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JEE Mains-2020: सार्थक दीवान बने हिमाचल टॉपर, सोशल मीडिया से दूरी ने दिलाई सफलता
Shimla News in Hindi

Reshma Kashyap | News18 Himachal Pradesh
Updated: January 20, 2020, 12:55 PM IST
JEE Mains-2020: सार्थक दीवान बने हिमाचल टॉपर, सोशल मीडिया से दूरी ने दिलाई सफलता
शिमला के सार्थक.

JEE Mains 2020: सार्थक ने कहा कि यहां तक पहुंचने के लिए दो साल तक फेसबुक और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी. मोबाइल का इस्तेमाल केवल अपनों से बात करने के लिए किया.

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शिमला. दो साल की कड़ी मेहनत के बाद जेईई मैन्स-2020 (JEE Mains 2020) के परीक्षा परिणाम में शिमला (Shimla) के सार्थक दीवान हिमाचल (Himachal Pradesh) के टॉपर बने हैं. इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित परीक्षा में सार्थक दिवान ने 99.96 फीसदी अंक हासिल किए हैं. वह शिमला के संजौली के रहने वाले हैं. सार्थक के माता-पिता आईजीएमसी में चिकित्सक हैं. सार्थक ने मुकाम हासिल करने के लिए जहां रात-दिन पढ़ाई की. वहीं, सोशल मीडिया से दो साल तक पूरी तरह से दूरी बनाई रखी. परीक्षा की तैयारी के लिए कोटा के एक कोचिंग सेंटर से नोट्स लिए और घर पर ही पढ़ाई की.

फेसबुक और सोशल मीडिया से दूरी
सार्थक ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता और शिक्षकों को दिया और कहा कि उन्हें माता पिता का पूरा सहयोग मिला और पूरी लगन से परीक्षा की तैयारी की. उन्होंने कहा कि सोचा नहीं था कि वे हिमाचल में टॉपर बनेंगे. जब रिजल्ट आया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. सार्थक ने कहा कि यहां तक पहुंचने के लिए दो साल तक फेसबुक और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी. मोबाइल का इस्तेमाल केवल अपनों से बात करने के लिए किया.

इतने घंटे तक पढ़ाई

वह छह से सात घंटे पढ़ाई करते हैं. कंप्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल स्टडी मैटीरियल जुटाने को किया. पूरा समय अपनी पढ़ाई को दिया. उन्होंने कहा कि पूरी लगन के साथ पढ़ाई करेगे तो कोई भी मुकाम हासिल कर सकते हैं. सार्थक कम्प्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते है. वह आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करना चाहते हैं.

यह बोले सार्थक
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सार्थक एक ही संदेश देना चाहते हैं कि छात्र अपनी पढ़ाई और फोकस करें और छोटी- छोटी हार से निराश ना हों. हर जगह से स्टडी मटीरियल ना जुटा कर स्टडी मैटीरियल ऐसा जुटाएं जो कोर्स से संबंधित हो और उसे पढ़कर ही परीक्षा दें. सार्थक के माता-पिता दोनों ही आईजीएमसी में डॉक्टर है. लेकिन सार्थक ने मेडिकल की फील्ड छोड़ कर इंजीनियरिंग में कैरियर बनाने की सोची, जिसमें माता-पिता का पूरा सहयोग मिला.
परिजनों के साथ सार्थक.
परिजनों के साथ सार्थक.


यह बोले माता-पिता
उपलब्धि पर उनके माता-पिता भी बेहद खुश हैं. सार्थक की माता डॉ. दीपा दीवान ने बेटे की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है और बेटे को आगामी परीक्षा के लिए शुभकामनाएं भी दी. पिता डॉ. योगेश दीवान ने कहा कि उन्हें इतना यक़ीन था कि सार्थक इस परीक्षा में अच्छा करेगा, लेकिन यह नहीं सोचा था कि वह प्रदेश में टॉप करेगा. वह अपने बेटे की इस उपलब्धि पर बेहद खुश है. सार्थक का लक्ष्य बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंक लाने के साथ ही अब जेईई एडवांस परीक्षा में अच्छे अंक लेकर देश के बेहतरीन आईआईटी में प्रवेश पाना है.

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First published: January 20, 2020, 12:51 PM IST
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