गुड़िया रेप प्रकरण: शिमला के बहुचर्चित केस की सुनवाई पूरी, 28 अप्रैल को कोर्ट सुनाएगी फैसला

हिमाचल प्रदेश के चर्चित गुडिया रेप एंड मर्डर केस में सुनवाई पूरी हो गई है.

हिमाचल प्रदेश के चर्चित गुडिया रेप एंड मर्डर केस में सुनवाई पूरी हो गई है.

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के शिमला जिले के कोटखाई इलाके बहुचर्चित गुड़िया रेप एंड मर्डर केस (Gudiya rape and murder case) में आज यानि शुक्रवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई. आरोपी नीलू के खिलाफ चल रहे ट्रायल में कुछ बिंदुओं पर बहस बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया.

  • Last Updated: April 16, 2021, 11:14 PM IST
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शिमला. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के शिमला जिले के कोटखाई इलाके बहुचर्चित गुड़िया रेप एंड मर्डर केस (Gudiya rape and murder case) में आज यानि शुक्रवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई. आरोपी नीलू के खिलाफ चल रहे ट्रायल मामले में कुछ बिंदुओं पर बहस होने के बाद फैसला सुनाए जाने की उम्मीद थी. सेशन जज राजीव भारद्वाज की कोर्ट में चल रहे केस पर आज CBI और आरोपी पक्ष के बीच में जबरदस्त बहस हुई. बचाव पक्ष ने जांच के दौरान CBI की ओर से लिए गए सैंपल से लेकर अन्य साक्ष्यों पर सवाल उठाए, जिस पर सीबीआई ने अपनी दलील पेश की.

आरोपी पक्ष की ओर से दलील दी गई कि नमूने सही नहीं लिए गए. डीएनए, सीमन से लेकर अन्य जो नूमने लिए गए वो CBI ने खुद सील किए, इन सैंपल को डॉक्टरों को सील करना चाहिए था. साथ ही दलील दी कि सीबीआई ने जांच के दौरान 100 ज्यादा लोगों के ब्लड सैंपल लिए लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया. जबकि आरोपी नीलू को गिरफ्तार करने के बाद बल्ड सैंपल लिये. दलील ये दी गई कि CBI ने ठोस सबूत के बिना ही अनिल ऊर्फ नीलू को गिरफ्तार किया. उसके बाद पूरे साक्ष्य इकट्ठे किए गये. नीलू को फंसाने और अन्य किसी अपराधी बचाने के लिए सारे सबूतों का जखीरा खुद ही तैयार किया.

आरोपी पक्ष के वकील एमएस ठाकुर ने कई दलीलें पेश की, CBI की ओर से पेश हुए वकील की दलील थी कि जांच पूरी तरह से सही है और हर पहलू को ध्यान में रख कर सैंपल लिए गए हैं. इस दौरान दोनों पक्षों में जबरदस्त बहस हुई. ऐसे कई मौके आए जब CBI के पास कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं था. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने बाद सुनवाई की अगली तारिख 28 अप्रैल तय की. अब 28 अप्रैल को इस मामले में फैसला आएगा. आरोपी को सुबह करीब साढ़े 9 बजे अदालत लाया गया, दोपहर करीब पौने तीन बजे केस की सुनवाई शुरू हुई और एक घंटे से ज्यादा तक सुनवाई चली.

जुलाई 2017 का मामला
बता दें कि शिमला जिले के कोटखाई के महासू स्कूल की दसवीं की छात्रा 4 जुलाई 2017 को स्कूल से आने के बाद अचानक लापता हो गई थी. दो दिन बाद 6 जुलाई को उसकी लाश शव दांदी के जंगल में नग्न अवस्था में मिली थी. फॉरेंसिक रिपोर्ट में छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या की बात सामने आई थी. शुरूआत में शिमला पुलिस ने इसकी जांच की थी. गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज किया था और पांच आरोपी भी गिरफ्तार किए थे. एसआईटी जांच से जनता संतुष्ट नहीं थी और सरकार ने CBI जांच की सिफारिश की थी. ये पांचों आरोपी बाद में बेल पर छोड़ दिए गए थे और सीबीआई की ओर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.

एक संदिग्ध आरोपी की मौत

18 जुलाई 2017 को कोटखाई थाने में एक आरोपी की संदिग्ध मौत के बाद जनाक्रोश भड़का और कई स्थानों पर उग्र प्रदर्शन हुए. केंद्र की ओर CBI जांच को लेकर स्थिती स्पष्ट नहीं हो पाई. इस बीच प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिती बिगड़ते देख सरकार CBI जांच को लेक हाईकोर्ट गई और कोर्ट ने CBI को जांच करने के आदेश जारी किए थे. CBI ने इस मामले में 13 अप्रैल 2018 को एक नीलू नामक एक चिरानी को गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ जुलाई 2018 में कोर्ट में चालान पेश किया था.
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