर पर लगाये थे आरोप

बता दें कि सैहब सोसायटी ने लंबित गारबेज बिलों को लेकर दो दिन पूर्व मेयर पर सवाल उठाए थे.जिसमें सैहब सोसायटी के प्रधान जसवंत सिंह ने आरोप लगाया था कि मेयर ने खुद का गारबेज बिल ही नहीं दिया है, जो करीब एक लाख रुपए का है.उन्होंने आरोप लगाया था कि यदि उच्च पद पर बैठे और शहर की पहली नागरिक ही बिल न चुकाए तो अन्य लोगों से क्या उम्मीद कर सकते हैं?

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