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Shimla News: धंसजे रिज को बचाने के लिए संजीदा नहीं भाजपा समर्थित MC, फिर की लीपापोती

Shimla News: धंसजे रिज को बचाने के लिए संजीदा नहीं भाजपा समर्थित MC, फिर की लीपापोती

Shimla News: नगर निगम मेयर सत्या कौंडल ने बताया कि पक्का डंगा लगाने के लिए आचार संहिता के हटते ही परमिशन मिल जाएगी. फिलहाल, बारिश को देखते हुए रिज पर दरारों को भरने के लिए कार्य किया जा रहा है. रिज को बचाने के लिए पूरा अस्टीमेट तैयार है.

Shimla News: नगर निगम मेयर सत्या कौंडल ने बताया कि पक्का डंगा लगाने के लिए आचार संहिता के हटते ही परमिशन मिल जाएगी. फिलहाल, बारिश को देखते हुए रिज पर दरारों को भरने के लिए कार्य किया जा रहा है. रिज को बचाने के लिए पूरा अस्टीमेट तैयार है.

Shimla News: नगर निगम मेयर सत्या कौंडल ने बताया कि पक्का डंगा लगाने के लिए आचार संहिता के हटते ही परमिशन मिल जाएगी. फिलहाल, बारिश को देखते हुए रिज पर दरारों को भरने के लिए कार्य किया जा रहा है. रिज को बचाने के लिए पूरा अस्टीमेट तैयार है.

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शिमला. हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में धंसते रिज को बचाने के लिए रिटेनिंग वॉल लगाई जानी है. यह वैज्ञानिक भी रिपोर्ट दे चुके हैं कि इसी वॉल के लगने से रिज को बचाया जा सकता है. इसमें जितनी देरी करेंगे, उतना ही रिज को खतरा बढ़ता जाएगा. लेकिन नगर निगम ने फिर से इसमें लीपापोती करने का काम शुरु कर दिया है. इसके लिए एक बार फिर पत्थर बिछा दिए गए हैं, मगर फिर से सवाल वहीं खड़ा हो गया है कि कच्चा काम करने की बजाए नगर निगम इस डंगे को पक्का क्यों नहीं कर रहा है.

नगर निगम ने पक्के डंगे को लगाने के लिए सरकार से परमिशन मांगी थी. सरकार को पत्र लिखे हुए नगर निगम को करीब तीन माह का समय हो गया है, मगर ना तो अभी तक सरकार ने पत्र का कोई जबाव दिया और ना निगम ने खुद अभी तक उसका पता किया. जबकि डंगे के ऊपर फिर से परत बिछाने के लिए निगम दोबारा से खर्चा कर रहा है. अब तक कई बार इसमें पैसा खर्च किया जा चुका है, मगर स्थाई समाधान केवल कागजों तक ही सीमित है.
धंसते रिज को बचाने के लिए एमसी ने फिर की लीपापोती
नगर निगम ने करीब डेढ़ माह पहले रिज पर पड़ी दरारों पर को भरने का काम किया था. इसमें दरारों के बीच कई जगहों पर पत्थर और मिट्टी भरी गई थी. इस काम में करीब एक सप्ताह का समय लगा था. डंगे की दरारों में सीमेंट भी भरा गया था. मगर इन दरारों भरने के कुछ ही दिन बाद इसमें ज्यादा बड़ी दरारें आ गई थी. यह दरारें अभी भी साफ दिखाई दे रही है. इन्हीं दरारों को अब फिर से भरने के लिए निगम कार्य कर रहा है. मगर अब इससे और दरारें बढ़ सकती है. दरारों में पानी भरने से यह और गहरी होती जाएंगी, जिससे निगम के लिए परेशानी भी बढ़ती जाएगी.

शहर में दो दिन से बारिश हो रही है. अब ठंड का सीजन आ रहा है, जिसमें कई-कई दिन तक बारिशें लगातार रहती है. डंगे को पहले भी बारिश के दौरान ही नुकसान हुआ था. ऐसे में अगर फिर से बारिश का दौर शुरू हो जाता है तो मुश्किलें और ज्यादा बढ़ जाएंगी और निगम के लिए रिज को बचाना मुश्किल हो जाएगा. क्योंकि दरारें अब रिज में लगातार बढ़ती जा रही है. जितने ज्यादा हिस्से में दरारें बढ़ेंगी, उतने ही हिस्से को निगम को रिपेयर करना पड़ेगा.ऐसे में निगम को अब लीपापोती करने की बजाए पक्के डंगे को लगाने का कार्य करना चाहिए.

आचार संहिता हटते ही एफसीए अनुमति की है उम्मीद
नगर निगम मेयर सत्या कौंडल ने बताया कि पक्का डंगा लगाने के लिए आचार संहिता के हटते ही परमिशन मिल जाएगी. फिलहाल, बारिश को देखते हुए रिज पर दरारों को भरने के लिए कार्य किया जा रहा है. रिज को बचाने के लिए पूरा अस्टीमेट तैयार है. टेंडर भी कर दिए गए हैं. जैसे ही परमिशन आएगी, पक्का काम शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस कार्य को शुरू करने के दौरान कुछ पेड़ भी चपेट में आ रहे हैं. इसके लिए एफसीए केस सरकार के पास भेजा गया है और उम्मीद जताई जा रही है कि आचार संहिता हटते ही अनुमति मिल जाएगी और काम जल्द शुरू किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इसके अलावा ट्री कमेटी ने 300 खतरनाक पेड़ों के मामले भी सब कमेटी को भेजे हैं, जिन पर अनुमति मिलना बाकी है.

Tags: Himachal pradesh, Shimla News

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